भजन संहिता 68:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे परमेश्‍वर, तूने बहुतायत की वर्षा की; तेरा निज भाग तो बहुत सूखा था, परन्तु तूने उसको हरा-भरा किया है;

भजन संहिता 68:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 68:9 — स्थिति और उद्घोष

यह पद परमेश्वर के आशीर्वाद से भरे हुए, तरबतर परिवर्तन की घड़ियों को दर्शाता है। संदर्भ में भगवान ने आकाश से वर्षा भेजी और पृथ्वी को फिर से हराभरा किया। यह दृश्य उस समय को संकेत करता है जब परमेश्वर अपने चेलों के बीच अपनी कृपा से जीवन की प्यास बुझाता है और एक नई निजामत लाता है।

पद से स्पष्ट बात: परमेश्वर की कृपा और नवीनीकरण

इस आयत में कहा गया है कि तूने अत्यधिक वर्षा की, अर्थात् वर्षा की बाढ़ जैसी कृपा जो सूखे को मिटाती है और मिट्टी के भीतर जीवन को उन्नत करती है। तेरा निज भाग बहुत सूखा था—यहाँ “निज भाग” से तात्पर्य उस ऊँचे योजनाबद्ध भाग से है जिसे परमेश्वर ने अपने चुने पुत्रों के लिए निर्धारित किया था; सूखा, विनाश या कठिनाई, जिसे वह जल्द ही तितर-बितर कर देता है। फिर तूने उसको हरा-भरा किया। यह परिवर्तन आत्मिक जीवन की प्यास को शांत करने वाला और दृष्टिगत रूप से भी प्रकृति को जागृत करने वाला संकेत है।

की-वर्ड्स और छवियाँ: समझ्नी के लिए सरल व्याख्या

  • परमेश्वर की उदार कृपा जो सूखे खेतों और निर्जल दृश्यों को जीवन दे देती है।
  • परमेश्वर की पुष्टि की गई सेवा—वह जिस पर विश्वास करता है, उसे समर्थ बनाता है।
  • जीवन, आशा और विस्तार का प्रतीक—आत्मिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर पुनर्निर्माण।

कथन-आधार से मिलतेOther (Cross-references)

1) भजन 107:35-38—कथा वही है: परमेश्वर पानी बहाते हैं और सूखे को उत्साह से भर देते हैं ताकि शहरों में आबादी कायम रहे। यह दिखाता है कि ईश्वर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ஊज़ित (उप-उपकार) बनते हैं।

2) דאָס्यूए 37:25—पूर्वजों के समय परमेश्वर ने निर्जल हवा में भी जल और वृक्ष पैदा किए, यह विश्वास पर आधारित है कि परमेश्वर के कहे अनुसार जीवन पुनः उग सकता है।

3) യ Isa 44:3—परमेश्वर अपनी आत्मा से वर्षा देता है और पृथ्वी को उपजाऊ बनाता है, जो विश्वासियों के लिए निरंतर उद्धार की आशा है।

पाठ के साथ अब क्या सीखें: आज के लिए लागू बात

— कठिन समय में जो सूखा देखा गया है, उसे भरे जाने की उम्मीद रखें। परमेश्वर की कृपा के समय में वह आपके जीवन के सूखे हिस्सों को पुनर्जीवित कर सकता है—व्यक्ति, परिवार, समुदाय, और आत्मा के क्षेत्र में।

— विश्वास की आवृत्ति: उसकी वर्षा तब होती है जब हमारे हृदय एकत्व, आस्था और प्रार्थना से खुलते हैं।

संक्षेप्य निष्कर्ष

यह आयत दिखाती है कि परमेश्वर अपने चुनों के लिए वर्षा भेजकर जीवन का पुनर्निर्माण करता है: सूखा क्षण उसकी करुणा से हरा-भरा बन जाता है। यह एक प्रेरक स्मरण है कि निर्जीव स्थिति में भी ईश्वर की कृपा गति करती है और आशा की नई ऋतु ला सकती है।

उद्धृत संभावित टीका-संदर्भ:Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के विश्लेषण से मिलते संकेत यहाँ समाहित हैं—परमेश्वर की कृपा named here as the source of life, and renewal as a divine act. इनमें से संक्षिप्त विचार: Henry कहते हैं कि यह विजयी कृपा का संकेत है; Barnes कहते हैं कि साधारण प्यास को भी वह तृप्त करते हैं; Clarke देखते हैं कि यह समाजिक-आत्मिक पुनरुत्थान का चित्र है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 68:9 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तो मैं तुम्हारे देश में बरसात के आदि और अन्त दोनों समयों की वर्षा को अपने-अपने समय पर बरसाऊँगा, जिससे तू अपना अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल संचय कर सकेगा। (याकूब. 5:7)

भजन संहिता 78:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 78:24 (HINIRV) »
और उनके लिये खाने को मन्ना बरसाया, और उन्हें स्वर्ग का अन्न दिया। (निर्ग. 16:4, यूह. 6:31)

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भजन संहिता 65:9 (HINIRV) »
तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता है, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्‍वर की नदी जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है।

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