यहोशू 24:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर मैंने इसहाक को याकूब और एसाव दिया। और एसाव को मैंने सेईर नामक पहाड़ी देश दिया कि वह उसका अधिकारी हो, परन्तु याकूब बेटों-पोतों समेत मिस्र को गया।

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यहोशू 24:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद के पास का तुरंत दृश्य: यहोशू 24:4

यह पाठ यह बताता है कि ईश्वर ने पूर्वजों के लिए एक ऐसी पथरेखा बनायी जिसमें वह पौत्र-वारिसों को उनके भाग्य के अनुसार दे रहा है। इस पश्चिमी-तारीख वाले नावे के साथ यहूदा-यायो के जीवन-यात्रा का एक निर्णायक सन्देश जुड़ा है: ईश्वर अपने प्रतिज्ञाओं के अनुरूप लाभ देते हैं और चाहते हैं कि लोग उनके मार्ग पर चलें।

ईश्वर का आदेश और विश्वास का प्रकाश

वह कहता है कि इसहाक को याकूब और एसाव दिया गया, और एसाव को सेईर के पहाड़ी देश का अधिकारी बनना मिला। यह बताते हैं कि परम पूज्य ईश्वर ने घर-घर की घटनाओं में अपनी योजना न केवल पूरी की, बल्कि राह दिखाने के लिए समय-समय पर निर्णयों में विविधता भी दी। यहूदियों के इतिहास में यह नसीहत है कि परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञाओं के अनुसार सत्ता-व्यवस्था बनाते हैं और लोग अपने भाग्य के साथ-साथ उनकी इच्छा के अनुसार जिएँ।

प्रमुख शब्दों और चित्रों की व्याख्या

  • जैसा कि माता-पिता के बीच क्रम तय किया गया, वैसे ही यह भी दिखता है कि प्रभु ने कौन किसके भाग्य में रहेगा, यह निर्धारित किया।
  • यह स्थान रणनीतिक और सत्ता-चिन्ह के रूप में प्रयोग हुआ—यह दर्शाता है कि पृथ्वी के भीतर सत्ता-संपत्ति का स्थान बदल सकता है, परन्तु प्रभु की योजना अविचल बनी रहती है।
  • याकूब और उसके पुत्रों का मिस्र जाना उनके परिवारिक इतिहास में एक मोड़ है, जो भविष्य के बोझ और आशीर्वाद दोनों से जुड़ा है।

अन्य सम्बद्ध पाठ

प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेस में देखें: यहोशू 24:3 (पूर्वजों के चरण-चिह्न और ईश्वर के चयन की स्मृति), पद 15:19-20 (एसाव के अधिकार का संकेत), और उत्पत्ति 25:23 (याकूब-एसाव के जन्म-देश की पहचान). संक्षेप में, ये संकेत बताते हैं कि परमेश्वर इतिहास के हर मोड़ पर अपने उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए काम कर रहे हैं।

आज के संदर्भ में लागू करने योग्य बातें

— परमेश्वर की योजना सभी परिस्थितियों के ऊपर है। जब चाहे शक्तिशाली निर्णय दें, वह अपने लोगों के लिए उपयुक्त मार्ग बनाते हैं।

— विश्वास में संतुलन आवश्यक है: क्यों ऐसा हुआ या क्यों वह खास दिशा दी, यह सब परमेश्वर के ज्ञान के भीतर है; हमें विश्वासपूर्वक उनके चयन को स्वीकार करना चाहिए।

— अपने परिवार-परिवारिक इतिहास के साथ जुड़कर देखें कि किस तरह प्रभु ने पहले-पहल हमें वह मार्ग दिखाया है जो आज भी हमारे लिए राह दिखाता है।

यहाँ के छोटे संदर्भों से सीख

यह पाठ हमें याद दिलाता है कि ईश्वर अपने चयन से लोगों को एक प्रेरक इतिहास देता है। उनके निर्णयों में बल और दया दोनों मिलती हैं, ताकि लोग विश्वास के साथ आगे बढ़ें।

कुल मिलाकर, यह पाठ ईश्वर के प्रतिज्ञाबद्ध मार्ग की पुष्टि करता है, जिसमें पूर्वजों के अनुभव से आज का जीवन मार्गदर्शित होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यहोशू 24:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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व्यवस्थाविवरण 2:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 2:5 (HINIRV) »
उनसे लड़ाई न छेड़ना; क्योंकि उनके देश में से मैं तुम्हें पाँव रखने की जगह तक न दूँगा, इस कारण कि मैंने सेईर पर्वत एसावियों के अधिकार में कर दिया है*। (प्रेरि. 7:5)

उत्पत्ति 36:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 36:8 (HINIRV) »
एसाव जो एदोम भी कहलाता है, सेईर नामक पहाड़ी देश में रहने लगा।

उत्पत्ति 25:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 25:24 (HINIRV) »
जब उसके पुत्र उत्‍पन्‍न होने का समय आया, तब क्या प्रगट हुआ, कि उसके गर्भ में जुड़वे बालक हैं।

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