उत्पत्ति 26:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अतः इसहाक वहाँ से चला गया, और गरार की घाटी में अपना तम्बू खड़ा करके वहाँ रहने लगा।

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उत्पत्ति 26:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थपूर्ण सार: उत्पत्ति 26:17

इसहाक गरार की घाटी में से निकल कर वही स्थान छोड़ कर, गरार की घाटी में अपना तम्बू खड़ा कर बस गया—यानी वह परिस्थितियों के साथ समझौता नहीं करता, बल्कि ईश्वर के निर्देश के अनुरूप अपनी राह बनाता है और वहाँ टिकना चुनता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

उत्पत्ति 26 अध्याय इसहाक के जीवन के परीक्षणों को दर्शाता है—आवाज, पानी, फिर्मानों के विरोध और वही संसाधन जो उसके पिता Abram के समय में देखे गए थे। गरार की घाटी वह स्थान है जहाँ उसे दुष्ट आक्रमणों और संगर्षों से बचते हुए स्वतंत्र रूप से निवास करना पड़ा। यह कदम दर्शाता है कि परमेश्वर के वचन पर जीवन जीना कठिन पर भरोसेमंद मार्ग बनाता है।

व्याख्यात्मक दृष्टिकोण

- इसहाक ने पितरों के रास्ते पर चलना चुना। पूर्वजों की स्मृति और परमादेश का पालन करते हुए उसने अपने तम्बू को वही स्थान चुना जो उसे ईश्वर ने आशीषित किया है, न कि अन्यत्र आकर्षण के कारण।

- घाटी में निवास का चयन यह संकेत देता है कि वह आर्थिक-आत्मिक सुरक्षा दोनों की खोज में है: वहाँ पानी, चरागाह और समुदाय के साथ रिश्ते बनाने के अवसर मिलते हैं, जिससे परिवार की स्थिरता बनी रहे।

- ईश्वर की ओर से बारम्बार स्मरण और आशीर्वाद का प्रतिफल यह दर्शाता है कि दृढ़ विश्वास और आज्ञाकारिता से जीवन में स्थिरता आती है।

अनुवादित टिप्पणियाँ और समान विचार

यहाँ हम तीन उल्लेखनीय स्पष्ट विचार रखते हैं:

  • Matthew Henry: यह क्रिया—“तम्बू खड़ा कर लेना”—यह दर्शाती है कि बंधनों के भीतर स्थिरता और परमेश्वर के साथ सामंजस्य बनता है।
  • Albert Barnes: इस बदलाव से यह साबित होता है कि दिव्य मार्गदर्शक के निर्देशों के अनुरोध पर नियन्त्रण और संकल्प बनाए रखना आवश्यक है।
  • Adam Clarke: यह क्रम बताता है कि ईर्ष्या-भरी प्रतिस्पर्धाओं से दूर एक शांत, आशीषित जीवन का चयन किया गया है।

संलग्न क्रॉस-रेफरेंसेस

1) उत्पत्ति 26:22 — इसहाक पुनः पानी के स्रोतों के लिए मार्ग बनाता है; यह दिखाता है कि भरोसा और धैर्य से लाभ मिलते हैं।

2) उत्पत्ति 26:3-4 — पिता के दायरे में आशीष और वंश के लिए देवत्व का वादा फिर से स्मरण होता है।

3) उत्पत्ति 28:3-4 — पूरे परिवार के लिए प्रभु की कसम और आशीर्वाद का विस्तार भविष्य की ओर संकेत करता है।

संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष

परिस्थितियों में आशावाद बनाए रखना और परमेश्वर के निर्देशन के अनुरूप बने रहना एक स्थिर परिवार और आशीष की कुंजी है। हर घड़ी कामकाज के भीतर विश्वास की सुरक्षा बनाई रखना चाहिए; जैसे इसहाक ने घाटी में टिककर देखा, ईश्वर भी उसके लिये रास्ते बनाता रहा।

नोट: इस हिस्से में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण संलग्न हैं, यदि उपलब्ध हों तो ही पाठ में उद्धृत शाब्दिक अंश शामिल किए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 26:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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