Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 21:1 मत्ती 21:2 मत्ती 21:3 मत्ती 21:4 मत्ती 21:5 मत्ती 21:6 मत्ती 21:7 मत्ती 21:8 मत्ती 21:9 मत्ती 21:10 मत्ती 21:11 मत्ती 21:12 मत्ती 21:13 मत्ती 21:14 मत्ती 21:15 मत्ती 21:16 मत्ती 21:17 मत्ती 21:18 मत्ती 21:19 मत्ती 21:20 मत्ती 21:21 मत्ती 21:22 मत्ती 21:23 मत्ती 21:24 मत्ती 21:25 मत्ती 21:26 मत्ती 21:27 मत्ती 21:28 मत्ती 21:29 मत्ती 21:30 मत्ती 21:31 मत्ती 21:32 मत्ती 21:33 मत्ती 21:34 मत्ती 21:35 मत्ती 21:36 मत्ती 21:37 मत्ती 21:38 मत्ती 21:39 मत्ती 21:40 मत्ती 21:41 मत्ती 21:42 मत्ती 21:43 मत्ती 21:44 मत्ती 21:45 मत्ती 21:46



सीधे अर्थ की एक पंक्ति
यह पद कहते हैं कि प्रतिक्रियावादी आत्मा वाले किसानों के ठेकेदारों के रूप में उन बुरे किसानों के विरुद्ध परमेश्वर की न्यायपूर्ण से निस्तारण की योजना निर्धारित करेगा, और दाख की बारी का ठेका तथा किसानों को देगा जिन्हें फल समय पर देता है।
पृष्ठभूमि
मत्ती 21 में यीशु ने जुइयां-जैसी शिक्षा दी है कि ईश्वर के राज्य के बारे में मानव प्रवृत्ति कैसे प्रतिक्रिया करती है। यहाँ “दाख की बारी” प्रतीक के रूप में यह दिखाता है कि परमेश्वर नेचुरल रूप से अपने दासों को सेवक के तौर पर भेजा, परन्तु उन किसानों ने उसे मार डाला और अपनी व्यवस्था कायम रखी। यीशु इनवस्थित कर रहे हैं कि उनके संदेश की अवहेलना से ईश्वर की न्याय रंग लायेगी और वह अवश्य ही सही कदम उठायेगा।
व्याख्यात्मक निरीक्षण
मुख्य विचारधारा
अनुकरणीय क्रॉस-रेफरेंसे
जिन संदर्भों से यह विचार जुड़ते हैं:
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
- प्रभु के संदेश को स्वीकारने और पादरी क्षेत्र में फल लाने के लिए सचेत रहें।
- यदि आप धार्मिक-नियमों में फँसकर सच को ढकते रहते हैं, तो ईश्वर के न्याय से बचना कठिन होगा।
यह पाठ यीशु के प्रति अस्वीकार और उनके राज्य की वास्तविक स्थापना के बारे में स्पष्ट संकेत देता है: ईश्वर के आधीनता में स्थित सत्यनिष्ठा और फल की माँग एक साथ चलती है, और जो लोग समय पर उत्तर देते हैं, वे राज्य में स्थान बनाते हैं।
इन विचारों के साथ, यह याद रखें कि प्रभु की योजना में भरोसा और अनुपालन ही फलदायी जीवन की कुंजी है.
नोट: यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन विचारों से प्रेरित संकलन के संकलित अवलोकनों के साथ एक मूल हिंदी प्रस्तुति है; जहाँ आवश्यक हो, केवल उनके छोटे-छोटे उद्धरण एक जगह कोष्ठित रूप में दिए गए हैं।