यिर्मयाह 38:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यदि हाकिम लोग यह सुनकर कि मैंने तुझसे बातचीत की है तेरे पास आकर कहने लगें, 'हमें बता कि तूने राजा से क्या कहा, हम से कोई बात न छिपा, और हम तुझे न मरवा डालेंगे; और यह भी बता, कि राजा ने तुझसे क्या कहा,'

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यिर्मयाह 38:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 38:25 का अर्थ और संदर्भ

इस पद का संक्षिप्त अर्थ है: अगर हाकिम लोग यह जान लें कि मैं तुझसे बातचीत कर रहा हूँ, तो वे आकर पूछेंगे कि तूने राजा से क्या कहा, और तुमसे कोई बात छिपी न रहे, ताकि वे तुझे मार न डालें। यहाँ यिर्मयाह अपनी पहचान और संदेश की सुरक्षा की चिंता प्रकट करते हैं, क्योंकि राजदरबार में विश्वासघात और हत्या की आशंका थी।

परिसर-प्रसंग (Contextual background)

यिर्मयाह नबी की भूमिका बाबुल के आक्रमण और यहूदा के समय की है जब राजा यूदह के विरोधी बाहरी दबावों से जूझ रहे थे। यिर्मयाह ने परमेश्वर का संदेश दिया, पर उसका संदेश राजसी और सामाजिक तंत्र के भीतर खतरे के रूप में देखा गया। इस पद में नबी एक ऐसे पारिवारिक-राजनैतिक सुरक्षा-चक्र के बीच हैं, जहाँ न केवल व्यक्तिगत जोखिम है, बल्कि नबी की विश्वसनीयता और लोगों के बीच जमा भरोसा भी दांव पर लगा हुआ है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • यिर्मयाह की सुरक्षा चिंता shows कि राजा-रानी और उनके अंबार के लोग कब और कैसे नबी की बातों को अपने हित में मोड़ते हैं।
  • यह पद प्रेरित जीवन की एक ठोस नैतिक सचाई देता है: जब समाज राजनीतिक दबाव में होता है, सत्य समाचारों की सुरक्षा के लिए नबी या विश्वासियों को खुलकर बोलना कठिन होता है; फिर भी ईश्वर का संदेश सत्य के साथ खड़ा रहता है।
  • हाकिमों द्वारा नबी की आवाज़ को दबाने की कोशिश एक सामान्य मनोवृत्ति है: सत्ता द्वारा सत्य को संशोधित कर देने की धुन।

पढ़ने योग्य विचार (Cross-references)

1) यिर्मयाह 36:15-16: नबी के संदेश के बारे में उच्च-स्तरीय निर्णय और सुरक्षा के सवाल। यह दर्शाता है कि मीडिया और सत्ता परस्पर विरोधी दबाव के समय सत्य को बचाने की कितनी अहम भूमिका निभाता है।

2) दान 6:3-5: नबी-प्रतिमान बनाम सत्ता का दखल—शब्द की निष्ठा बनाये रखने की चुनौती।

3) मकद 4:11: सत्य के लिए जोखिम उठाने वाले विश्वासी के लिए परमेश्वर की देखभाल और सुरक्षा का वचन।

धार्मिक-आत्मिक पाठ

यह पद हमें याद दिलाता है कि सत्य बोलना, भले ही वह सीधे सत्ता के विरुद्ध हो, परमेश्वर के आदेश के अनुरूप है। नबी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करना और सत्ता के दबाव के बावजूद सत्य के साथ रहने की प्रेरणा पाठकों को स्थिरता देती है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यिर्मयाह 38:25 में नबी की सुरक्षा के विषय में दो बातें स्पष्ट हैं: सत्य बोले बिना कोई नबी नहीं बन सकता, और सत्ता के दबाव में भी ईश्वर की योजना को आगे बढ़ाने के लिए धैर्य और दृढ़ता आवश्यक है। इस संदेश को आज भी देखें: समाज में दबाव हो, फिर भी परमेश्वर के उद्देश्य के प्रति निष्ठा रखें।

कथन-उद्धरण (पूर्व-स्वीकृत पाठक उद्धरण)

यदि उपलब्ध हो, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे उद्धरण नीचे नहीं दिखते; पर उनके विचारों के सार यहाँ समाहित किए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 38:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

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इसलिए उन हाकिमों ने राजा से कहा, “उस पुरुष को मरवा डाल, क्योंकि वह जो इस नगर में बचे हुए योद्धाओं और अन्य सब लोगों से ऐसे-ऐसे वचन कहता है जिससे उनके हाथ पाँव ढीले हो जाते हैं। क्योंकि वह पुरुष इस प्रजा के लोगों की भलाई नहीं वरन् बुराई ही चाहता है।”

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फिर सब हाकिमों ने यिर्मयाह के पास आकर पूछा, और जैसा राजा ने उसको आज्ञा दी थी, ठीक वैसा ही उसने उनको उत्तर दिया। इसलिए वे उससे और कुछ न बोले और न वह भेद खुला।

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