Old Testament
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यहोशू 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और जिस समय पृथ्वी भर के प्रभु यहोवा की वाचा का सन्दूक उठानेवाले याजकों के पाँव यरदन के जल में पड़ेंगे, उस समय यरदन का ऊपर से बहता हुआ जल थम जाएगा, और ढेर होकर ठहरा रहेगा।”
यहोशू 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 15:8 (HINIRV) »
तेरे नथनों की साँस से जल एकत्र हो गया, धाराएँ ढेर के समान थम गईं; समुद्र के मध्य में गहरा जल जम गया।

भजन संहिता 78:13 (HINIRV) »
उसने समुद्र को दो भाग करके उन्हें पार कर दिया, और जल को ढेर के समान खड़ा कर दिया।

यहोशू 3:15 (HINIRV) »
और सन्दूक के उठानेवाले यरदन पर पहुँचे, और सन्दूक के उठानेवाले याजकों के पाँव यरदन के तट के जल में पड़े (यरदन का जल तो कटनी के समय के सब दिन अपने तट के ऊपर-ऊपर बहा करता है*),
आति ग्रंथ का सीधा अर्थ
यहोशू 3:13 में कहा गया सच यह है कि प्रभु यहोवा की पवित्र वाचा के सन्दूक के पहले चलने वाले याजकों के पाँव जब भी यरदन के जल में पड़ेंगे, तब यरदन का जल ऊपर से ठहर जाएगा और वह ढेर बनकर रुक जाएगा। इसका मतलब है कि परमेश्वर अपनी वाचा के साथ यहाँ-उधर की सीमा बनाकर अपने लोग को भूमि में प्रवेश कराने—आशीर्वाद देने और उनकी यातनाओं को पलट देने के लिए शक्ति दिखाते हैं। यह एक ऐतिहासिक चिह्न है कि आशीर्वाद और नए अध्याय की शुरुआत परमेश्वर की पवित्र योजना के अनुसार होती है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यात्रा के लगभग हर चरण में यरदन को पार करना यहूदा और इस्राइल के लिए एक बड़े निर्णायक क्षण था। उनकी वाचा-आस्था का परीक्षण यह था कि जब परमेश्वर की पवित्रता के सामने उन्हें निर्बलों के रूप में नहीं, बल्कि उसकी आशीष के वाहक के रूप में देखा गया। सन्दूक को आगे रखते ही नदी का विभाजन होना दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोग की सुरक्षा और उद्देश्य के लिए सत्ता में है।
Interpretive observations
छोटे-बड़े विषयों का सार
अन्य प्राचीन टिप्पणियाँ (cross-references)
1) एक समान चिह्न: इतिहास में जब नूह की परिवार ने नौका से बाहर कदम रखा, तब भी परमेश्वर की कृपा एक आशीर्वाद के रूप में सामने आई - यह संकेत देता है कि परमेश्वर के कारण ही परिवर्तन संभव है।
2) जब नॉर्मल जल-विप्लव से होकर लोग भीतर प्रवेश करते हैं, तब परमेश्वर के पवित्र कदम पथ प्रदर्शित करते हैं।
3) वैसी ही अनुभूति मत्ती 14 में है, समुद्र पार करने के समय विश्वास के साथ कदम रखना विभाजन और सुरक्षा देता है।
ऐतिहासिक-धार्मिक संदर्भों के संक्षेप से निष्कर्ष
यह पुष्टि करता है कि परमेश्वर अपनी पवित्र वस्तुओं के साथ चलने वाले कर्मों पर आशीर्वाद का बरसाव करते हैं। जब ईश्वर की वाचा के संकेत—सन्दूक—के सामने कदम रखा गया, तब पानी का बहाव रुका और नया प्रदेश उपलब्ध हुआ। यह केवल पुरानी कहानी नहीं, बल्कि हर विश्वासयोग्य जीवन के लिए एक निर्देश है: उचित समय पर, सही कदम, परमेश्वर के आदेश के अनुसार।
व्यावहारिक takeaway
नोट: इस विचार में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के सामान्य संकेत शामिल हैं। नीचे उल्लेखित क्षुद्र उद्धरण केवल इन विद्वानों के स्पष्ट शब्द-चिह्न हों तो ही उद्धृत माने जाएंगे।
उद्धृत विचार (संक्षेप): यहओशू 3:13 के साथ संबंध स्पष्ट करते हैं कि परमेश्वर अपने वादे के अनुसार ही आगे बढ़ते हैं; पवित्र वस्तुओं के साथ कदम उठाने से ही विभाजन संभव होता है—जैसे अन्य जगहों पर विश्वास की प्रणालियाँ भी दिखाती हैं।