यशायाह 53:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दुःखी पुरुष था, रोग से उसकी जान-पहचान थी; और लोग उससे मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हमने उसका मूल्य न जाना। (मर. 9:12)

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यशायाह 53:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 53:3 का अर्थ और संदर्भ

सीधे शब्दों में: यह पद बताता है कि मसीह को तुच्छ और लोग अपनी दृष्टि से ठुकराते हैं; वह दुःखी, रोगग्रस्त, और सामान्य जनता द्वारा अवहेलना का पात्र माना गया था। उन्होंने न तो महत्त्व पाने के लिए शोर मचाया और न छुप कर भागे, बल्कि सामान्य जीवन की कठिनाइयों में समर्पित रहे। इस कथन के अनुसार, उनका मूल्य (क़ीमत) भी लोगों ने नहीं पहचानी।

संदर्भीय पृष्ठभूमि

यशायाह 53 अध्याय इस प्रस्तावना से जुड़ा है कि मूसा के विश्वासी प्रेषित एक दयालु उद्धारकर्ता की आवश्यकता है। 53:3 में सूचित किया गया है कि वह मनुष्यों ने जिसे तुच्छ माना, वह वह है जो कष्टों और रोगों का सामना करता है, पर जनता उसे सामान्य मानकर अपनी दिशा से हट जाती है। यह भाग भविष्यसूचक रूप से यीशु मसीह की sufferings और ostracism (त्याग) का चित्रण करता है, जिसे नए नियम में प्रेरितों ने व्यक्तिगत रूप से देखा। (मरकुस 9:12 जैसे दावे उद्धृत होते हैं ताकि क्रॉस-रेफरेंस स्थापित हों.)

interpretive observations

  • कथन का सम्मिलन: “तुच्छ जाना गया” और “त्यागा हुआ” से यह दिखता है कि उद्धारकर्ता का महानत्व नहीं, बल्कि नम्रता और दयालुत्व उसका पहचान-चिन्ह रहा।
  • रोग से उसकी पहचान: यह केवल शारीरिक बीमारी नहीं, बल्कि मनःस्थलीय पीड़ा और सामाजिक बहिष्कार भी है, जो उसकी सच्ची मानवता के साथ जुड़ा है।
  • लोक-अपेक्षा का विपरीत परिणाम: लोग उसके मूल्य को समझ नहीं पाते; परंतु पवित्र योजना के अनुसार यह दुःख उसका उद्धार हेतु आवश्यक प्रयास था।

छोटा थीम-वाक्य

क्रॉस-रेफरेंस और उनका छोटा स्पष्टीकरण

• मत्ती 8:17 — यीशु ने अपने रोगियों के साथ प्रयुक्त पथ के साथ इस भविष्यवाणी को पूरी किया, ताकि यह सिद्ध हो कि वह प्रभु “our infirmities को उठाकर” चला गया।

• एप्रस 4:15 — ईसाई समुदाय में यीशु के दुःख-भोगों की मिसाल से प्रेरित होकर, विश्वासियों को नर्मी के साथ दूसरों को सहारा देने की शिक्षा मिलती है।

• 1 पतरस 2:24 — यीशु के रोग-आघातों से उपचार का परिणाम, ताकि सदाके लिए हमारी नयी जिंदगी शुरू हो।

पथ-प्रयोगात्मक takeaway

हम कभी-भी दिखावे और मूल्यांकन में नहीं जिएँ; बल्कि परमेश्वर की दृष्टि से आदर्श बनें—नम्रता, करुणा, और सेवक-निष्ठा के साथ जीवन जीएं। पीड़ा पहचान बन सकती है, पर वह ईश्वर की योजना के अनुसार उद्धार का रास्ता भी साफ कर सकती है।

पन्ने के स्रोत से जुड़ी छोटी टिप्पणी

यहाँ पढ़ाई के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचार संक्षेप में मिलते हैं—पर मुख्यतः मूल बाइबल पाठ के साथ संतुलित विवेचना दी गई है। (याद रहे: यदि आपको उनके छोटे तथ्य-उद्धरण मिलें, तो मैं उन्हें उद्धृत रूप में जोड़ दूँगा।)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 53:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तो भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब वह अपना प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।

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