Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 14:1 मत्ती 14:2 मत्ती 14:3 मत्ती 14:4 मत्ती 14:5 मत्ती 14:6 मत्ती 14:7 मत्ती 14:8 मत्ती 14:9 मत्ती 14:10 मत्ती 14:11 मत्ती 14:12 मत्ती 14:13 मत्ती 14:14 मत्ती 14:15 मत्ती 14:16 मत्ती 14:17 मत्ती 14:18 मत्ती 14:19 मत्ती 14:20 मत्ती 14:21 मत्ती 14:22 मत्ती 14:23 मत्ती 14:24 मत्ती 14:25 मत्ती 14:26 मत्ती 14:27 मत्ती 14:28 मत्ती 14:29 मत्ती 14:30 मत्ती 14:31 मत्ती 14:32 मत्ती 14:33 मत्ती 14:34 मत्ती 14:35 मत्ती 14:36



मत्ती 14:20 का टिप्पणी—_CONTEXT और अर्थ
यह पद उन घटनाओं का हिस्सा है जिसमें यीशु ने पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ लेकर हजारों लोगों को भोजन कराया। उन्होंने शक्ति से भोजन दिया और लोगों ने तृप्त होकर खाया। जो बचा, वह बारह टोकरियों में आया, जो स्पष्ट करता है कि भगवान के अनुग्रह में पर्याप्त और अधिक है—खाने की कमी नहीं, बल्कि चमत्कार से भरपूर provision। यह घटना समुदाय के बीच विश्वास को मजबूत करने के लिए एक ठोस संकेत है कि ईश्वर अपने लोगों की जरूरतों को गिनती नहीं करता, बल्कि उनके लिए ईश्वरीय आपूर्ति में असीम豊ता दिखाता है।
मुख्य अर्थ
एक छोटा-सा आराधन लेकर हजारों को खिलाने की यह घटना यह बताती है कि प्रभु यीशु में उपस्थित शक्ति से जरूरतें पूरी होती हैं। भोजन की मात्रा आपूर्ति की सीमा नहीं बनती; प्रत्यावर्तन के समय भी ईश्वर के हाथ खुले रहते हैं। बारह टोकरियाँ बचना दर्शाती हैं कि समाज के भीतर भी अतिरेक संभव है जब परमेश्वर का वरदान व्यवहार में आता है।
2–3 केंद्रीय विषय
रोचक क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप)
- यूं ही, अन्य घटनाओं में यीशु भोजन को आशीर्वाद देकर दिया करते थे, जिससे विश्वास युवा पीढ़ी तक पहुँचे।
- एक और अवसर पर भी किया गया था कि ईश्वर की आपूर्ति से बहुधा अनेकों लोग संतुष्ट हुए; यह परिस्थितियाँ विश्वास की शिक्षा देती हैं।
- भोजन के भाग्य से जुड़ी आशाओं को यीशु के चमत्कार के साथ जोड़ा गया है, जिससे अलौकिक दया पर प्रकाश पड़ता है।
व्यावहारिक विचार
अपने जीवन में आप क्या देख रहे हैं—कभी कमी, कभी अधिक? यह पद याद दिलाता है कि ईश्वर के भोजन-चमत्कार केवल शारीरिक भोज नहीं, बल्कि आध्यात्मिक विश्वास को पुष्ट करते हैं। जरूरत के समय में ईश्वरीय आपूर्ति पर भरोसा रखें; और जब मिलता हो, तो उसे साझा करना न भूलें ताकि समुदाय में विश्वास की बारह टोकरियाँ कटखरे में भरें।
सारांश
मत्ती 14:20 यह दिखाता है कि यीशु के साथ की गई कृपा में कमी नहीं होती; भोजन का चमत्कार हो या हर बचे हुए टुकड़े से बारह टोकरियाँ भरना—सब कुछ दर्शाता है कि ईश्वर के वरदान में पर्याप्तता है। विश्वासपूर्ण समुदाय में ईश्वरीय आपूर्ति बहती रहती है जो मानवीय डर को मुँह मोड़ देती है।
पिछले स्रोतों से संकलित संकेत
यह संकलन, अन्य प्राचीन टिप्पणीकारों के सामान्य साक्ष्यों के संदर्भ में, यह बताता है कि बारह टोकरियाँ बचना ईश्वर की असीम कृपा का प्रतीक है—परन्तु यह भी कि उनका भोजन समुदाय की साझा भागीदारी और विश्वास की पुष्टि है।
नोट: यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे उद्धरण चाहते हैं, कृपया बताएँ—हम पूरी तरह से उद्धरण और संदर्भ प्रदान करने के लिए उपयुक्त चयनित पंक्तियों को सम्मिलित कर देंगे।