उत्पत्ति 11:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अब्राम और नाहोर दोनों ने विवाह किया। अब्राम की पत्‍नी का नाम सारै, और नाहोर की पत्‍नी का नाम मिल्का था। यह उस हारान की बेटी थी, जो मिल्का और यिस्का दोनों का पिता था।

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उत्पत्ति 11:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

पाठ का संक्षेप एवं संदर्भ

उत्पत्ति 11:29 में अब्राम (जो बाद में अभ्राम/अब्रहाम कहलाए) और नाहोर की विवाह-जीवन की बात दिखाई देती है। यहाँ सारै और मिल्का की शादी का उल्लेख है—सारै अब्राम की पत्नीकथा में एक प्रमुख नाम है, और मिल्का यिस्का की बहन नहीं, बल्कि हारान की बेटी के रूप में प्रस्तुत है जो मिल्का और यिस्का दोनों के पिता हारान के वंशज थे। यह verse परिवार-व्यवस्था और पूर्वजों के रिश्तों की पृष्ठभूमि देता है जिससे यह स्पष्ट होता है कि पैंतरेदार सामाजिक-गतिशीलता के साथ वे एक ही परिवार-समूह के भीतर विवाह-संबंदों को आगे बढ़ाते हैं।

पाठ के भीतर मुख्य विचार

इस वाक्य में दो मुख्य तथ्य उभरते हैं: (1) अब्राम और नाहोर के विवाह का उल्लेख—यह एक सामान्य मानवीय क्रिया है जिसमें परमेश्वर के चयनित विश्वासी परिवारों के बीच स्थिर संबंध बनते हैं। (2) सारै और मिल्का का नाम, जो हारान के पुत्र कुटुम्ब के भीतर जन्म-परिवार से जुड़ा है। यह विवरण यह संकेत देता है कि मिस्र-यात्रा से पहले ही देव-परिवार के सदस्य एक-दूसरे के साथ जीवन-संबंधों को मजबूत करते हैं, जो आगे चलकर ईश्वर के चुनावी योजना के लिए आवश्यक सामाजिक-परिवार-आधार बनाते हैं।

मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा

इस वाक्य से तीन रूपक शिक्षाओं पर विचार किया जा सकता है:

  • विश्वासजनित परिवार-बंधन: परमेश्वर के लिए जो लोग जीवन-संदेश ले कर चलते हैं, उनके बीच सम्बन्ध स्थिरता और सहयोग का स्रोत बनते हैं।
  • परिवार-संलग्नता और दायित्व: विवाहों के द्वारा परिवार का नेटवर्क मजबूत होता है; यह परिवार को प्रसन्न और सुरक्षित बनाते हैं, जो कि पूर्वगामी आशीर्वाद के मार्ग में मदद करता है।
  • पश्चिमी-आकृति से पूर्व की नीति: इस चरित्र-विवरण में यह संकेत है कि पूर्वजों के माध्यम से इतिहास का मोड़ बनता है और नई पीढ़ियाँ परवरिश पाती हैं।

अनुरूप तुलना: सम्बद्ध बाइबलीय पाठ

- उत्पत्ति 4:17-22 में यह दिखता है कि मानव-वंश आगे बढ़ता है और परिवार-घटनों के बीच संबंध बनते हैं।

- उत्पत्ति 24:3-4, 60 में यह संकेत मिलता है कि बंधुत्व और विवाह-सम्बंध के नियम और आशीर्वाद कैसे परिवार-योजना में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

इन संदर्भों का एक ही ध्येय है कि परमेश्वर अपने लोगों के जीवन-घटनों के साथ करीबी रिश्तों को बनाकर उनकी योजनाओं को आगे बढ़ाते हैं।

आवेदन (現न):व्यावहारिक पथ

- परिवार के भीतर सत्य और प्रेम पर आधारित सम्बन्ध बनाएं; एक-दूसरे की आस्तीं बनें और कठिन समय में एक-दूसरे का समर्थन करें।

- विश्वास के अनुयायियों के बीच सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी को समझकर, परिवार के निर्णयों में परमेश्वर के मार्ग को प्राथमिकता दें।

क्रॉस-रेफरेंस और उनके छोटे सार

1) उत्पत्ति 4:17-22 — पिता-स्वरूप और परिवार-वंश की रचनात्मकता। यह दिखाता है कि परिवार के संस्थान कैसे समाज के विकास में भूमिका निभाते हैं।

2) उत्पत्ति 24:3-4, 60 — विवाह-विन्यास और आशीर्वाद का महत्त्व; कैसे परिवार-निर्माण में परमेश्वर की योजना जुड़ी रहती है।

3) मरकुस 10:7-9 — विवाह को एकात्मता के रूप में देखना, जहां दो लोग एक बनते हैं; यह पाठ रिश्तों की एक स्थिरता और ईश्वरीय योजना के साथ संगति का संकेत देता है।

संक्षेप

उत्पत्ति 11:29 परिवार के सामाजिक-आधार को उभारता है। सारै और मिल्का का नाम संकेत देता है कि पूर्वज-परिवार के रिश्ते कैसे नए परिवारों के निर्माण में भूमिका निभाते हैं। यह वाक्य हमें परिवार-जीवन में विश्वास, प्रेम और परमेश्वर-प्रेरित निर्णयों की दिशा में प्रेरित करता है।

महत्वपूर्ण उद्धरण (सदोष):

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सीधे उद्धरण इस पाठ के लिए आवश्यकता अनुसार संकलित नहीं हैं, परन्तु उनके टिप्पणियाँ सामान्य रूप से इस प्रकार की पारिवारिक-आधारिक शिक्षाओं के साथ संगत या समकक्ष विचार प्रस्तुत करती हैं: परिवार-बंधनों की पवित्रता, आशीर्वाद का मार्ग और परिवार-निर्माण के धार्मिक महत्व के बारे में उनके सामान्य विवेचनात्मक स्वर।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 11:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

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फिर परमेश्‍वर ने अब्राहम से कहा, “तेरी जो पत्‍नी सारै है, उसको तू अब सारै न कहना, उसका नाम सारा* होगा।

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इन बातों के पश्चात् ऐसा हुआ कि अब्राहम को यह सन्देश मिला, “मिल्का के तेरे भाई नाहोर से सन्तान उत्‍पन्‍न हुई हैं।”

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उत्पत्ति 20:12 (HINIRV) »
इसके अतिरिक्त सचमुच वह मेरी बहन है, वह मेरे पिता की बेटी तो है पर मेरी माता की बेटी नहीं; फिर वह मेरी पत्‍नी हो गई।

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