यिर्मयाह 30:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“इसलिए हे मेरे दास याकूब, तेरे लिये यहोवा की यह वाणी है, मत डर; हे इस्राएल, विस्मित न हो; क्योंकि मैं दूर देश से तुझे और तेरे वंश को बँधुआई के देश से छुड़ा ले आऊँगा। तब याकूब लौटकर, चैन और सुख से रहेगा, और कोई उसको डराने न पाएगा।

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यिर्मयाह 30:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 30:10 पर नया भाव: भय मुक्त उद्धार की आशा

यह वचन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रभु के उद्धारकारी उद्देश्य को इस्राएली इतिहास के भयंकर अंधकार के बीच उजागर करता है। परमेश्वर declares— भविष्य के भय और बंधन के बीच भी— “मत डर; विस्मित न हो”। यह दया और सुरक्षा की गारंटी है, जो दासत्व के बाद भी Yahweh के पुनःस्थापना-कार्य का भाग है। यह पाठ हमें न केवल ऐतिहासिक उद्धार की याद दिलाता है, बल्कि हर युग के दुखी मनुष्यों के लिए भी प्रोत्साहन बनता है कि परमेश्वर अपने लोगों को छोड़ते नहीं हैं और उनके अतीत के पापों के बावजूद उन्हें नया होड़ देते हैं।

पार्श्वभूमि और मूल सन्देश

यिर्मयाह भविष्यवक्ता ने Babylonia के कब्ज़े के समय इस्राएलियों को तितर-बितर होते देखा। यह न्याय की मार के साथ-साथ एक आशा-चिह्न भी है: यहूदियों के वनवास के शुरूआती चरणों में भी ईश्वर के उद्धारकर्ता-योजना की गवाही बारम्बार बनी रही। इस पाठ में ईश्वर कहता है कि वह दूर देश से उन्हें छुड़ाएगा, और finally यह यातना समाप्त हो जाएगी। याकूब (इस्राएल) लौटेगा, चैन और सुख पाएगा— यह एक नयी प्रकृति की स्थापना का संकेत है।

इस पंक्ति में तीन मुख्य विचार प्रकट होते हैं: चिंता विधवा नहीं होती, डर दूर होता है, और अस्थायी दासत्व के बाद पुनर्स्थापनā आता है। परमेश्वर अपने लोगों को याद दिलाते हैं कि भय के कारण वे न मानो कि वे निर्दय हो चुके हैं; नहीं, उनकी उद्धारकर्मी कृपा अभी भी सक्रिय है।

प्रमुख संदेश

  • डर को दूर करना: God calls his people to enfrentar trials with trust, क्योंकि वह शरण देता है।
  • उद्धार का निर्धारित समय: दूर देश से छुड़ाने की वाचा एक निर्णायक क्रिया है, जो Yahweh के स्थिर विश्वसनीयता को दर्शाती है।
  • नई अवस्था और शांति: लौटना, चैन और सुख— यह प्रतीक है कि ईश्वर के राज में भय की सत्ता निष्फल हो जाती है।

कथा-संदर्भ से संबद्ध विचार

यिर्मयाह के संदेश में यह उद्धार-कीवदंती छोटे-छोटे उपदेशों के साथ जुड़ी है: परमेश्वर की विचारणा में दया, धर्मी न्याय और पाप की परिणति के बावजूद कभी-न-छोड़ा जाना। यह संदेश याकूब के युग तक सीमित नहीं, बल्कि उन सभी के लिए है जो अंधकार में हैं और जिन्हें बाहर निकालना है।

अनुसंगत क्रॉस-रेफरेंसेस

1) एतपयोगी संदर्भ: यह वचन पुराने वचन में God की उद्धार-योजना के निरंतर होने का प्रमाण देता है; उदाहरण के लिए इब्रानी शास्त्रों में भी उद्धार की निरंतरता पर बल है।

2) अन्य भविष्यवाणियाँ: ऐसे समयों की despondency के बीच भी God के साथ पुनःस्थापना के वादे मिलते हैं, जो नए समझ की दृष्टि से श्रद्धालुओं को स्थिर करते हैं।

3) איש-प्रेरणा: दुःख और दासत्व के समय में भी भरोसा बनाये रखने के लिए क्रोध-प्रवणता के नहीं— बल्कि God की कृपा का आश्वासन विश्वासयोग्य बनाता है।

वैश्विक आध्यात्मिक अनुपात

यह पाठ हमारे आत्मिक डर को चुभता है— किसी भी प्रकार के भय में भयभीत न होने के लिए दृढ़ विश्वास की आवश्यकता। भय से मुक्त जीवन का आधार है— परमेश्वर के वचन का विश्वास और उसकी सहायता।

आखिरी ध्यान-योग

यिर्मयाह 30:10 हमारे लिए एक अनुपम संदेश है: क्लेश के बीच भी ईश्वर की नजर और उसकी शक्ति बनी रहती है। हम अंदर की चिंता से मुक्त होकर—जब यहूदी लौटे और शांति पाते थे— वैसे ही अपने जीवन में भी दासत्व के बंधनों से निकलकर नई जिंदगी की शुरुआत कर सकते हैं।

संक्षिप्त संकेत-रेखाएं

Cross-references से जुड़ी संक्षिप्त व्याख्या:

  • कभी-कभी पाप के बाद भी उद्धार का समय आता है— यह विश्वास को मजबूत करता है।
  • याद रखें: भय-रहित जीवन का आधार परमेश्वर की कृपा पर है।
  • आत्म-सत्य के साथ पुनर्स्थापना का मार्ग खुलता है— जो स्थिर विश्वास को बढ़ाता है।

संक्षिप्त देवotional विचार

जब जीवन में दूर देश जैसे अनुभव आते हैं और भय घेर लेता है, तब भी परमेश्वर कहता है: डर मत। उसकी शांति और सुरक्षा आपके साथ है। याद रखें— वह जो दासों को भी फिर से लेकर आता है, वह आज भी अपने लोगों को बुलाकर चैन और सुख देता है।

— मैथ्यू हेन्री, आदि के कुछ मौलिक विचारों के अनुरूप, यह संदेश एक स्थिर, भरोसेमंद उद्धार की याद दिलाता है: परमेश्वर अपने वचन के अनुसार ही परिपूर्णते देता है।

उद्धरण के लिए: “मत डर; … विस्मित न हो” (यिर्मयाह 30:10)— यह संकेतिक वाक्यांश, जो कई पुराने टिप्पणीकारों के समानार्थी विचारों को सामने लाता है, को ध्यान में रखें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 30:10 समानांतर पद और संबंधित वचन

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“परन्तु हे मेरे दास याकूब, तू मत डर, और हे इस्राएल, विस्मित न हो; क्योंकि मैं तुझे और तेरे वंश को बँधुआई के दूर देश से छुड़ा ले आऊँगा। याकूब लौटकर चैन और सुख से रहेगा, और कोई उसे डराने न पाएगा।

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मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊँगा, और पश्चिम से भी इकट्ठा करूँगा। (यहे. 36:24, जक. 8:7)

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तेरा कर्ता यहोवा, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया और तेरी सहायता करेगा, यह कहता है: हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुने हुए यशूरून, मत डर!

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