Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 23:16 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 23:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब तुम उस वाचा को, जिसे तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को आज्ञा देकर अपने साथ बन्धाया है, उल्लंघन करके पराये देवताओं की उपासना और उनको दण्डवत् करने लगो, तब यहोवा का कोप तुम पर भड़केगा, और तुम इस अच्छे देश में से जिसे उसने तुम को दिया है शीघ्र नष्ट हो जाओगे।”
यहोशू 23:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 23:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 4:25 (HINIRV) »
“यदि उस देश में रहते-रहते बहुत दिन बीत जाने पर, और अपने बेटे-पोते उत्पन्न होने पर, तुम बिगड़कर किसी वस्तु के रूप की मूर्ति खोदकर बनाओ, और इस रीति से अपने परमेश्वर यहोवा के प्रति बुराई करके उसे अप्रसन्न कर दो,

2 राजाओं 24:20 (HINIRV) »
क्योंकि यहोवा के कोप के कारण यरूशलेम और यहूदा की ऐसी दशा हुई, कि अन्त में उसने उनको अपने सामने से दूर किया।
यहोशू 23:16 का सार और संदर्भ
इस वचन का सीधा अर्थ है: यदि परमेश्वर की वाचा तोड़कर आप अवमानना करते हैं और दूसरे देवताओं की पूजा करते हैं, तो परमेश्वर का वैसा कोप उठेगा जो उसे इस अच्छी भूमि से निकाल देगा, वह देश जिसकी उसने आपको दान किया है, शीघ्र नष्ट हो जाएगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोशू ने इजराइल के लिए एक निर्णायक समय पर यह स्पष्ट किया कि परमेश्वर के साथ बनी वाचा का पालन जरूरी है। कनान के देश में प्रवेश के पश्चात् यहूदियों को उनके कक्षापथ, नियम और देव-उपासना के एकत्रित नीतिगत ढांचे की कड़ी निगरानी करनी थी। जहां वचा का टूटना होता, वहाँ देशों में रहने की शांति और सुरक्षा भी खतरे में पड़ती—यह संदेश यहोशू 23–24 के पुनरावलोकन में साफ रहता है।
व्याख्यात्मक बिंदु
- वाचा का बन्धन: यहोशू यहाँ उस पवित्र अनुबंध की बात करते हैं जिसने इब्राहीम, मूसा, और अब यहूदा के नेता के रूप में यहोशू को भी संबद्ध किया है। अनुशासन और श्रद्धा की स्थापना के बिना देश का समीकरण टूट सकता है।
- पराए देवता: जब लोग अपनी 합थ से हटकर अन्य देवताओं की उपासना करते हैं, वे परमेश्वर के समान नहीं रहते; यह घनिष्ठ संबंध में धोखा है जो ईश्वर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता है।
- परिणाम: कोप का कारण बनता है और देश से निकाला जाना या नष्ट होना संभव हो सकता है—यह अत्यंत चेतावनी है कि धर्मी व्यवस्थितता के बिना इतर देवताओं के प्रति निवेदन रखना सामाजिक-आत्मिक व्यवस्था को अस्थिर करता है।
कंटेम्परेरी पाठ से निदर्शन
Matthew Henry के अनुसार, यह संदेश एक चेतावनी है कि परमेश्वर के साथ स्थिर वफादारी ही आशीषों को बनाये रखती है। Albert Barnes इसे मानवीय उत्तरदायित्व की याद दिलाते हैं—जहाँ आत्मिक बंधन टूटे, वहाँ सामाजिक-आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ती है। Adam Clarke इसे यहोशू के *संघर्ष-निर्देशन* के रूप में देखते हैं: इब्री जाति के लिए यह एक चेतावनी-नीति है कि वे परमेश्वर की इच्छा के अनुसार चलें।
इन विचारों से एक संयुक्त पाठ निकलता है: यह वाचा का पालन न केवल धार्मिकता है, बल्कि राष्ट्रीय जीवन की गुणवत्ता और स्थिरता है।
संभावित क्रॉस-रेफरेंसे (छोटे उद्धरण नहीं चले जाते)
व्यावहारिक takeaway
संक्षेप
यहोशू 23:16 स्पष्ट करता है कि परमेश्वर की वाचा से विमुख होना या अन्य देवताओं की पूजा करना राष्ट्रीय सुरक्षा और आशीषों के विरुद्ध है। एक कड़ी चेतावनी के रूप में यह संदेश देता है कि स्थायित्व और कल्याण के लिए वाचा का सम्मान और निष्ठा अति आवश्यक है।