यिर्मयाह 38:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर सब हाकिमों ने यिर्मयाह के पास आकर पूछा, और जैसा राजा ने उसको आज्ञा दी थी, ठीक वैसा ही उसने उनको उत्तर दिया। इसलिए वे उससे और कुछ न बोले और न वह भेद खुला।

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यिर्मयाह 38:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 38:27 — संक्षिप्त 의미

यिर्मयाह ने हाकिमों के सामने वही उत्तर दिया जो राजा ने निर्देश दिया था, ताकि उनका भेद न खुल सके और वे न उसे भेद बनाकर आगे बढ़ सकें। यह पद स्पष्ट करता है कि यिर्मयाह अपनी स्थिति के अनुसार चुपचाप और कानूनानुकूल रहकर अपने उद्देश्य की सुरक्षा करता है।

पृष्ठभूमि

यिर्मयाह के समय ईरानी-युद्ध स्थितियाँ और याबूस से जुड़ी राजनीतिक चालें तेज थीं। राजा ने यिर्मयाह से एक सुरक्षा-नोट माँगा था ताकि वह सच बताने के बजाय एक ऐसा उत्तर दे जो शासक-दृष्टि से उचित ठहर सके। परिणामस्वरूप यिर्मयाह ने वही उत्तर दिया जो राजा ने निर्देशित किया था, और हाकिम भी संतुष्ट रहे।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • यिर्मयाह की विवेकशीलता: दबाव के बीच भी वह शासकीय आदेश के साथ-साथ सत्य के साथ जुड़ामुखी नहीं बनना चाहता था; उसने चुप चाप नकली भेद से बचाते हुए व्यवहार किया।
  • राजा-शासन और धार्मिक-पत्र का संतुलन: लेखक का उद्देश्य यह दिखाना है कि परमेश्वर के मन की निश्चय-प्रधानता के बिना भी यिर्मयाह ने व्यवहारिक सुरक्षा बनाए रखी।
  • गुप्त सूचना की सुरक्षा: यहाँ भेद न खुलने से समुदाय में भय और अस्थिरता कम होती है; खुलासा से शत्रुओं को लाभ हो सकता था।

संक्षिप्त थीम

  1. धार्मिक-सत्य बनाम राजनीति
  2. विश्वासयोग्यता और विवेक
  3. कथन में सुरक्षा-तत्व और गुप्तता की भूमिका

क्रॉस-रेफरेंसेस और संक्षिप्त स्पष्टिकरण

1) यिर्मयाह 1:17 — ईश्वर की आज्ञा के अनुसार साहस बनाये रखना, क्योंकि भिन्न परिस्थितियों में भी सत्य के अनुरूप कर्म करना आवश्यक है।

2) सत्यवचन 3:5 — भरोसा परमेश्वर पर बनाये रखें, मनुष्य के मार्गों पर नहीं। यहां यिर्मयाह ने दूरगामी परिणाम के लिए अपनी सुरक्षा के साथ विवेक दिखाया।

3) मत्ती 10:29-31 — छोटा-सा प्राणी भी परम पिता की दृष्टि में मूल्यवान है; यहाँ भेद-घटना से बचना भी एक प्रकार की सुरक्षा की परिकल्पना है।

अनुशासन-युक्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 38:27 से सीख मिलती है कि कठिन समय में भी सत्य के साथ ईमानदार रहते हुए, चरित्र की मजबूती और विवेकपूर्ण निर्णय जरूरी होते हैं। परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप चुपचाप रेलवे-सीमा पर खड़े रहते हुए भी मानव-समुदाय की सुरक्षा का विचार रखना चाहिए।

कार्यनिष्ठ Takeaway

इस पाठ के सार में यिर्मयाह की सूझ-बूझ और शासक के निर्देश के अनुरूप न रखने की ताकीद है ताकि समुदाय की असुरक्षा से बचा जा सके।

नोट्स

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के पवित्र-ग्रंथ-अनुकूल टिप्पणी से यह सार संकलित किया गया है: 1) विवेक से भरे उत्तर से दबाव के समय भी सत्य के साथ जुड़ना। 2) शासक-निर्देश का सम्मान करते हुए भी परमेश्वर के उद्देश्य की रक्षा करना।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 38:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

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