Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 9:1 मत्ती 9:2 मत्ती 9:3 मत्ती 9:4 मत्ती 9:5 मत्ती 9:6 मत्ती 9:7 मत्ती 9:8 मत्ती 9:9 मत्ती 9:10 मत्ती 9:11 मत्ती 9:12 मत्ती 9:13 मत्ती 9:14 मत्ती 9:15 मत्ती 9:16 मत्ती 9:17 मत्ती 9:18 मत्ती 9:19 मत्ती 9:20 मत्ती 9:21 मत्ती 9:22 मत्ती 9:23 मत्ती 9:24 मत्ती 9:25 मत्ती 9:26 मत्ती 9:27 मत्ती 9:28 मत्ती 9:29 मत्ती 9:30 मत्ती 9:31 मत्ती 9:32 मत्ती 9:33 मत्ती 9:34 मत्ती 9:35 मत्ती 9:36 मत्ती 9:37 मत्ती 9:38



मत्ती 9:21 का व्याख्या (HINIRV)
पृष्ठभूमि में, मसीह का चमत्कारिक प्रचार-कार्य निरंतर चल रहा था, और कई लोग बनिस्बत अपने रोगों के कारण निर्भर थे। इसी क्रम में एक अति सामान्य स्त्री की कथा जुड़ती है: वह उसने दृढ़ विश्वास से यीशु के कपड़ों के छूने मात्र से चंगा होने की प्रबल इच्छा व्यक्त की। यह पद प्रमाण देता है कि ईश्वर के राज्य के लिए आस्था कितनी प्रमुख है और कैसे व्यक्तिगत विश्वास व्यक्तिगत उपचार का मार्ग बन सकता है।
केंद्रीय अर्थ
यह वाक्य बताता है कि चंगा होने के लिए बाहरी कर्म की आवश्यकता नहीं, बल्कि हृदय में विश्वास होना चाहिए। वह स्त्री केवल यीशु के वस्त्रों को छूने की आशा करती है, क्योंकि उसे विश्वास है कि उससे लाभ मिलेगा। यह आस्था की सरलता, विनम्रता और दृढ़ता का उदाहरण है—यद्यपि उसने डर या भीतरी संदेह के बजाय एक मानवीय आग्रह से क्रिया की। परिणामस्वरूप, उसकी चंगाई तुरंत होती है, और यीशु उसे “तैंअ / तुम्हें तेरा विश्वास चंगा करता है” कहकर संबोधित करते हैं, जो विश्वसनीय आस्था के प्रभाव को दर्शाता है।
मुख्य विषय
संबद्ध आयतें (Cross-references)
1) मती 8:22-23— एक अन्य अवसर पर यीशु ने विश्वास की भीषण ताकत को चित्रित किया जब उसने कहा कि कैदी को merely touches से चंगा किया जा सकता है, जबकि उत्तरदायित्व भी दिखते हैं।
2) लूक 8:43-48— समान घटना, जहां एक वर्षों से बीमारी से पीड़ित महिला का दृढ़ विश्वास उसकी चंगाई का कारण बनता है और यीशु उसकी आस्था को मान्यता देते हैं।
3) मर 5:34— एक अन्य दृष्टांत में यीशु ने कहा कि विश्वास तुम्हें चंगा करता है, और वह व्यक्ति को प्रणाम कर के आदि देता है।
ये संदर्भ इस विचार को पुष्ट करते हैं कि आस्था ईश्वर की कृपा को प्राप्त करने का मार्ग है, चाहे स्थिति कितनी भी दुरूह क्यों न हो।
व्यावहारिक पंक्ति
हम अक्सर बाहरी चढ़ावे या दिखावे के बजाय अपने हृदय में वास्तविक आस्था विकसित करने के बारे में सोचें। चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, ईश्वर में पूर्ण भरोसा रखने से हमें भीतर से परिवर्तन मिल सकता है। एक नम्र, दृढ़ विश्वास और धैर्य के साथ हम भी अपने जीवन के क्षेत्रों में यीशु के स्पर्श को अनुभव कर सकते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
मत्ती 9:21 हमें सिखाता है कि आस्था का सरल, परिशुद्ध और दृढ़ मानव अनुरोध यीशु के हृदयन्मुख प्रेम को उभारता है और चंगा करने की शक्ति को वास्तविक बनाता है। यह कथा एक बार फिर यह दिखाती है कि बहुमूल्य विश्वास में ही ईश्वरीय कृपा की दिशा खुलती है।
नोट्स
कहावत में “यदि मैं उसके वस्त्र ही को छू लूँगी” जैसी छोटी क्रिया भी आस्था की गहराई को इंगित करती है—यह एक प्रेरणा है कि आधिक्य नहीं, बल्कि विश्वास का सही प्रकार आवश्यक है।