Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 9:1 मत्ती 9:2 मत्ती 9:3 मत्ती 9:4 मत्ती 9:5 मत्ती 9:6 मत्ती 9:7 मत्ती 9:8 मत्ती 9:9 मत्ती 9:10 मत्ती 9:11 मत्ती 9:12 मत्ती 9:13 मत्ती 9:14 मत्ती 9:15 मत्ती 9:16 मत्ती 9:17 मत्ती 9:18 मत्ती 9:19 मत्ती 9:20 मत्ती 9:21 मत्ती 9:22 मत्ती 9:23 मत्ती 9:24 मत्ती 9:25 मत्ती 9:26 मत्ती 9:27 मत्ती 9:28 मत्ती 9:29 मत्ती 9:30 मत्ती 9:31 मत्ती 9:32 मत्ती 9:33 मत्ती 9:34 मत्ती 9:35 मत्ती 9:36 मत्ती 9:37 मत्ती 9:38



क्यों यह पद मायने रखता है
मत्ती 9:24 में यीशु ने एकदम स्पष्ट चमत्कारिक स्थिति में बैठकर दुखद परिदृश्य को संभाला। वे एक बालिका के जी उठने की उम्मीद के साथ उसकी माँ-परिवार के सामने आए थे, और इस समय की ऐतिहासिक-आध्यात्मिक महत्ता यह बताती है कि मृत्यु के वास्तविक, भयावह समकक्ष के बावजूद भगवान की शक्ति जीवन की ओर फिर से मोड़ लाती है। इस वचन से सीख मिलती है कि कठिन परिस्थिति में भी ईश्वर को इज़हार मानना चाहिए, और मानव दृष्टि से असंभव लगने वाले कार्य में भी वह सक्षम है।
यथार्थ संदर्भ और स्थिति
नीचे विवरण उस कहानी-परिप्रेक्ष्य से जुड़ा है जहाँ यीशु दो कहानियों में समान भाव से उभरते संकेत देते हैं: एक तरफ पिता- परिवार और भीड़ की पीड़ा, दूसरी तरफ दृढ़ निश्चय कि मृत्यु का स्थायी अधिकार परमेश्वर के हाथ में है। इस वचन में उद्धारकर्ता कहते हैं, “हट जाओ, लड़की मरी नहीं, पर सोती है,” और इसके साथ लगभग हास्य की हंसी भी उठती है—जो उन लोगों के दिमाग के अनुसार असंभव को दर्शाती है। फिर भी यीशु अपने उद्धार के कार्य को पूर्ण करते हैं।
मुख्य संदेश
- मसीह की उपस्थिति से मृत्यु पर विजय की योजना स्पष्ट होती है।
- विश्वास और प्रतीक्षा से असंभव लगने वाले कृत्य संभव होते हैं, भले ही लोग हँस दें।
- प्रकृति-संभावित दूरी को पाटकर, यीशु जीवन का संदेश लाते हैं—जी उठना और जीना।
बाइबल के अन्य थिम्स के साथ 연결
cross-reference-1: मरकुस 5:39-42— यीशु ने मृत लड़की के पास पहुँचकर कहने पर जीवन की वास्तविक शक्ति प्रगट की।
cross-reference-2: लूका 8:54-55— परिवार की आशा को पुनः स्थापित करते हुए वह कहता है कि लड़की जिंदा है, और वे उसे मुआवजे से भर देते हैं।
cross-reference-3: यूहन्ना 11 में लाज़र को जीवित करने की घटना— मृत्यु के अंतर्मन में भगवान की जीवन-विधर्मी योजना की पुष्टि।
पवित्रशास्त्रीय ताना-बाना
यह घटना अकेले किसी चमत्कार का प्रयोग नहीं है; यह प्रभु के राज्य-कार्य की एक प्रतिमा है। उनके शब्द धीरे-धीरे आशा का संदेश देते हैं: दया, शक्ति, और जीवन के लिए दृढ़ता। वस्तुतः यह कथा यह दर्शाती है कि बच्चों, परिवारों और समुदायों के लिए परमेश्वर का उद्धारकार्य कितना करीबी और मानवीय है।
सूक्ष्म साक्ष्य और पुराने टिप्पणियों से समेकित अवलोकन
मत्ती के प्रस्तुतिकरण में, मसीही पाठकों के लिए यह स्पष्ट रहता है कि येशु की “जी उठना” की शक्ति वास्तविक और तत्काल है, न कि केवल भविष्य की आशा। आधुनिक हिंदू-परिप्रेक्ष्य में भी यह विचार कि मरने के बाद जीवन नहीं एक भ्रामक धारणा नहीं है, बल्कि जीवन के सच्चे स्रोत के साथ जुड़ना है, प्रेरणा देता है।
देवotional reflection
जब लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया है, तब भी प्रभु की आवाज जीवन के लिए आती है। यदि आप अभी किसी ऐसे क्षण से गुजर रहे हैं जहाँ लगता है कि परिस्थितियाँ मरी-सी हो गई हैं, तो याद रखें: प्रभु के पास आशा है; उसका समय पूर्ण है। धन्यवाद और विश्वास के साथ उसे बुलाएँ, और उसके स्तर पर शांति पाएं।
चौपाल सन्देश (छोटा-सा संदर्भ-सूत्र)
इन शब्दों के साथ स्मरण करें: विश्वास, अपेक्षा और दया—ये तीनों मिलकर असंभव को संभव बनाते हैं। नीचे दिए संदर्भ उद्धार के मार्ग को खोलते हैं—