मत्ती 21:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और अंधे और लँगड़े, मन्दिर में उसके पास आए, और उसने उन्हें चंगा किया।

पिछला पद
« मत्ती 21:13
अगला पद
मत्ती 21:15 »

मत्ती 21:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य विचार: यीशु की सामर्थ्य और उद्धार के संकेत

मत्ती 21:14 में, मन्दिर के पास अंधे और लँगड़े आते हैं और वे उसे दया से चंगा होते हैं। यह दृश्य यीशु के परमेश्वर-यशस्विता, प्रेषित सत्यों की पुष्टि, और दयालु उद्धार की मिसाल को स्पष्ट करता है। इस एक पद में यीशु का लक्ष्य मंदिर के समाज-नीति-तंत्र से ऊपर उठकर मानवीय पीड़ा को सुनना और परमेश्वर के राज्य की प्रकृति को प्रदर्शन करना है—जहाँ धर्मशास्त्र का सार, करुणा और उद्धार मिलते हैं।

कवरेज: साहित्यिक संदर्भ में विश्लेषण

यह वाक्य मत्ती की कथा-कला में एक निर्णायक मोड़ है। यीशु के नगर-यात्रा-प्रस्तुति के बीच में यह चिंगन घटना है, जहाँ शारीरिक रोगों से पीड़ित लोग उसके पास आते हैं और वह उनकी चंगाई करते हैं। यह द्योतक है: ईश्वर का राज्य दया और सत्य से आता है, न कि केवल धार्मिक कर्म-नियमों को मानने से। चारों गवाह इस घटना में यह संकेत देते हैं कि मसीह के राज में उद्धार और पूर्ति शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार की सामर्थ्य से जाहिर होते हैं।

आध्यात्मिक महत्त्व

1) यीशु की दया-पूर्ण चंगाई: अंधे और लँगड़े सीधे उसके पास आते हैं; वह उनकी जरूरत को पहचानते हैं और चंगा करते हैं—जो उसकी भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

2) मसीह का राज्य-साक्ष्य: इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर का राज्य वर्ग-संरचना से ऊपर है; यह बिगड़ी हुई स्थितियों को पुनर्स्थापित करने वाला है।

3) समुदाय के लिए प्रेरणा: कमजोर और निष्कासित लोग भी प्रभु के सामने पहुंच सकें—यह नया सामाजिक नियम है जो धर्मार्थ और समानता की शिक्षा देता है।

धर्मशास्त्रीय पकड़ और अन्य आयाम

मत्ती, मार्क, लूका—इनमें यह विषय बार-बार दिखाई देता है कि यीशु न केवल आध्यात्मिक उद्धार देता है, बल्कि शारीरिक रोगों पर भी चंगाई की देहधरा बनकर आता है। यह उद्धार की पूर्णता की anticipatory figure है—जो भविष्य में ईश्वर के राज्य के पूर्ण उद्घाटन की ओर इशारा करती है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संক্ষेपित भाव में)

- मरकुस की गवाही में भी इसी प्रकार के चंगाई के उदाहरण मिलते हैं कि यीशु रोगियों पर दया दिखाते हैं।

- लूका 14–15 के एपिसोड में लोग दया के स्वागत के लिए बुलाए जाते हैं—क्योंकि शास्त्र का सार प्रेम है।

- इसरोपित दायरे में उद्धार का संदेश स्पष्ट है कि प्रभु के राज्य में कमजोरी भी मान ली जाती है, और वह शक्तिशाली बन जाती है।

यात्री प्रश्न

  • मैं अपनी जरूरतों को कैसे खोलकर यीशु के सामने आता/आती हूँ? क्या मेरी आत्म-आड़ उसे चढ़ाई देती है?
  • क्या मैं यीशु के राज्य के विस्तार के लिए दया और करुणा को अपनी दिनचर्या में स्थान देता/देती हूँ?

निष्कर्ष

मत्ती 21:14 न सिर्फ एक चिकित्सा का क्षण है, बल्कि यह उद्घोष है कि यीशु में दया, उद्धार और पूर्ण परमेश्वर का राज्य प्रकट होता है। अंधे और लँगड़े का चंगा होना यह संकेत है कि परमेश्वर की कृपा कमजोरियों के बीच भी प्रकाश डालती है और समुदाय को पुकारती है: आओ, दया स्वीकारो, और परमेश्वर के राज्य की तैयारी करो।

इस पंक्ति पर विचार करते समय ध्यान दें: यदि आवश्यकता हो तो नीचे उद्धृत सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के विचार देखें, ताकि पाठ की गहराई समझ में आ सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 21:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 35:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 35:5 (HINIRV) »
तब अंधों की आँखें खोली जाएँगी और बहरो के कान भी खोले जाएँगे;

मत्ती 11:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 11:4 (HINIRV) »
यीशु ने उत्तर दिया, “जो कुछ तुम सुनते हो और देखते हो, वह सब जाकर यूहन्ना से कह दो।

मत्ती 9:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 9:35 (HINIRV) »
और यीशु सब नगरों और गाँवों में फिरता रहा और उनके आराधनालयों* में उपदेश करता, और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और हर प्रकार की बीमारी और दुर्बलता को दूर करता रहा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें