Old Testament
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यहोशू 23:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि यदि तुम किसी रीति यहोवा से फिरकर इन जातियों के बाकी लोगों से मिलने लगो जो तुम्हारे बीच बचे हुए रहते हैं, और इनसे ब्याह शादी करके इनके साथ समधियाना रिश्ता जोड़ो,
यहोशू 23:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 23:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 7:3 (HINIRV) »
और न उनसे ब्याह शादी करना, न तो अपनी बेटी उनके बेटे को ब्याह देना, और न उनकी बेटी को अपने बेटे के लिये ब्याह लेना।

सपन्याह 1:6 (HINIRV) »
और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्होंने न तो यहोवा को ढूँढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उनको भी मैं सत्यानाश कर डालूँगा।”

यहेजकेल 18:24 (HINIRV) »
परन्तु जब धर्मी अपने धर्म से फिरकर टेढ़े काम, वरन् दुष्ट के सब घृणित कामों के अनुसार करने लगे, तो क्या वह जीवित रहेगा? जितने धर्म के काम उसने किए हों, उनमें से किसी का स्मरण न किया जाएगा। जो विश्वासघात और पाप उसने किया हो, उसके कारण वह मर जाएगा।
यहोशू 23:12 — तत्काल संदर्भ और पाठ का अर्थ
यहोशू के समापन के समय उन्होंने यहूदा के नेता और आग्रह किया कि यदि वे यहोवा के हर आदेश से फिरे रहें और इन जातियों के बचे हुए लोगों से मिलने लगें, उनके साथ विवाह-बाँधन करें या उनके समान रीति-रिवाज अपनाने लगें, तो विनाशकारी परिणाम सामने आ सकते हैं। यह वचन यह दिखाता है कि प्रभु के साथ अडिग रहना किस अनिवार्यता है क्योंकि अपरिचित धर्म-रीतियाँ और सामाजिक संगतियाँ आत्मिक नहीं, बल्कि संकट उत्पन्न कर सकती हैं।
क्या पाठ हमें ईश्वर या विश्वास के बारे में बतलाता है
यहोशू 23:12 हमें स्पष्ट संदेश देता है: विश्वसनीयता और निर्भरता केवल यहोवा पर है; जब लोग बाहर की रीति-रिवाजों के अनुराग में चल पड़ते हैं, तो उनके विश्वास-संबंध ढह सकते हैं। यह “फिरकर” (फिरना) शब्द दर्शाता है कि आधिकारिक चीजों से पीछे हटना नहीं, बल्कि चित्त-प्रवृत्ति और व्यवहार में बदलाव लाना है जो बाइबल के आदेशों के विरुद्ध हो सकता है। उद्धार की दिशा में बनाए गए ठोस ढांचे को बनाए रखना परमेश्वर की इच्छा है।
शब्दों और प्रतिमाओं की स्पष्टता
“इन जातियों के बाकी लोगों” और “इनसे ब्याह शादी करके इनके साथ समधियाना रिश्ता जोड़ो” वाक्यांश से संकेत मिलता है कि नयी सामाजिक-धार्मिक संरचना संभावित रूप से इस्राएल के विद्यमान धर्म और प्रतिज्ञाओं को प्रभावित कर सकती है। इस प्रसंग में पवित्र लोगों को अन्य समुदायों की आस्थाओं से अलग रखना एक नीतिगत कदम था ताकि बुरे प्रभावों से बचा जा सके और उद्धारवाहक परमेश्वर के साथ पूर्ण विश्वास बना रहे।
संबद्ध पाठ
- यहोशू 23:6–8: प्रावधान—इस्राएल को সতर्क बनना है, निर्भय न हटना, और हर आदेश का पालन।
- यहोशू 24:14–15: वैचारिक स्पष्टता—यहोवा की सेवा चुनना और बाकी पथों से पृथक जीवन जीना।
-निर्भयता और विश्वास के बारे में: व्यवस्थात्मक अलगाव का संदेश इस्राएल के लिए एक संरक्षक के रूप में समझा गया।
वर्तमान संदर्भ में कैसे व्यवहार करें
3 प्रमुख क्रॉस-रेफरेंस और उनका छोटा स्पष्टीकरण
यहोशू 24:15 — अपने घर में प्रभु की सेवा चुनना; व्यक्तिगत व सामाजिक फैसलों में एक स्पष्ट दायित्व।
निर्गमन 34:12–14 — नयी कसमों में मोहभंग से बचना, हटकर परमेश्वर के साथ एकात्मक सम्बन्ध बनाए रखना।
1 कुरिन्थियों 10:13 — कठिन परिस्थितियों में भी परमेश्वर की शक्तिशाली सहायता और मार्गदर्शन की अपेक्षा।
उद्धरण और स्रोत संकेत
यदि स्पष्ट एक पंक्ति Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से उद्धरित हो, उसे नीचे लिखा जाएगा। फिलहाल यह पाठ आत्मिक-नैतिक निर्देशों के अनुसार समन्वित विवेक पर जोर देता है।
संक्षिप्त समेकित समीक्षा
यहोशू 23:12 एक जागरूक चेतावनी है कि परमेश्वर के साथ अडिग रहना भीतरी विश्वास और बाहरी व्यवहार की एकता चाहता है। बाहरी समागम और रिश्तों के चुनाव भीतर-भीतर विश्वास-प्रतिज्ञा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए पाठ हमें स्मरण दिलाता है कि आस्था के मार्ग पर चलते समय हमें बाइबल के निर्देशों की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, ताकि परमेश्वर की योजनाएं बनी रहें और हम उन योजनाओं में क्रिया-शक्ति पाएँ।