मत्ती 14:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

राजा दुःखित हुआ, पर अपनी शपथ के, और साथ बैठनेवालों के कारण, आज्ञा दी, कि दे दिया जाए।

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मत्ती 14:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ का स्पष्टीकरण

मत्ती 14:9 में कहा गया है कि राजा दुःखित हुआ, पर अपनी शपथ के कारण और साथ बैठने वालों के अनुरोध के कारण, वह आदेश दे देता है कि जो वचन उसने दिया था वह पूरा किया जाए। इसका मतलब है कि राजा की सत्ता और सम्मान के सामने एक शपथ और सार्वजनिक वचन का पालन अनिवार्य माना गया, भले ही इसके परिणाम दुःखद हों।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह वाक्य उस समय के दृश्य से जुड़ा है जब हरोड के राजा ने जॉन बपतिस्मा के सिर के बदले एक आवश्यक मांग की थी—यद्यपि यह अनुरोध पवित्रता के प्रतीक और न्याय के साथ मेल नहीं खाता था, फिर भी राजशाही की साख और शपथ की विश्वसनीयता को बनाए रखने हेतु उसने आदेश दिया। इस प्रसंग में यह दिखता है कि सत्ता के सामने एक सार्वजनिक वचन कितना मजबूत रहता है, भले ही वह विवेक या न्याय के विरुद्ध हो।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • राजा की दुःखभरी मनःस्थिति: वह अपनी शपथ के कारण मजबूर है, ताकि अपनी प्रतिष्ठा को आहत न होने दे।
  • शपथ और सार्वजनिक वचन का दायित्व: सत्ता चाहे कितनी भी कठिन हो, लिखित और घोषित वचन का पालन आवश्यक है।
  • नैतिक परिणाम: इस प्रकार की बाध्यता से संदेश मिलता है कि कभी-कभी न्याय के नाम पर भी अन्यायपूर्ण निर्णय संभव रहते हैं, और यह विचार-विमर्श को प्रेरित करता है कि क्यों सतह पर दिखने वाली शपथ भी नैतिकता से जुड़ी होनी चाहिए।

संक्षिप्त थीमेटिक सूची

  1. शपथ का दायित्व बनाम नैतिक विवेक
  2. राजसी अधिकार और सार्वजनिक क्रिया-कलाप
  3. सत्यापन और परिणामों की सामाजिक भूमिका

अनुक्रमित क्रॉस-रेफरेंसेज

1) राजाओं के वचन और उनकी महत्ता — देखें जोश 2:4; ये परिप्रेक्ष्य दिखाते हैं कि सार्वजनिक दायित्व कैसे व्यक्तिगत विवेक पर असर डालते हैं।

2) नैतिकता बनाम कानूनी दायित्व — देखें इब्रानियों 6:16; यह दिखाता है कि एक शपथ की पवित्रता कैसे उच्च मानवीय आचरण को निर्देशित करती है।

3) न्याय और दया की संतुलन— देखें मत्त 23:23; शपथ के दायित्व के साथ न्याय की आवश्यकता भी उभरती है।

प्रायोगिक takeaway

जहाँ भी लोग सार्वजनिक वचन देते हैं, वहाँ अनुशासन और जवाबदेही जरूरी है, पर साथ ही यह भी सुधार करता है कि कैसे नैतिक विवेक और सत्यनिष्ठा वास्तविक न्याय के साथ चलता है। व्यवहार में इसका अर्थ है—हम अपने शब्दों और अनुबंधों को गम्भीरता से लें, किन्तु कठिन समय में भी दया और न्याय के कारणों पर विचार करें, ताकि परिणाम कष्टदायक होते हुए भी सत्य और मर्यादा बनी रहे।

सूक्ष्म उद्धरण संकेत

यदि उपलब्ध हो, नीचेMatthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त, शाब्दिक प्रवचन से सीधे शब्द उद्धृत हो सकते हैं:

“King’s oath must stand, even when mercy would.” (उद्धृत-सीमा के भीतर संकेतिक सार)

नोट: ऊपर के संदर्भ में पात्र-उद्धरणों का संक्षेप का उल्लेख दिया गया है; वास्तविक पूर्ण उद्धरण केवल सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के भीतरी वाक्यों के अनुरूप प्रयुक्त हो सकते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 14:9 समानांतर पद और संबंधित वचन

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