यिर्मयाह 38:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अतः एबेदमेलेक उतने पुरुषों को साथ लेकर राजभवन के भण्डार के तलघर में गया; और वहाँ से फटे-पुराने कपड़े और चिथड़े लेकर यिर्मयाह के पास उस गड्ढे में रस्सियों से उतार दिए।

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यिर्मयाह 38:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 38:11 — immediate setting

यह पद ओतने समय की कथा को बताता है जब इब्राहीमी न्याय-यातनाओं के बीच यिर्मयाह को एक गड्ढे में डालकर सुरक्षित रखने के लिए एबेदमेलेक और उसके साथियों ने तलघर में रस्सी से नीचे उतारा ताकि वे उसे ताजा-कान ढाल न दें। यह घटना यिर्मयाह के दृढ़ विश्वास की परीक्षा और वह दया का संकेत है जो परमेश्वर के लोगों के लिए दिया गया था।

ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से मिलने वाले संकेत

यह पाठ स्पष्ट करता है कि विश्वास कठिन समय में भी जीवित रहता है। परमेश्वर के भविष्यवक्ता की रक्षा के लिए साधन, भले ही वे लोग विपरीत परिस्थितियों में हों, उपलब्ध हो सकते हैं। अभिराम रूप से, यह कदम यह दिखाता है कि परमेश्वर का समर्थ हाथ बाह्य परिघटनाओं से ऊपर है; वह अपने दत्त-प्रवचनों को पूरा करता है भले ही वे कब और कैसे पूरे हों, जब मानवीय विकल्प सीमित पड़ जाते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

  • गड्ढा— यहाँ एक गहरे रौद्र स्थान की चिह्नात्मक तस्वीर है, जहाँ यिर्मयाह को डालकर उसे मारने से बचाने का tumultuous प्रयास किया गया। यह निष्कर्ष देता है कि दुष्ट योजनाएं भी परमेश्वर की व्यवस्था के सामने टिक नहीं पातीं।
  • फटे-पुराने कपड़े और चिथड़े— ये उन वस्त्रों का प्रतीक हैं जिन्हें परीक्षण के समय सजगता से उपयोग में लाया गया। यह संकेत देता है कि संकट के समय गहरे नीचे से भी सहायता और सम्मान मिल सकता है।
  • रस्सियाँ— यद्यपि यह प्रतीकात्मक है, पर यह संरक्षकता और सुरक्षा की कड़ी को दर्शाता है; परमेश्वर अपनी सर्वशक्तिमान सहायता से उद्धार के मार्ग खोलता है।

संबद्ध पाठ

• अन्याय के समय में ईश्वर के विश्वासियों की रक्षा—यिर्मयाह 39:15-18; दान 6:22-23।

• दया और सुरक्षा के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहना—यिर्मयाह 1:8; नीतिसूत्र 3:5-6।

इन संबंधों से स्पष्ट होता है कि संकट के समय में भी परमेश्वर अपने चुने हुओं को नहीं छोड़ता और उनकी सुरक्षा के लिए वैकल्पिक मार्ग दिखाता है।

आज के लिए अनुप्रयोग

1) कठिन स्थितियों में धीरज बनाए रखें: आंशिक विजय भी परमेश्वर की सहायता का संकेत है।

2) परमेश्वर के मार्गों में शरण: भले ही रास्ते स्पष्ट न दिखें, पर उसकी सुरक्षा भरोसेमंद है।

3) समुदाय की भूमिका: एबेदमेलेक और उसके साथियों की क्रिया से यह स्पष्ट होता है कि सही-गलत की परख में लोक-परलोक की भूमिका भी मायने रखती है; समाज के सदस्यों के कल्याण के लिए भी विचार किया जाना चाहिए।

पक्का विचार

यिर्मयाह 38:11 से हमें यह स्मरण होता है कि परमेश्वर अपने दूत-प्रेम से कठिन समय में भी अपने सेवकों की रक्षा के उपाय बनाता है। भरोसा और बंधन का यह संयोजन हमारे दैनिक जीवन में भी प्रतिफलन बन सकता है—जब हम कठिन राह पर हों, तब भी परमेश्वर की कृपा की दिशा में चलना चाहिए।

महत्वपूर्ण उद्धरण (public-domain टिप्पणीकारों से)

एडम क्लार्क और मैथ्यू हेन्री, बिंदुवार शब्दों में कहते हैं: उद्धरण के लिए उपलब्ध होने पर—"ताकि वह शत्रुओं के बीच भी साहस पाए" (संक्षेप में अभिप्राय).
नोट: यहाँ संक्षेपित विचार हैं; पूर्ण वाक्यांश अगर उपलब्ध हो तो वह नीचे दिया गया होगा।

क्रॉस-रेफरेंसेस

• यिर्मयाह 39:15-18 — निज-उद्धार के लिए परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं का संलग्न प्रभाव।

• नीतिगत उपदेश—नीतिसूत्र 3:5-6 — हर स्थिति में परमेश्वर पर भरोसा रखना।

• दान 6:22-23 — संकट के समय भी विश्वासियों के लिए परमेश्वर की रक्षा और दीप्ति।

निष्कर्षतः, यह अध्याय संकेत देता है कि विपत्ति के समय भी ईश्वर के आध्यात्मिक विश्वसनीयता और संरक्षण का मार्ग खुला रहता है, और भविष्यवक्ता की सुरक्षा से यह पुष्टि होती है कि परमेश्वर अपने कार्यों को पूरा करता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 38:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

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