लूका 20:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसने उनकी ओर देखकर कहा, “फिर यह क्या लिखा है: ‘जिस पत्थर को राजमिस्त्रियों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया।’ (भज. 118:22, 23)

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लूका 20:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद का संक्षेप परिचय

लूका 20:17 में यीशु अपने शास्त्रीय विनोदपूर्ण तरीके से धर्मत्याग और परमेश्वर की योजनाओं के विचित्र सत्य को उजागर करते हैं। वे ईसा-फरेबियों के प्रश्नों के उत्तर में उस पाठ को उद्धृत करते हैं जो बतलाता है कि मानव-निर्मित सफलता कैसे परमेश्वर की नियति के अनुसार उलट जाती है। यह वाक्य भज 118:22–23 से लिया गया है: वह पत्थर जिसे राजमिस्त्रियों ने निकम्मा समझा, वही खोद-घेरा गया नहीं, बल्कि कोने का सिरा बन गया।

पाठ का संदर्भ

यह उद्धरण कथित तौर पर ईसा के साथ धार्मिक नेताओं के चल रहे विवाद का केंद्र है। फरीसियों और शास्ताओं के समूह उनसे पूछते हैं कि “कहां से तुम्हें यह अधिकार मिला?” यीशु उनसे एक बदलती हुई तस्वीर दिखाते हैं: जिस पत्थर को उन्होंने अस्वीकार किया, वही ईश्वर की ठहराई भूमिका बन गया है। यह अलंकारिक संदेश है कि पालनहार की योजना मानव-निर्णय से ऊपर है और जो लोग उसे ठुकराते हैं, वे अपने ही विरोधाभास में फँस जाते हैं।

मुख्य आध्यात्मिक संदेश

  • ईश्वरीय नियति मानव-नजरिये से आगे है: जो लोग सत्ता, परंपरा या विद्वता के आधार पर उद्धार की व्यवस्था बनाते हैं, वे अकसर वेदना में फँस जाते हैं क्योंकि परमेश्वर की योजना भिन्न दिशा में खुलती है।
  • केवल स्वीकारना नहीं, बल्कि सही रूप में आत्म-समर्पण आवश्यक है: पत्थर के साथ ऐसा संबंध जो जीवन के लिए आधार बने, वह मानव-स्वार्थ की दीवारों को गिराकर ईश्वर के निर्माण को मुकाम देता है।

अनुदेशात्मक तुलना

इन शब्दों की पृष्ठभूमि में तीन प्रमुख धाराओं की दृष्टि मिलती है:

  • पूर्व को पत्थर-अपमान की बात: भज 118 में उद्धृत यह चित्रण बतलाता है कि उद्धारकर्ता कैसे अस्वीकार्य भला बन सकता है और कैसे असफलताओं में भी ईश्वर की कृपा पनपती है।
  • यूहन्ना के धारा में भी वही विचार आता है कि koji विश्वास उनके लिए जीवन देता है, और जो इनकी शिक्षा को ठुकराते हैं, उनके लिए पत्थर ही सबसे बड़ा ढांचा बनकर खड़ा होता है।
  • कथन-आचार: यीशु का स्वयं-परिचय, जो उसे परीक्षणों में खड़ा करता है और धर्म-शास्त्रियों के कटाक्ष को उलट देता है।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

1) आस्था में विनम्रताः लोगों के सिस्टम, परंपराएँ, या पहचान के कारण उद्धार के मार्ग को नहीं थामना चाहिए। खुले दिल से परमेश्वर की ओर देखा जाना चाहिए।

2) नेतृत्व-परिवर्तन की संभावना: जो लोग प्रभु के मानक को ठुकराते हैं, वे अंततः संकल्प-परक अनुभव से सीखते हैं कि ईश्वर की योजना कभी न कभी अपने समय पर स्पष्ट हो जाती है।

3) आत्म-साक्षात्कार: अपने जीवन के पत्थरों को पहचानना—क्या वे पत्थर हैं जो तुम्हारे विश्वास के मार्ग को रोकते हैं, या वे वेदी बनते हैं जिन पर गिराकर तुम उद्धार की राह पाते हो?

क्रॉस-रेफरल्स और उनके अर्थ

1) भज 118:22–23: यह संदर्भ एक ही विचार को दोहराता है—जो निकम्मा समझा गया वह असल में Tuhan की महानता का चिह्न बनता है। छोटा-सा उद्धरण वेदोचित है, कि परमेश्वर की ओर से किया गया उपाय मान लिया जाना चाहिए।

2) मत्ती 21:42: नये सिरे से रूपरेखा बनती है—जो लोग संचालक बन जाते हैं वे ही पत्थर बन जाते हैं जिन्हें लोग खारिज करते हैं; यीशु का यह कथन स्पष्ट करता है कि उसका कार्य परमेश्वर के प्रस्ताव के अनुरूप है।

3) पतरस 2:4–8: पत्थर की भाषा में पवित्र जीवन को देखना—जो लोग ईश्वर के पत्थर से बने भवन का भाग बनते हैं, वे भाग्यशाली बनते हैं; जो विरोध करते हैं वे आगे भारी गिरावट में पड़ते हैं।

निष्कर्षतः यह वाक्य धार्मिक नेतृत्व की मानव-निर्भरता और ईश्वर की रूपरेखा के बीच का विरोधाभास दिखाता है। यीशु के वक्तव्य में सत्य यह है कि उद्धार का मार्ग ईश्वर के चयन और नियति से चलता है, न कि मनुष्यों की परंपराओं से।

संक्षेप

लूका 20:17 हमें संत-नियति के बारे में याद दिलाता है कि जो पत्थर लोग ठुकराते हैं वही आगे चलकर कोने का सिरा बनता है। यह प्रेरणा है कि हम अपनी सोच, परंपराओं और विरोध-प्रत्ययों को छोड़कर ईश्वर की योजना पर दृष्टि केंद्रित रखें और उसके निर्माण में स्वयं को सेवा के लिए समर्पित करें।

उद्धरण संकेत: इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के शाब्दिक संक्षिप्त कथन सीधे उद्धृत नहीं किए गए हैं; उनके सामान्य टिप्पणी-प्रवचनों के सार वही हैं जो ऊपर संक्षेप में समाहित हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 20:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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भजन संहिता 118:22 (HINIRV) »
राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था वही कोने का सिरा हो गया है। (1 पत. 2:4, लूका 20:17)

प्रेरितों के काम 4:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 4:11 (HINIRV) »
यह वही पत्थर है जिसे तुम राजमिस्त्रियों ने तुच्छ जाना* और वह कोने के सिरे का पत्थर हो गया। (भज. 118:22-23, दानि. 2:34, 35)

यशायाह 28:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 28:16 (HINIRV) »
इसलिए प्रभु यहोवा यह कहता है, “देखो, मैंने सिय्योन में नींव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नींव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा। (रोम. 9:33,1 कुरि. 3:11 इफि. 2:20, 1 पत. 2:4,6)

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