Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 3:5 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 3:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर यहोशू ने प्रजा के लोगों से कहा, “तुम अपने आप को पवित्र करो; क्योंकि कल के दिन यहोवा तुम्हारे मध्य में आश्चर्यकर्म करेगा।”
यहोशू 3:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 3:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लैव्यव्यवस्था 20:7 (HINIRV) »
इसलिए तुम अपने आप को पवित्र करो; और पवित्र बने रहो; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ। (1 पत. 1:16)

यहोशू 7:13 (HINIRV) »
उठ, प्रजा के लोगों को पवित्र कर, उनसे कह; “सवेरे तक अपने-अपने को पवित्र कर रखो; क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है, “हे इस्राएल, तेरे मध्य में अर्पण की वस्तु है; इसलिए जब तक तू अर्पण की वस्तु को अपने मध्य में से दूर न करे तब तक तू अपने शत्रुओं के सामने खड़ा न रह सकेगा।”

योएल 2:16 (HINIRV) »
लोगों को इकट्ठा करो। सभा को पवित्र करो; पुरनियों को बुला लो; बच्चों और दूधपीउवों को भी इकट्ठा करो। दुल्हा अपनी कोठरी से, और दुल्हिन भी अपने कमरे से निकल आएँ।
यहोशू 3:5—Immediate Setting
यहोशू ने निर्णायक चरण में प्रवेश किया जब यहोशू द्वारानुदित होकर यहूदियों को यरूशलेम से दूर लेकर एक नया घोर परिवर्तन-यात्रा शुरू करते हैं। उस समय इस्राएली लोग यरदन नदी के पार से प्रवेश कर रहे थे ताकि कनान देश के भीतर कदम रखें। यहोशू 3:5 में वह प्रजा से कहता है कि वे अपने आप को पवित्र करें, क्योंकि कल के दिन यहोवा उनके बीच में आश्चर्यकर्म करेगा। यह वक्त एक पवित्रPrepared तैयारियों और साहसपूर्वक विश्वास की मांग करता है, ताकि परमेश्वर की शक्ति उन के साथ काम करे।
ईश्वर के प्रति विश्वास और पवित्रता
यह टेक्स्ट यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर एक सक्रिय और पवित्र रचनाकार हैं जो अपने लोगों के साथ एक गहरे संबन्ध में रहते हैं। प्रजा को पवित्र करने को कहा गया ताकि वे यहोवा की दिव्य उपस्थिति और चमत्कार के लिए প্রস্তুत हों। यह एक नैतिक-आचरण की तैयारी है, जो विश्वास के साथ जुड़ी होती है—यानी बाहरी नियमों से अधिक, आंतरिक परिवर्तन और समर्पण।
शब्दार्थ और imagery की व्याख्या
• पवित्र करना: यहाँ प्रजा की नैतिक और धार्मिक स्थिति को शुद्ध करना है—पाप से दूरी बनाए रखना, दिल की स्वीकृति और परमेश्वर की मांगों के अनुरूप जीना।
• कल का दिन आश्चर्यकर्म करेगा: यहोवा के एक्शन की आशा दर्शाता है कि परमेश्वर अपने एक वचन-पालनकर्ता के साथ कदम से कदम मिलाकर चमत्कार दिखाते हैं। यह स्मरण कराता है कि faith में आगे बढ़ने से पहले भक्तिपूर्ण तैयारी आवश्यक है।
अन्य पवित्र-ग्रंथों के सम्बन्धी संदर्भ
• सम्बंधित संदर्भ: निर्गमन 19–20 की पवित्रता की अवधारणा—ईश्वर के पवित्र रहने के कारण समूह को प्रतिष्ठित और संरक्षित रखा गया।
• संदर्भ: यहोशू 4:24—यह परिणामस्वरूप चिह्नों के साथ यह स्पष्ट करता है कि यहोवा किस प्रकार चमत्कारों के माध्यम से मानवीय विश्वास को मजबूत करते हैं।
• संदर्भ: היश 48:12–13—ईश्वर की नियंत्रण और सुप्रीम योजना पर भरोसा बनाये रखना, ताकि प्रजा अपने दायित्वों के अनुसार प्रतिक्रिया दे सके।
उच्चारण: प्रमुख वाक्यशब्द और उनके अर्थ
आज के संदर्भ मेंApplication
यहोशू 3:5 हमें सिखाता है कि विश्वास में आगे बढ़ने से पहले आंतरिक तैयारी और पवित्रता आवश्यक है—हम भी अपने जीवन को परमेश्वर के अनुसार समायोजित करें, ताकि जब 關 gate of breakthrough खुलें, हम यहोवा की शक्ति को अनुभव कर सकें। आत्म-स्वीकृति, पाप से दूरी और धर्म-निष्ठा को बनाए रखना इन क्षणों की तैयारी है।
संभव cross-references
• निर्गमन 19–20: पवित्रता और चेतावनी का आदान-प्रदान—यह ऊपर की पाठ से सम्बन्ध दिखाता है कि परमेश्वर के साथ रहने के लिए भक्ति कैसे जरूरी है।
• यहोशू 4:24: चमत्कारों के स्मारक—परमेश्वर के हस्तक्षेप से स्मरणीय चिह्न; विश्वास को आगे बढ़ाने में सहायता।
• यूहन् 14:12: विश्वास में कदम—आश्वासन कि जो कदम विश्वास से उठाते हैं, वे परमेश्वर के कार्यों को अपने जीवन में अनुभव करते हैं।
उद्धरण स्रोत (सारसहाय): आवश्यक शब्द-सीमित उद्धरण केवल Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट शब्दों से लिया गया हो सकता है; यहाँ उपलब्ध संकलन के भीतर से संकेत मात्र दिए गए हैं।