Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 14:1 मत्ती 14:2 मत्ती 14:3 मत्ती 14:4 मत्ती 14:5 मत्ती 14:6 मत्ती 14:7 मत्ती 14:8 मत्ती 14:9 मत्ती 14:10 मत्ती 14:11 मत्ती 14:12 मत्ती 14:13 मत्ती 14:14 मत्ती 14:15 मत्ती 14:16 मत्ती 14:17 मत्ती 14:18 मत्ती 14:19 मत्ती 14:20 मत्ती 14:21 मत्ती 14:22 मत्ती 14:23 मत्ती 14:24 मत्ती 14:25 मत्ती 14:26 मत्ती 14:27 मत्ती 14:28 मत्ती 14:29 मत्ती 14:30 मत्ती 14:31 मत्ती 14:32 मत्ती 14:33 मत्ती 14:34 मत्ती 14:35 मत्ती 14:36



मत्ती 14:13 पर टिप्पणी—तभी क्यों मायने रखती है
यीशु के जीवन में क्षण-क्षण ऐसे हैं जो यह दर्शाते हैं कि किस प्रकार वह समुदाय के दबाव के बीच भी अपनी प्राथमिकताओं को संरक्षित रखते हैं। मत्ती 14:13 में हम देखते हैं कि यीशु सुनसान जगह की तरफ चल देेते हैं, जब उन्होंने यह सुना कि उनके कैसा संकल्प क्यों टूटेगा। यह verse उनके मिशन की प्रकृति और प्रेरणा का एक प्रमुख संकेत है: आत्म-शांति, प्रार्थना और माता-पिता के बच्चों के लिए स्वतंत्र समय की जरूरत। उसी समय लोग उन्हें ढूंढ़ निकालते हैं—यह दर्शाता है कि उद्धारकर्ता मानव भावनाओं और थकान से घिरा है, परंतु उनकी करुणा और सेवा का दृढ़ संकल्प एक साथ चलता है।
प्रारंभिक संदर्भ और मूल संदर्भ
यह वाक्या मत्ती के gospel में उस समय की situational कथा से जुड़ा है जब प्रेरित लोग यीशु के साथ चल रहे थे, पर यीशु ने अपने उद्देश्य को बनाए रखने के लिए एकांत स्थान की मांग की। यह दृश्य हमें दिखाता है कि यीशु ने शक्तिशाली प्रभाव के बावजूद अपनी शांति और प्रार्थना के लिए समय निकाला। यह घटनाक्रम जElizabethan या पवित्र ग्रंथों के अन्य हिस्सों में भी मिलता है जो यह बतलाते हैं कि सेवा और सन्देश के संदिग्ध दबाव के बीच आत्म-विश्राम और आध्यात्मिक दृष्टिकोण आवश्यक हैं।
मुख्य संदेश
पवित्र ग्रंथ से संबद्धTheme
ये घटनाक्रम निम्न विषयों के साथ ज़ोर देता है:
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षेप निष्कर्ष)
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि एकांत-आध्यात्मिकता अक्सर सेवा के ढांचे में आवश्यक ताकत जोड़ती है:
संक्षिप्त devotional reflection
हम सभी ऐसे क्षण अनुभव करते हैं जब जीवन की गति अत्यधिक हो जाती है और लोग हमें पुकारते हैं। यीशु का उदाहरण हमें सिखाता है कि purity of purpose के लिए समय निकालना कितना आवश्यक है: एकांत समय से शक्ति, समझ और प्रेरणा मिलती है ताकि हम दूसरों की सेवा में सक्षम और सुसंगत बना रह सकें। यहूदी-हृदयता की तरह नहीं, बल्कि प्रेम-भरे कार्य की दिशा में एक सन्तुलन है—जहाँ हम पहले परमेश्वर के साथ स्थिर रहें, फिर लोगों के लिए तत्पर हों।
टेकअवे के लिए 2-3 उपयोगी बिंदु
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के प्रत्यक्ष संक्षिप्त उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं क्योंकि यह समकालीन पुनर्लेखन के अनुरूप नया रूप प्रस्तुत करता है; यदि आवश्यक हो तो उनके अनुवादित विचारों की सार-संरचना को संदर्भित किया जा सकता है।