Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 3:11 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 3:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सुनो, पृथ्वी भर के प्रभु की वाचा का सन्दूक तुम्हारे आगे-आगे यरदन में जाने को है।
यहोशू 3:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 3:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

जकर्याह 6:5 (HINIRV) »
दूत ने मुझसे कहा, “ये आकाश की चारों वायु हैं जो सारी पृथ्वी के प्रभु के पास उपस्थित रहते हैं, परन्तु अब निकल आए हैं।

यहोशू 3:13 (HINIRV) »
और जिस समय पृथ्वी भर के प्रभु यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले याजकों के पाँव यरदन के जल में पड़ेंगे, उस समय यरदन का ऊपर से बहता हुआ जल थम जाएगा, और ढेर होकर ठहरा रहेगा।”

मीका 4:13 (HINIRV) »
हे सिय्योन, उठ और दाँवनी कर, मैं तेरे सींगों को लोहे के, और तेरे खुरों को पीतल के बना दूँगा; और तू बहुत सी जातियों को चूर-चूर करेगी, ओर उनकी कमाई यहोवा को और उनकी धन-सम्पत्ति पृथ्वी के प्रभु के लिये अर्पण करेगी।
यहोशू 3:11 का सहज अर्थ
यहोशू 3:11 में कहा गया वाचा का सन्दूक प्रगट होकर पृथ्वी भर के प्रभु की आवाज के साथ यरदन के पार से प्रगट हो रहा है। यह संदेश बताता है कि ईश्वर अपने लोगों के साथ पवित्र सत्ता और मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ रहे हैं, और तब उनके लिए प्रवेश-यात्रा के लिए एक ठोस संकेत बन जाता है कि एक नई समुद्र-सीमा पार हो रही है।
पृष्ठभूमि और परिप्रेक्ष्य
यहोशू के काल में इस सन्देश का अर्थ था—युद्ध के पूर्व एक घोषणा कि परमेश्वर की संहिता और आशीष उनके बीच है; निर्गमन के बाद से चित्त-समरूप इबादत और चंगाई का क्रम यरदन नदी के पार लेकर आया गया। इस पद से प्रेरित होकर इज़राइल के लोगों ने अपने नये भूमि-यात्रा के चरणों की शुरुआत में विश्वास और व्यवस्था दोनों की जरूरत को समझा।
व्याख्या के कुछ प्रमुख संकेत
संबंधित पद और उनके संक्षेपण
1) इब्रानियों के अनुसार विश्वास और कर्म की कसौटी (उद्धृत संदर्भ आपकी पाठ्यसूची में न हों तो भी विचार हेतु): जो विश्वास के अनुसार चलते हैं, वे परमेश्वर के कार्यों में भाग लेते हैं।
2) उत्पत्ति 12:1-3 के आशीष-चक्र से जुड़ाव: परमेश्वर अपनी वाचा के मार्ग से अब आगे बढ़ते हैं और बच्चों के लिए आशीष के द्वार खोलते हैं।
3) यूहन्ना 14:6 के समान, मार्गदर्शन/सत्य का अर्पण: प्रभु की वाचा और सन्दूक उनके साथ एक सच्चे मार्ग की पहचान बनाते हैं।
संक्षिप्त थीम-सूची
अन्य आयतन-सम्बन्धित संदर्भ
नीचे तीन संक्षिप्त cross-reference और उनके अर्थ: एक प्रेम-रक्षा का संकेत देता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ निरन्तर है; दूसरा विश्वास की दिशा में प्रेरणा देता है; तीसरा सामूहिक पवित्रता और व्यवस्था की पुष्टि करता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारे जीवन में भी परमेश्वर के वचन पर चलने की तैयारी तभी संभव होती है जब हम अपने पांवों के नीचे पड़ती नदी का भय नहीं, बल्कि उसकी सचोटी पर भरोसा करते हैं। सन्दूक की भूमिका जैसी हमारे लिए भी ईश्वर की स्थापना, मार्गदर्शन और पवित्रता के सामने टिके रहने की आह्वान है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (वार्ता के लिए): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सार्वजनिक-डायरेक्टर टिप्पणियाँ के कुशल-उद्धरण—यदि उपलब्ध हों—तो केवल संक्षेप में उपयोग किए जाते हैं।