यशायाह 53:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दुःखों को उठा लिया; तो भी हमने उसे परमेश्‍वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा। (मत्ती 8:17, 1 पत 2:24)

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यशायाह 53:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 53:4 पर एक संक्षिप्त व्याख्या

पिछले अध्यायों में यह राजपत्र स्पष्ट करता है कि मसीह इस दुखी-नुकसान की भूमिका में आएंगे—न कि एक शक्तिशाली विजयी राजा पहले से ही. 53:4 में भविष्यवाणी यह बताती है कि दुख-संयमित सेवक के रूप में वह हमारे लिए बीमारी-रोग और दुख उठाते हैं; परन्तु लोग इसे सामान्य दुःख-स्वाभाविक अनुभव मानकर उसे परमेश्वर का दंड या दुर्दशा समझते हैं। यह अनुभूति विश्वास की कसौटी बनती है: भले ही वह दोष-शमन के लिए आया हो, मानव दृष्टि में उसे दंडित प्रतीत होता है।

मुख्य अर्थ

यह पद यीशु मसीह के लिए पूर्वाभाषित उपस्थिति का वर्णन है: वह हमारी बीमारियाँ उठाता है, हमारे दुखों को सहता है। यह आपकी-मेरी रोग-व्यथा से मुक्त करने की एक गहराई है, न कि केवल शारीरिक ailment का उल्लेख। उद्धार मिलना तब होता है जब लोग स्वीकार करते हैं कि दुख के कारण वह हूँ जो हमारे स्थान पर दण्डित हुआ।

दो-तीन प्रमुख थीम

  1. मसीह की पीड़ा हमारे बदले में है, ताकि हम शांति और स्वास्थ्य पा सकें—आत्मिक और शारीरिक दोनों आयामों में."
  2. मानव दृष्टि में वह मारा गया और दु:खित माना गया, पर परमेश्वर की योजना के अनुसार वह हमारे लिए पीड़ा सहन करता है।
  3. हमारे पापों के कारण उसकी जगह दंड उठना, ताकि हम उद्धार और उद्धार की राह पर लौट सकें।

क्रॉस-रेफरेंसे/संदर्भ

  • यशायाह 53:5—पीड़ा से चिकित्सा, हमारे शल्य-तोड़ों के लिए उसका बलिदान: “उसके घायलों के कारण हम चंगा होते हैं।”
  • मत्ती 8:17—गठित क्रिया: यीशु ने मनुष्यों के रोगों को अपने ऊपर ले लिया, ताकि उन्होंने निवारण पाए। इसका नया अनुभव दिव्यता के सत्तामुखी प्रेम को दर्शाता है।
  • 1 पतरस 2:24—वह हमारे पापों के कारण क्रूस पर गया ताकि हम पाप-रहित हो जाएँ; उसकी चंगा करना आत्मिक उद्धार का आधार बनता है।

व्यावहारिक विचार

क्या आप दर्द, बीमारी, या अस्वास्थ्य के बीच हैं? इस पद का अर्थ है कि प्रभु ने उन तक पहुँचने का अपना रास्ता बना लिया है— वह आपके प्रत्येक आँसू और पीड़ा को समझते हैं। विश्वास करें कि उसके परिणामस्वरूप हमारी ग़लतियाँ, और दु:ख-स्थिति, एक उद्धारपूर्ण उद्देश्य के लिए सम्मिलित हैं। पुनः ध्यान दें कि यह केवल शारीरिक चिकित्सा नहीं है, बल्कि आत्म-विश्वास, शान्ति, और भीतरी स्वास्थ्य का मार्ग है।

संक्षिप्त समापन

53:4 में मसीह के बारे में दो बातें उभरती हैं: वह हमारे रोगों को उठाता है और हमारे दुःखों को सहन करता है; फिर भी मानव दृष्टि उसे दंडित समझती है। यह संतोषकारी संदेश है कि उद्धार एक ऐसी प्रेमयात्रा है जिसमें पीड़ा भी ईश्वर की ममता को प्रकट करती है, ताकि हम परमेश्वर के साथ पूर्ण जीवन पाएँ।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 53:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 पतरस 2:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 पतरस 2:24 (HINIRV) »
वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए* क्रूस पर चढ़ गया, जिससे हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएँ। उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। (यशा. 53:4-5,12, गला. 3:13)

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मत्ती 8:17 (HINIRV) »
ताकि जो वचन यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था वह पूरा हो: “उसने आप हमारी दुर्बलताओं को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया।” (1 पत. 2:24)

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गलातियों 3:13 (HINIRV) »
मसीह ने जो हमारे लिये श्रापित बना, हमें मोल लेकर व्यवस्था के श्राप से छुड़ाया* क्योंकि लिखा है, “जो कोई काठ पर लटकाया जाता है वह श्रापित है।” (व्य. 21:23)

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