Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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मत्ती 14:14 — संदर्भ और अर्थ
यूहन्नी-फला के पीछे आषाढ़ नहीं, बल्कि यीशु ने अपने चेलों के साथ नाव से निकलकर एकांत स्थान की इच्छा की थी, पर मगर लोगों की भीड़ ने उन्हें खोज लिया। इसे देखकर यीशु ने उस भीड़ पर करुणा जताई और उनके बीमारों को चंगा किया। यह वाक्य स्पष्ट करता है कि उनकी सेवा केवल शारीरिक चंगा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दयालुता और कृपा से भरी हुई एक व्यापक प्रेरणा है जो सबके लिए खुली है।
केंद्रीय मतलब
यह पंक्ति दिखाती है कि यीशु क्यों महान लोगों के बीच प्रचारित रहे: उनकी करुणा सक्रिय है। जब भी वह लोगों की व्यथा देखते हैं, वे उनके लिए कदम उठाते हैं—चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी असुविधाजनक क्यों न हों। healing here is not mere physical restoration but a sign of the kingdom breaking into human need.
मुख्य थीम्स
संदर्भ-रोशनी और क्रॉस रेफरेंसेस
यह दृश्य सिक्का अन्य भूमियों के साथ पहले की और बाद की घटनाओं से जुड़ता है—
इन संदर्भों से समझ आता है कि चंगाई एक संकेत है—यही संकेत है कि ईश्वर का राज्य हमारे बीच आ पहुँचा है और उसकी दया हर प्रकार के अभाव को भरती है.
मुख्य उद्धरणों की भूमिका
हम देखें तो एडम क्लार्क और मैथ्यू हेन्री से संकलित दृष्टिकोण इस घटना को “करुणा की क्रिया” के रूप में केंद्रित करते हैं: यीशु की राह में प्रेम के साथ उनके द्वारा बीमारों की स्थिति सुधारी जाती है, जो शारीरिक चंगाई से भी अधिक एक आधिक्य संकेत है। (ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के छोटे स्पष्ट उद्धरण नीचे दिए गए हैं।)
व्यावहारिक विचार
1) हमारी कोशिश हो कि दूसरों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहें—जब देखो किसी की पीड़ा, तो मदद के लिए प्रथम कदम उठाने में देर न करें।
2) दया-प्रधान जीवन निर्माण करें: हमारे छोटे-से छोटे सेवा के क्षण भी अन्य लोगों के लिए दिव्य राज्य की उपस्थिति बन सकते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
येशु का यह कार्य बताता है कि दया और चंगा करने की क्रिया उनकी सत्ता का प्रकटीकरण है। वे भीड़ के बीच उपस्थित होकर उनके दर्द को अपने कार्य में बदलते हैं, जिससे ईश्वर की आदर-सम्मान और Kingdom की नयी रोशनी स्पष्ट होती है।
यदि आप चाहें, तो इस पवित्र पाठ पर मैथ्यू हेन्री, अल्बर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क के संक्षिप्त पुष्टि-उद्धरण के साथ परिचय प्राप्त कर सकते हैं:
मैथ्यू हेन्री: “Jesus, moved with compassion, accommodated their necessities” (सारगर्भित अभिधारणा).
एल्बर्ट बर्न्स: “He has compassion on them and heals their infirmities” (अनुवादित विचार).
एडम क्लार्क: “He looked upon them with tenderness, and laid hands of healing” (उद्धरण-सार).