Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 9:1 मत्ती 9:2 मत्ती 9:3 मत्ती 9:4 मत्ती 9:5 मत्ती 9:6 मत्ती 9:7 मत्ती 9:8 मत्ती 9:9 मत्ती 9:10 मत्ती 9:11 मत्ती 9:12 मत्ती 9:13 मत्ती 9:14 मत्ती 9:15 मत्ती 9:16 मत्ती 9:17 मत्ती 9:18 मत्ती 9:19 मत्ती 9:20 मत्ती 9:21 मत्ती 9:22 मत्ती 9:23 मत्ती 9:24 मत्ती 9:25 मत्ती 9:26 मत्ती 9:27 मत्ती 9:28 मत्ती 9:29 मत्ती 9:30 मत्ती 9:31 मत्ती 9:32 मत्ती 9:33 मत्ती 9:34 मत्ती 9:35 मत्ती 9:36 मत्ती 9:37 मत्ती 9:38



सीधा अर्थ वही है: यीशु नगर-नगर घूमकर उद्धार का संदेश और च healing का काम कर रहे थे
मत्ती 9:35 में कहा गया है कि यीशु ने सभी नगरों और गाँवों में जाकर आराधनालयों में उपदेश किया, राज्य के सुसमाचार का प्रचार किया, और हर प्रकार की बीमारी तथा दुर्बलता को दूर किया। इसका सरल अर्थ यह है कि यीशु ने अपने मंत्रालय को एक व्यापक, स्थानीय जनसमुदाय तक पहुंचाकर धूर्त पथ—धर्मिक व्यवस्था से जुड़ी परंपराओं के भेदभाव से ऊपर उठकर, जीवन-कौशल और चंगेई की सामर्थ्य दिखाया। वह एक ऐसा पवित्र कार्य कर रहे थे जो शब्द और चंगाई दोनों से लोगों के दैनिक जीवन को छु रहा था.
पार्श्व-परिप्रेक्ष्य
यह पंक्ति दर्शाती है कि यीशु का मिशन लोक-समुदाय के बीच सक्रिय है। आराधनालयों में उपदेश करना यह संकेत देता है कि वह अपनी शिक्षाओं को यहूदियों के धार्मिक केंद्रों तक सीमित नहीं रखना चाहते थे; वह जन-जन तक पहुँचना चाहते थे। साथ ही, राज्य का सुसमाचार प्रचार कहना बताता है कि प्रेरणा सिर्फ वैचारिक परिवर्तन नहीं, बल्कि परमराज्य की वास्तविक-जीवन-उन्नति का निमंत्रण है।
Interpretive observations
छोटा थीम-लिस्ट
संदर्भ-गत संबंध
1) मरकुस 1:39-41 — यीशु ने चंगा करने के साथ कथन भी किया कि אלה के साथ दया और राज्य का आगमन है; यह पात्र-उद्धार के साथ क्रिया को जोड़ता है।
2) लूका 4:18-19 — प्रभु ने घोषणा की कि वह दुष्टों को मुक्त और दुखी को आराम देने आया है; इसका निहितार्थ है कि उपदेश और चंगाई एक साथ चलते हैं।
3) मत्ती 4:23 — यीशु ने गॉड-राज्य के समाचार का प्रचार पूरे प्रदेश में किया; इस संदर्भ से यह स्पष्ट होता है कि उनके मंत्रालय का दायरा आध्यात्मिक और भौतिक दोनों प्रकार के कल्याण को जोड़ता है।
पवित्र वापसी के लिए संक्षेप}
यह पाठ प्रभु की करुणा और सत्ता दोनों का मेल दिखाता है। असल पथ में, उपदेश से विचार-परिवर्तन आता है और चंगाई से जीवन-संघर्षों के दृश्य बदलते हैं। हमारे दैनिक जीवन में यह प्रेरणा देता है कि परमेश्वर की राज-व्यवस्था न केवल आत्मा को नहीं तो शारीरिक और सामाजिक कल्याण को भी संबोधित करती है।
एतिहासिक-टिप्पणी: इस विषय-वस्तु पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के उद्धरणों से यह समझ और पुष्ट होती है कि यह पंक्ति ministry की एक समग्र रीति-नीति को दर्शाती है—प्रचार, शिक्षा और चंगाई का संयोजन।
क्रॉस-रेफरेंस विचार:
संक्षेप निष्कर्ष: यीशु का ministry, संदेश की गहराई और चंगाई की पुष्टि—ये तीनों एक साथ चलकर लोगों को परमराज्य के प्रवेश-द्वार पर लाते हैं, ताकि वे आत्मा-स्वास्थ्य और सामाजिक-कल्याण दोनों का अनुभव करें।