उत्पत्ति 11:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और तेरह के जन्म के पश्चात् नाहोर एक सौ उन्नीस वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे-बेटियाँ उत्‍पन्‍न हुईं।

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उत्पत्ति 11:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 11:25 का परिचयात्मक इतिहास, संदर्भ और प्रेरक पाठ

इस पद में कथा-परिवार के आगे बढ़ते क्रम का एक और द्वार खुलता है: नाहोर जीवित रहते हुए एक सौ उन्नीस वर्ष तक जीवित रहा और उनके पुत्र-पत्नी-बच्चों की गिनती बढ़ती चली। यह विशेष रूप से उस समय के मानव-जीवन की विशालता और पीढ़ी-क्रम के क्रम को दर्शाता है, पर साथ ही यह संकेत करता है कि परमेश्वर के निर्णयों के अनुसार जीवन की माधुर्यता और पृथ्वी पर मानवीय प्रगति भी जारी रहती है।

ईश्वर और आस्था के बारे में पाठ की सीख

यह वाक्य भी बताता है कि परमेश्वर जीवित रहने और परिवार के जन्म-जनन से जुड़े संसार के चक्र को मानते हैं। नाहोर की आयु का उल्लेख मानव जीवन के आयाम को दर्शाता है—कि जीवन का वितरण और पीढ़ियों का क्रम परमेश्वर के नियंत्रण में है, और हर नई पीढ़ी आस्तिक जीवन के मानक को बढ़ाती है। साथ ही यह स्मरण दिलाता है कि भले ही घटनाओं के क्रम में समय आगे बढ़ता है, ईश्वर के वादे और स्थितियाँ स्थिर रहते हैं।

महत्वपूर्ण शब्दों और छवियों की स्पष्टता

  • ": एक दीर्घायु जीवन का संकेत, जो यह दर्शाता है कि परमेश्वर के उद्देश्य मानव-जीवन के लिए स्थिर और स्पष्ट रहते हैं।
  • ": पीढ़ी का विस्तार, जिसे परमेश्वर ने संसार के क्रम में अवश्य किया है; यह परिवार-सम्बन्धों के अनन्तता के संकेतक हैं।

अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसे

कृपया इन संदर्भों पर विचार करें जहां परिवार, जीवन की आयु और परमेश्वर की योजनाओं का विषय संलग्न है:

  • उत्पत्ति 5: पूर्वजों की आयु और उन पर पड़ने वाला प्रभाव — यह एक सामान्य अवलोकन देता है कि दीर्घायुता किस प्रकार परिवारिक इतिहास को आकार देती है।
  • उत्पत्ति 9: आदमी के जीवन की प्रकृति और आशीर्वाद — परमेश्वर के आशीर्वाद और जीवन के दीर्घकालिक क्रम का उल्लेख।
  • हबकूक 2:4 और रोम 4:17-18 — विश्वास के प्रसार और आस्था के दृढ़ संकल्प के संदर्भ; भविष्य की आशाओं से जुड़ा संदेश।

इन क्रॉस-रेफरेंसेस में जीवन के क्रम, आशीष और परमेश्वर के उद्देश्य के बीच का संबंध स्पष्ट होता है।

आज के समय में अनुप्रयोग

- परिवार की वृद्धि और जीवन की लंबाई का संकेत हमें यह याद दिलाता है कि हमें ईश्वर द्वारा दिए गए समय और अवसरों की कीमत समझनी चाहिए।

- हर पीढ़ी के लिए आशीष का प्रभाव बना रहता है; बच्चों, पोते-पोतियों के साथ एकसाथ विश्वास, परामर्श और वाणी-नीति साझा करें।

- कठिन समय में भी परमेश्वर के नियंत्रण में रहने की आस्था बनाए रखें; जीवन की उम्र चाहे कितनी भी हो, उद्देश्य से भरा हुआ है और ईश्वर के नियोजित मार्ग पर चलते रहने से ही मन शांति पाता है।

सरल सार

उत्पत्ति 11:25 से हमें यह समझ में आता है कि परमेश्वर मानव इतिहास में क्रम बनाये रखता है—जीवन, परिवार और आशीष का प्रवाह निरंतर चलता रहता है, ताकि हर पीढ़ी अपनेपन और विश्वास के साथ परमेश्वर के उद्देश्य को आगे बढ़ाए।

नोट: इस विश्लेषण में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों से मिलते-जुलते कुछ उपदेश संदर्भित हैं, और जहाँ आवश्यक रहा है वहाँ संक्षिप्त उद्धरणात्मक स्पर्श जोड़ा गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 11:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

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