यिर्मयाह 16:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“इस स्थान में विवाह करके बेटे-बेटियाँ मत जन्मा*।

पिछला पद
« यिर्मयाह 16:1

यिर्मयाह 16:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 16:2 का संदर्भ– एक संक्षिप्त स्पष्टता

यिर्मयाह के समय ईश्वरीय निर्देशों के पालन और निवेदन में कवच-सी एक चेतावनी है। पवित्र नगरपालिका के अंधेरे में यीशु के भविष्यवक्ता यिर्मयाह को परमेश्वर ने एक असामान्य निर्देश दिया: इस स्थान में विवाह करके बेटे-बेटियाँ मत जन्मा। यह वाक्य सीधे तौर पर सहज जीवन के नियमों से नहीं जुड़ा, बल्कि विशिष्ट ऐतिहासिक-धार्मिक संदर्भ में था। यिर्मयाह 16 में भगवान ने भविष्य के अयोध्या जैसे दुष्कर्मों के लिए अवहेलना और यहूदिया के निवासियों के लिए एक चेतावनी दी। यह निर्देश उस समय के सामाजिक-धार्मिक वातावरण से जुड़ा था और जन-जीवन के सामान्य नियमों से भिन्न आचरण के संकेत देता है।

केंद्रीय अर्थ

इस संदर्भ में “इस स्थान में विवाह करके बेटे-बेटियाँ मत जन्मा” का संदेश परमेश्वर की निशानदेही है—एक विशिष्ट समय के लिए, ताकि देश के लोग वैवाहिक और परिवार-निर्माण के तौर-तरीकों के द्वारा पाप के मार्ग में न जाएँ। यह एक ऐतिहासिक-चेतावनी है, न कि सामान्य विवाह-निषेध। परमेश्वर युवाओं के भविष्य-निर्माण को उनके आस-पास की बुराईयों से सुरक्षित रखने के लिए कुछ अस्थायी नियम देता है; यह विश्वास के मार्ग में होने वाले प्रतिकूल सामाजिक प्रभावों के बारे में है।

तीन प्रमुख विषय

  • इलाका-निर्देशन का समयबद्ध स्वरूप: यह आदेश खास समय के लिए था ताकि आगे के परिदृश्य के कारण लोगों की आत्मा तथा समुदाय बचा रहे।
  • परमेश्वर के खेल-परिवर्तन: धार्मिक-अनुषासन के दौरान अस्थिरताओं से बचाने के लिए संकेत—युवा पीढ़ी का संरक्षित राह पर रहना।
  • धार्मिक साधनों का सही उपयोग: विवाह, परिवार, समुदाय—सभी ईश्वर के निर्देशों के अनुसार चलें, ताकि पाप के अहित से दूर रहा जा सके।

सम्बन्धित आयतें

1) दूसरी वार्ता में परमेश्वर के अनुसार कुछ समय के लिए सामाजिक-जीवन के नियंत्रण के संकेत मिलते हैं—जहां लोगों को अस्थायी रूप से कुछ सामान्य नियमों में ढाला गया। 2) भविष्यवाणियों के आलोक में परिवार निर्माण और समाज-रचना के बारे में निर्देश मिलते हैं जो सीधे-सीधे व्यक्ति-परिवार की आत्म-रक्षा और समुदाय की पवित्रता से जुड़ा है। 3) न्याय और दया के बीच संतुलन का संदेश भी इन पाठों में झलकता है, जहां कठिन निर्णय ईश्वर की ओर से होते हैं और उनके उद्देश्य सामान्य भलाई को सुनिश्चित करना है।

व्यावहारिक विचार

आज के पाठक के लिए इसका एक उपयोगी निष्कर्ष यह है कि कठिन समय और सामाजिक दबाव में भी ईश्वर की दिशा को ध्यान में रखना चाहिए। यह याद दिलाता है कि परिवार-नियमों और समुदाय की मर्यादा बचाने के लिए कभी-कभी अस्थायी कदम लेने पड़ते हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ पथभ्रष्ट न हों। हमारे लिए परमेश्वर के निर्देशन का मूल्य है, न कि केवल बाहरी नियमों की धारणाओं का पालन।

छोटा निष्कर्ष

यिर्मयाह 16:2 एक विशिष्ट समय के लिए परमेश्वर का निर्देश है, जो समाज के उचित तरीके से चलने और पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया था। यह इतिहास के दृश्य में एक चेतावनी के रूप में है—न कि सामान्य नैतिक आदेश के विरुद्ध एक सार्वभौमिक कानून।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त संदर्भ)

1) मत्त 6:33— परमेश्वर के राज्य और उसकी righteousness को पहले रखने का आह्वान। यह मार्गदर्शन बताता है कि जीवन के प्राथमिक सिद्धांत क्या हों।

2) दाऊद की शिक्षा-शक्ति (नीति)— सामान्य नैतिकता और समुदाय की मर्यादा बनाए रखना। यह संदर्भ मानवीय समाज के बनाने की प्रक्रिया के संकेत देता है।

3) यहोशू 24:15— प्रत्येक स्थान पर अपने 하나님 को चुनने की निष्ठा का सिद्धांत।

महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि उपलब्ध हो): इस भाग में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के समानांतर विचारों के कुछ छोटे उद्धरण पाठ में समाहित किए गए हैं, परंतु पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिया गया है। नीचे केवल संकेत हैं—

Matthew Henry: "In times of trial, obedience to divine direction preserves the nation." (सार-सार वक्तव्य, पूर्ण उद्धरण का यहां संक्षेप संस्करण है)

बच्चों के लिए यह विचार कि परमेश्वर ने कभी-कभी दूरी बनाए रखने के संकेत दिए, ताकि समाज पवित्र रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 16:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 19:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 19:14 (HINIRV) »
तब लूत ने निकलकर अपने दामादों को, जिनके साथ उसकी बेटियों की सगाई हो गई थी, समझाकर कहा, “उठो, इस स्थान से निकल चलो; क्योंकि यहोवा इस नगर को नाश करने पर है।” उसके दामाद उसका मज़ाक उड़ाने लगे। (लूका 17:28-29)

लूका 23:29 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 23:29 (HINIRV) »
क्योंकि वे दिन आते हैं, जिनमें लोग कहेंगे, ‘धन्य हैं वे जो बाँझ हैं, और वे गर्भ जो न जने और वे स्तन जिन्होंने दूध न पिलाया।’

लूका 21:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 21:23 (HINIRV) »
उन दिनों में जो गर्भवती और दूध पिलाती होंगी, उनके लिये हाय, हाय! क्योंकि देश में बड़ा क्लेश और इन लोगों पर बड़ी आपत्ति होगी।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें