मत्ती 9:37 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब उसने अपने चेलों से कहा, “फसल तो बहुत हैं पर मजदूर थोड़े हैं।

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मत्ती 9:37 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 9:37 का संदर्भ और अर्थ

इस वाक्य में यीशु ने अपने चेलों के सामने वह सरल वास्तविकता रख दी जो हर सेवक की तपस्या है: ईश्वर के राज्य के लिए आवश्यक काम बहुत हैं, पर उसे पूरा करने वाले श्रमिणों की कमी है। इस संदर्भ में Jesus अपने प्रचार-कार्य के आरम्भ में यह संकेत देते हैं कि दख़ल देना और चकित करना पहले कदम हैं, पर असली आवश्यकता प्रेरितों के साथ मिलकर काम करना है। जब भी पौलुस-पूर्वक चर्च फैलने लगा, तब भी यही भविष्यवाणी सच थी—कर्मयोगी और प्रेरणा के साथ मिलकर ही गुणवत्तापूर्ण परिणाम मिलते हैं।

मुख्य अर्थ

ईश्वर के राज्य के भिड़ंत और दबाव के बीच, यीशु बताता है कि कार्य-बल की कमी एक रणनीतिक चिंता है, न कि एक शाष्कीय बाधा। किसान की तरह खेत भरा है, और मेहनत करने वाले नहीं मिलने पर फल प्राप्त नहीं होते। यह वाक्य प्रेरितों के लिए एक आह्वान है—प्रेरितों को अत्यावश्यक कर्मचारियों की तरफ ध्यान देना चाहिए और नवयुवा विश्वासियों को प्रशिक्षण देकर मैदान में उतारना चाहिए.

दो-तीन प्रमुख थीम

  1. समाज और धर्म-जीवन के क्षेत्र में तात्कालिक मांग यह है कि नए प्रयासों के लिए अधिक श्रम चाहिए।
  2. चेलों को न केवल संदेश देना है बल्कि समाज के भीतर लोगों को बुलाकर उन्हें सेवा में लगाना है।
  3. God’s harvest पर विश्वास रखते हुए प्रेरितों को प्रभु की सहायता से अवसरों को पहचानना चाहिए।

संबद्ध पदयात्रा (Cross-references)

1) लूका 10:2 – प्रभु की फसल बहुत है, पर कर्मी कम हैं; इसलिए प्रार्थना करो कि प्रभु आयुधयुक्त श्रमिणों को भेजे। यह संदर्भ दर्शाता है कि प्रार्थना और प्रयास साथ चलते हैं।

2) मत्ती 28:19-20 – महान कमान के साथ चुनी हुई कर्मशाला ने गया, और यीशु ने उनके साथ रहने का वादा किया; यह स्पष्ट करता है कि मिशन के साथ ईश्वर का सहभागी होना अनिवार्य है।

3) यूहन्ना 4:35 – फसल के समय का जाप; यहाँ भी कहा गया है कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है; मेहनत और धैर्य दोनों जरूरी हैं।

व्यावहारिक विचार

आज की चर्चाओं में इसका उत्तरदायित्व है कि आप अपने समुदाय में विश्वासियों को प्रशिक्षण दें, युवा मित्रों/युवाओं को सेवा-कार्य के लिए प्रेरित करें, और संयुक्त प्रयासों से कार्य-बल बनाएं। छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत करें—घर-घर जाकर संदेश पहुँचना, दयालु सेवा, और शैक्षणिक समूहों के द्वारा ज्ञान-विस्तार।

संक्षिप्त निष्कर्ष

फसल बहुत है, पर मजदूर कम होने के कारण प्रभाव सीमित हो जाते हैं। यीशु का यह कथन प्रेरितों के लिए एक स्पष्ट आह्वान है कि वे अपनी भूमिका में सक्रिय हों, विश्वास के साथ कर्म करें, और प्रभु की कृपा से अधिक श्रमिणों को बुलाते रहें ताकि राज्य का संदेश व्यापक रूप से फैल सके।

नोट: इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के प्रामाणिक उद्धरणों का संक्षिप्त उल्लेख केवल आवश्यकतानुसार दिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 9:37 समानांतर पद और संबंधित वचन

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लूका 10:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 10:2 (HINIRV) »
और उसने उनसे कहा, “पके खेत बहुत हैं; परन्तु मजदूर थोड़े हैं इसलिए खेत के स्वामी से विनती करो, कि वह अपने खेत काटने को मजदूर भेज दे।

मरकुस 16:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मरकुस 16:15 (HINIRV) »
और उसने उनसे कहा, “तुम सारे जगत में जाकर सारी सृष्टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो।

यूहन्ना 4:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 4:35 (HINIRV) »
क्या तुम नहीं कहते, ‘कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं?’ देखो, मैं तुम से कहता हूँ, अपनी आँखें उठाकर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं।

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