यशायाह 53:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम लोग चंगे हो जाएँ। (रोम. 4:25, 1 पत. 2:24)

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यशायाह 53:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 53:5 — तत्काल संदर्भ और भावार्थ

अभी पाठ का संधान करते समय यह आयत, परमेश्वर के द्वारा मनुष्य के पाप के कारण उजाड़ और घायल बन जाने वाले कष्टों की गवाही देती है ताकि परम शांति हमारी खातिर संभव हो सके। यहाँ "कुचला गया" और "ताड़ना पड़ी" जैसे चित्र यह संकेत करते हैं कि दुख-जनक स्थितियाँ भी ईश्वर की उद्धार योजना का भाग हैं, जिससे हम चंगे हों।

ईश्वर और विश्वास के बारे में इस पंक्ति से मिलती स्पष्टता

यह आयत बताती है कि परमेश्वर की योजना में पाप का प्रभाव नीतिगत नहीं, बल्कि परिशोधन और चिकित्सा है। यीशु मसीह के कार्य से “हमारे लिए चोट प्रयोग” होती है ताकि हम अपराधों से मुक्ति पाएँ। रोम 4:25 और 1 पतरस 2:24 जैसे शब्द यह संकेत करते हैं कि क्रूस पर दी गई क्षमा और चिकित्सा हमारी ओर संकेत करती है कि विश्वास में पुनःस्थापना संभव है।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या

  • — हमारे पाप के कारण शारीरिक और आंतरिक आघात की अनुभूति; पर यह नश्वरता से मुक्त करने वाली एक निर्धारित योजना का भाग है।
  • — दमन और दंड के बोझ का प्रतीक; अलौकिक प्रेम द्वारा वह बोझ उठाने की व्यवस्था।
  • — शांति की प्राप्ति के लिए विवेकपूर्ण कष्ट, ताकि हमारे भीतर की असंतोष और अपराध-बोध दूर हो सके।

संबंधित आयतें (क्रॉस-रेफरेंसेस)

  • रोम 4:25 — मसीह हमारे लिए मृत्यु से जी उठने के कारण उद्धार का आधार बनते हैं; हमारे विश्वास को उसकी मरम्मत के साथ जोड़ा गया है।
  • 1 पतरस 2:24 — उसी आघात के द्वारा हम पाप के कारण हुए दर्द से मुक्त होते हैं; वह हमारे लिए दुःख उठाते हैं ताकि हम रोग मुक्त हों।
  • यूहना 1:29 — यीशु वह बकाया प्रभु है जो संसार के पाप को ढो देता है; यह घटना इस आयत के उद्धारकारी लक्ष्य को प्रतिपादित करती है।

आधुनिक जीवन में अनुप्रयोग

परन्तु वह हमारे अपराधों के कारण घायल किया गया—यानी कठिनाइयों और दुखों के बीच भी परमेश्वर की प्रेम-योजना सक्रिय रहती है। विश्वासियों के लिए इसका सार यह है कि क्रूस के मार्ग द्वारा शांति और चंगा होना संभव है, चाहे परिस्थिति कितनी भी भारी क्यों न हो। अपना अपराधबोध और दर्द परमेश्वर के चरणों में रखकर, धैर्य और पल-पल विश्वास के साथ जीवन को आगे बढ़ाने का प्रेरणा मिलती है।

संक्षिप्त समेकन (एक-लाइन निष्कर्ष)

53:5 में लड़ा गया संघर्ष, उद्धार की योजना का केंद्र है: दुख और दण्ड से मुक्त होना, ताकि हमारे भीतर शांति और नई जिंदगी पाई जा सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 53:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 पतरस 2:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 पतरस 2:24 (HINIRV) »
वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए* क्रूस पर चढ़ गया, जिससे हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएँ। उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। (यशा. 53:4-5,12, गला. 3:13)

1 पतरस 3:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 पतरस 3:18 (HINIRV) »
इसलिए कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुःख उठाया, ताकि हमें परमेश्‍वर के पास पहुँचाए; वह शरीर के भाव से तो मारा गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।

मत्ती 20:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 20:28 (HINIRV) »
जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिए नहीं आया कि अपनी सेवा करवाए, परन्तु इसलिए आया कि सेवा करे और बहुतों के छुटकारे के लिये अपने प्राण दे।”

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