Old Testament
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यहोशू 3:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए अब इस्राएल के गोत्रों में से बारह पुरुषों को चुन लो, वे एक-एक गोत्र में से एक पुरुष हो।
यहोशू 3:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 3:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 4:2 (HINIRV) »
“प्रजा में से बारह पुरुष*, अर्थात्-गोत्र पीछे एक-एक पुरुष को चुनकर यह आज्ञा दे,

यहोशू 4:9 (HINIRV) »
और यरदन के बीच, जहाँ याजक वाचा के सन्दूक को उठाए हुए अपने पाँव धरे थे वहाँ यहोशू ने बारह पत्थर खड़े कराए; वे आज तक वहीं पाए जाते हैं।

यहोशू 4:4 (HINIRV) »
तब यहोशू ने उन बारह पुरुषों को, जिन्हें उसने इस्राएलियों के प्रत्येक गोत्र में से छांटकर ठहरा रखा था,
यहोशू 3:12 का सरल अर्थ
इस आयत का सीधा अर्थ है: इस्राएल की बारह गोत्रों में से प्रत्येक से बारह पुरुष चुने जाएँ ताकि वे एक-एक गोत्र से प्रतिनिधि हों। यह चुनाव प्रभु के साथ एक ठोस संगठन और आगे की क्रियाओं के लिए तैयारी दर्शाता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोशू के समय, मरुभूमि पार करने के बाद यहूदी समुदाय नया संगठन ग्रहण कर रहा था। याजकों और लिपियों के साथ-साथ प्रत्येक गोत्र की एक-एक प्रधान भूमिका की आवश्यकता थी ताकि वर्षों से दी गई वचनबद्धताओं के अनुसार आगे-आगे कदम उठाने के लिए समाज में स्पष्ट संरचना बने। इस वाक्य में यह भी संकेत है कि प्रत्येक गोत्र को उसकी भूमिका समझ में आए और संयुक्त, समन्वित प्रयास संभव हो सके.
व्याख्यात्मक विचार
छोटा थीमैटिक सूची
संबद्ध प्रवचन (cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
1) उत्पत्ति 28:1-2— पितरों के आशीर्वाद और परिवारिक नेतृत्व के महत्व का संकेत देता है; प्रत्येक गोत्र के सदस्य एकता में आकर प्रभु के उद्देश्य की पूर्ति करें।
2) यहशायाह 41:9-10— प्रभु आपके साथ है और आपकी सहायता के लिए प्रतिनिधि प्रदान करते हैं; चुने गए प्रतिनिधि समूह के माध्यम से योजना संचालित होती है।
3) यूहना 1:12-13— चुनना और विश्वास में प्रवेश करना एक व्यक्तिगत-समूह सम्बन्ध बनाता है; प्रतिनिधियों के द्वारा समुदाय को दिशा मिलती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
आज के लिए पाठ यह संकेत देता है कि समुदाय के भीतर स्पष्ट नेतृत्व और जिम्मेदारी बाँटना वह आधार है जिस पर सभी एक साथ आगे बढ़ते हैं। हर सदस्य की भूमिका मान्यता पाती है, ताकि बड़े उद्देश्यों के लिए एकता बनी रहे।
नोट: इस पंक्ति के लिए उपलब्ध प्रमुख टिप्पणीकारों के सामान्य बिंदुओं को मिलाकर संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सार्वजनिक-डायरी शैली के विचार-अंशों का सम्मिलन आवश्यक स्थान पाता है, परन्तु मूल पाठ की भावना के अनुरूप ही समाकलित किया गया है।