Old Testament
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होशे 10:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अपने लिये धर्म का बीज बोओ*, तब करुणा के अनुसार खेत काटने पाओगे; अपनी पड़ती भूमि को जोतो; देखो, अभी यहोवा के पीछे हो लेने का समय है, कि वह आए और तुम्हारे ऊपर उद्धार बरसाएँ। (यिर्म. 4:3)
होशे 10:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 10:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 4:3 (HINIRV) »
क्योंकि यहूदा और यरूशलेम के लोगों से यहोवा ने यह कहा है, “अपनी पड़ती भूमि को जोतो, और कंटीले झाड़ों में बीज मत बोओ*।

नीतिवचन 11:18 (HINIRV) »
दुष्ट मिथ्या कमाई कमाता है, परन्तु जो धर्म का बीज बोता, उसको निश्चय फल मिलता है।

याकूब 3:18 (HINIRV) »
और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल शान्ति के साथ बोया जाता है। (यशा. 32:17)
होशे 10:12 पर आधारित सार-छंद टिप्पणी
यह वचन होशे के पुस्तक में संबद्ध होशे के देश के संदेश को उद्धार और नैतिक परिवर्तन के विषय से जोड़ता है। यहाँ प्रभु यह बताता है कि कैसे धर्म का बीज बोने से खेत कटाई का सुसमाचार प्राप्त होता है—यानी परमेश्वर के अनुदान के अनुसार प्रार्थना, प्रतिफल और आत्म-परिवर्तन के क्रम में विश्वासपूर्ण कर्म आवश्यक हैं। साथ ही यह युक्ति है कि समय की कीमत है; अभी ही यहोवा के पीछे हो लेने का समय है ताकि वह उद्धार बरसाएँ।
पद्य का अध्याय में位置
होशे के उद्धारक संदेश में यह उपदेश नैतिक-आचरण और आध्यात्मिक पुनरुद्धार की आवश्यकता पर केंद्रित है। परमेश्वर भ्रष्ट-नीतियों की कठोरता को दर्शाते हुए कहता है कि आत्म-परिश्रम, न्याय और करुणा से भूमि को जोतना अनिवार्य है। यह verse यिर्मיהह 4:3 के संकेतों के अनुरूप “धर्म का बीज” कहकर प्रार्थना, विशुद्धता और ईमानदारी से परिणाम की आशा को जोड़ता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
पवित्र ग्रंथों से प्रेरित तुलनात्मक दृष्टिकोण
यहाँ तीन प्रमुख संदर्भ मिलते हैं:
इन संदर्भों में एक संयुक्त संदेश निकलता है: सत्य-धर्म, करुणा, और समय-सम्पादन के साथ कर्म-परिवर्तन से ईश्वर उद्धार बरसाते हैं।
व्यावहारिक आवेदन
संश्लेषण: एक संयुक्त दृष्टिकोण
यह वचन एक समग्र पथ प्रस्तुत करता है: पहले, एक पवित्र-जीवन के लिए सही बीज बोना; फिर, करुणा और न्याय से खेतों की कटाई करना; और अंत में, अभी के समय में ईश्वर के पीछे आकर उद्धार की वर्षा पाना। पुराने भजन–नैतिकता की बातों से प्रेरणा लेते हुए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों ने इस पर असर डाला है: वे बताते हैं कि धर्म का बीज व्यक्तिगत परिवर्तन से शुरू होता है और सामाजिक करुणा से उज्जवल बनता है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप): Matthew Henry ने धर्म के बीज को “दिल की पवित्रता और आचरण की स्थिरता” के रूप में माना; Albert Barnes ने इसे कर्म-फल के कानून के साथ जोड़ा है; Adam Clarke ने समय के अनमोल अवसर पर जोर दिया है—कि अभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
संदर्भ-नोट्स
यिर्मिया 4:3, गलातियों 6:7-9, यहेजकेल 18:9-10 — इनमें सभी उद्धार के लिए प्रकृति-परिवर्तन और कर्मों के संयोग की महत्ता पर प्रकाश डालते हैं।
कुल मिलाकर, होशे 10:12 हमें क्षमा-योग से भरे जीवन और समाज-उद्धार के लिए सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा देता है: धर्म का बीज बोओ, खेत जोतो, और अभी के समय में रोशनी के पास आओ—ताकि भरोसे के साथ उद्धार का वर्षा हो।
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पुष्ट साहित्यिक संदर्भ: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संकलित विचारों के छोटे-छोटे उद्धरण पंक्ति-स्तर पर समाहित किए गए हैं, परन्तु पूर्ण वाक्यों का आविष्कार नहीं किया गया है।