यिर्मयाह 21:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जो कोई इस नगर में रहे वह तलवार, अकाल और मरी से मरेगा; परन्तु जो कोई निकलकर उन कसदियों के पास जो तुमको घेर रहे हैं भाग जाए वह जीवित रहेगा, और उसका प्राण बचेगा।

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यिर्मयाह 21:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयह 21:9 पर निहित मुख्य विचार

यिर्मयाह 21:9 में उन लोगों के चयन की चुनौती है जो यह नगर छोड़कर निर्भय होकर निकल सकते हैं—जो लोग सुरक्षित रहने के लिए नगर के विरुद्ध रहने वाले अंगरक्षक-कटु योजनाओं के पास भागते हैं, उनके लिए जीवन बच सकता है, जबकि भीतर रहने वालों की स्थिति तलवार, अकाल और रोग से बुरी हो जाएगी। यहाँ मुख्य बात यह है कि परमेश्वर का आह्वान समय-सीमित और विवेकपूर्ण निर्णय मांगता है: भागना और जीवित रहना उस समय की परिस्थितियों में प्रभु की रक्षा के अनुरोध के अनुरूप है, लेकिन यह भी स्पष्ट करता है कि आंतरिक विश्वास और दृढ़ता से टिके रहने में अस्थायी सुरक्षा नहीं है अगर वह परमेश्वर की योजना के विरुद्ध जा रहा हो।

साहित्यिक संदर्भ

यह वाक्य यिर्मयाह के समय की आपदा-घटना से जुड़ा है जब नगर यरूशलेम पर तबाही मँडरा रही थी। पवित्र कबूतर-सी स्थिति में, यरूशलेम के भीतर रहने वालों के लिए भगवान की एक गंभीर चेतावनी है—नगर छोड़कर बाहर भागना उसी सुरक्षा की राह हो सकती है जो भगवान के प्रति विश्वास के अनुसरण से जुड़ी है।यिर्मयाह के अन्य भागों में भी नगर-उद्धार और परीक्षण के समय विश्वास की ताकत पर जोर मिलता है; बाहर भागना और भीतर टिकना दोनों स्थितियों में परमेश्वर की तैयारी और निर्देशों पर निर्भर है।

धार्मिकार्थिक महत्त्व

  • विश्वास-विवेक: कुछ परिस्थितियों में सुरक्षा के लिए साहसपूर्वक निर्णय लेना पड़ता है—परमेश्वर के निर्देशों के अनुरूप बाहर जाना या भीतर टिकना—ताकि परमेश्वर की योजना बनी रहे।
  • निश्‍चित निर्णय की आवश्यकता: यह verse निर्णायक समय से जुड़ा है, जब विकल्प स्पष्ट होते हैं और किस दिशा में जाना है—यह जीवन-या-मृत्यु का प्रश्न बन जाता है।
  • प्रभुत्व की योजना: परमेश्वर अपने चयनों के लिए सही मार्ग दिखाते हैं; चाहे भीतर रहें या बाहर जाएँ, उनका उद्देश्य यह है कि उनकी योजना पूरी हो और उसके अनुसार प्रजा सुरक्षित रहे।

अन्य शास्त्रीय संदर्भों से सम्बन्ध

यिर्मयाह के संदेश में बाहर निकलना और भीतर टिकना दोनों प्रकार के निर्णायों का संकेत हैं, जो अन्य स्थानों में भी प्रभु की सुरक्षा, विश्वास और प्रेषणीयता के विचारों से जुड़ते हैं:

  • यशायाह/यशायाह 26:20-21 के प्रतीकात्मक आह्वान में प्रवेश-द्वार और सुरक्षा का संकेत दिखता है कि किस प्रकार परमेश्वर अपने लोगों को समय-समय पर निर्देशित करते हैं।
  • 1 पतरस 1:6-7 में विश्वास की परीक्षा के समय आनन्द-युक्त धैर्य का महत्त्व स्पष्ट है; चाहे बाहर राहत मिले या भीतर टिके रहें, इमानदारी से परमेश्वर पर निर्भरता जारी रहती है।
  • यहोशू 1:9 में साहस और रीढ़ जैसी दृढ़ता का संदेश आता है—अपने दायित्वों के अनुसार कदम उठाने से परमेश्वर की सहायता मिलती है।

सोचने और चिंतन करने के सवाल

  • कब हमें पलटकर भागना चाहिए, और कब मैदान में टिके रहने की माँग है?
  • क्या भीतर रहने के पीछे डर है या परमेश्वर की योजना के अनुरूप सदैव विश्वासी बने रहने की प्रतिबद्धता?
  • इन परिस्थितियों में हमारा पहला वाक्य कौन-सा है—विश्वास के अनुसार भागना या भरोसे के साथ टिकना?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 21:9 हमें यह सिखाता है कि आपदा के समय भी निर्णय परमेश्वर के आदेशों के अनुसार लेने चाहिए। सुरक्षित रहने के लिए कदम उठाने का निर्देश तब हुआ जब यह नगर घिरा था; यह एक गहरे आध्यात्मिक तथ्य की ओर संकेत करता है—विश्वास, विवेक और परमेश्वर की योजना के अनुसार चाल चलना। हर स्थिति में प्राणी की सुरक्षा परमेश्वर की रचना-योजना के भीतर है, चाहे भीतर टिकना हो या हलचल भरे मार्ग पर निकलना।

क्लासिकल उद्धरण (संक्षेप)

यदि आप चाहें, इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संकलित विचारों के संक्षिप्त, नियंत्रित उद्धरण दिए जा सकते हैं। फिलहाल नीचे उल्लेखित शास्त्रीय टिप्पणीकारों के पूर्ण उद्धरणों का संदर्भ केवल आवश्यक पहचानों के साथ दिया गया है:

- Henry, Barnes, Clarke के छोटे-छोटे बिंदुओं पर विचार करने योग्य हैं। यदि आप चाहें, मैं इन पहचानों से संक्षेप में उद्धरण भी दे सकता/सकती हूँ।

Cross-References

यिर्मयाह 21:9 से जुड़े कुछ संकेतक क्रॉस-रेफरेंसेस: यशायाह और 1 पतरस में विश्वास के परीक्षण और निर्णय की प्रकृति पर प्रकाश डालते हैं; यहोशू 1 के साहस और निर्देशन के प्रतीक भी हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 21:9 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यिर्मयाह 38:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 38:2 (HINIRV) »
“यहोवा यह कहता है कि जो कोई इस नगर में रहेगा वह तलवार, अकाल और मरी से मरेगा; परन्तु जो कोई कसदियों के पास निकल भागे वह अपना प्राण बचाकर जीवित रहेगा।

यिर्मयाह 39:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 39:18 (HINIRV) »
क्योंकि मैं तुझे, निश्चय बचाऊँगा*, और तू तलवार से न मरेगा, तेरा प्राण बचा रहेगा, यहोवा की यह वाणी है। यह इस कारण होगा, कि तूने मुझ पर भरोसा रखा है।'”

यिर्मयाह 45:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 45:5 (HINIRV) »
इसलिए सुन, क्या तू अपने लिये बड़ाई खोज रहा है? उसे मत खोज; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि मैं सारे मनुष्यों पर विपत्ति डालूँगा; परन्तु जहाँ कहीं तू जाएगा वहाँ मैं तेरा प्राण बचाकर तुझे जीवित रखूँगा।”

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