Old Testament
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यूहन्ना 5:1 यूहन्ना 5:2 यूहन्ना 5:3 यूहन्ना 5:4 यूहन्ना 5:5 यूहन्ना 5:6 यूहन्ना 5:7 यूहन्ना 5:8 यूहन्ना 5:9 यूहन्ना 5:10 यूहन्ना 5:11 यूहन्ना 5:12 यूहन्ना 5:13 यूहन्ना 5:14 यूहन्ना 5:15 यूहन्ना 5:16 यूहन्ना 5:17 यूहन्ना 5:18 यूहन्ना 5:19 यूहन्ना 5:20 यूहन्ना 5:21 यूहन्ना 5:22 यूहन्ना 5:23 यूहन्ना 5:24 यूहन्ना 5:25 यूहन्ना 5:26 यूहन्ना 5:27 यूहन्ना 5:28 यूहन्ना 5:29 यूहन्ना 5:30 यूहन्ना 5:31 यूहन्ना 5:32 यूहन्ना 5:33 यूहन्ना 5:34 यूहन्ना 5:35 यूहन्ना 5:36 यूहन्ना 5:37 यूहन्ना 5:38 यूहन्ना 5:39 यूहन्ना 5:40 यूहन्ना 5:41 यूहन्ना 5:42 यूहन्ना 5:43 यूहन्ना 5:44 यूहन्ना 5:45 यूहन्ना 5:46 यूहन्ना 5:47



यूहन्ना 5:36 का स्पष्ट सार: पिता के कार्य ही मेरी गवाही हैं
इस वचन का मुख्य अर्थ है: ईसा मसीह अपनी अर्पित सेवा और पवित्रीय कार्यों के माध्यम से अपने संदेश की पुष्टि करते हैं। वे कहते हैं कि जो प्रमाण मेरे पास है, उसकी स्थापित गवाही, मेरे पिता के द्वारा मुझे दिया गया उद्देश्य पूरा करने के कारण है; यही वे काम हैं जो मुझे सौंपे गए थे और जिन्हें मैं पूरा कर रहा हूँ। इन कर्मों के द्वारा पिता ने मुझे भेजा है, यह स्पष्ट कर रहा है कि यीशु अपने आप स्वयं नहीं बल्कि परम पिता की कृपा और योजना के कारण प्रकाशित होते हैं।
प्रसंग-प्रस्तावना
यूहन्ना 5 में यीशु युवा-तीर्थों के साथ तालमेल बनाते हैं। वे यहूदियों के साथ बनती तनावपूर्ण बहसों के बीच अपने परमेश्वर के पुत्र के प्रमाण देते हैं। इस सन्दर्भ में वे देखते हैं कि उनकी गवाही केवल पृथ्वी पर मानवीय प्रमाण नहीं, बल्कि स्वर्गीय पिता की गवाही है जो उन्हें भेजकर कार्य सौंपते हैं। यहूदियों के पास मसीह के बारे में कई गवाही हैं—यूहन्ना, निष्कर्ष-आधारित चिह्न, और आत्म-स्वीकृति—पर यीशु कहता है कि पिता की गवाही सर्वोच्च है, क्योंकि वह ज्ञान, उद्देश्य, और मृत्यु के बाद जीवन का स्रोत है।
interpretive observations
संक्षिप्त थीमेटिक सूची
अनुक्रमित क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
ईश्वर की गवाही और पुत्र की पहचान के विषय में:
नोट: ऊपर के क्रॉस-रेफरेंसेस में पूरा पद नहीं उद्धृत, केवल विचार द्वारा संकेत दिया गया है।
व्यावहारिक takeaway
हमारे विश्वास में कैसे गवाही मिलती है? हमारे लिए भी वह मार्ग स्पष्ट होता है जब हम जीवन के कामों में परमेश्वर की इच्छा को देखते हैं—यानी वचन के अनुसार जीना, प्रेम और सेवाभाव दिखाना, और यह मानना कि ईसा द्वारा दिखाया गया आध्यात्मिक जीवन ही परम पिता के उद्देश्य को दर्शाता है।
प्रेरणा-उद्धरण (सामयिक परंपरा से चयनित)
यदि किसी पाठक ने पुरानी टीका-रीतियों से उद्धरण पढ़े हों, तो मांगा गया एक संदेश यह है कि यीशु की गवाही केवल निजी प्रमाण नहीं है; पिता के कार्य से वह प्रमाणित होता है। यह विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पारिभाषिक ढांचे में एकजुट होते हैं।
संक्षेपित निष्कर्ष: पिता ने जो कार्य मसीह को सौंपे हैं, वे उसी की साक्ष्य बनते हैं। यीशु—अपने पिता की भेजी हुई ज्योति—दिखाते हैं कि उनका मिशन सुरक्षित और सत्य है और यह विश्वासियों के लिए नयी दिशा देता है।