भजन संहिता 86:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करनेवाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभी के लिये तू अति करुणामय है।

भजन संहिता 86:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

परिचय — छवि और संदर्भ

भजन संहिता 86:5 एक सरल मगर गहन घोषणा है: परमेश्‍वर की दया और क्षमाशीलता पर भरोसा। यह वचन दाऊद के ऐसे संवादों में से है जहाँ वे संकट में अपनी आ림 और परमेश्‍वर की विश्वासयोग्य सहानुभूति का स्मरण करते हैं। संपूर्ण भजन 86 एक व्यक्तिगत करुणा-विनती है—एक विश्वासपूर्ण याचना जिसमें भक्ति की निर्भीक उम्मीद और परमेश्‍वर की कृपा का अनुभव मिश्रित है।

पद्य का स्थान और प्रसंग

यह श्लोक भजन के मध्य में आता है, जहाँ प्रार्थी अपने संकट की व्याख्या कर चुका है और अब परमेश्‍वर की स्वभावगत दया की ओर ध्यान खींचता है। यहाँ "क्योंकि" शब्द प्रार्थना के तर्क को बताता है: परमेश्‍वर की दयालुता सबसे भरोसेमंद आधार है, इसलिए प्रार्थी आशा रख सकता है। पूरा अध्याय व्यक्तिगत निर्भरता, क्षमा की याचना और शत्रुओं के सामने धर्म के लिए दृढ़ होने का विषय उठाता है।

मुख्य आध्यात्मिक सीख

मुख्य संदेश यह है कि परमेश्‍वर का स्वभाव दयालु और क्षमाशील है; जो कोई ईमानदारी से उसे पुकारता है, उसे वह करुणा से देखता है। यह वचन हमें सिखाता है कि प्रार्थना का आधार मेहनत या परादेश नहीं, बल्कि परमेश्‍वर का दयालु चरित्र है। विश्वास की याचना का उत्तर उसी पर निर्भर नहीं होता कि हम कितने योग्य हैं, बल्कि इस पर कि परमेश्‍वर स्वयं दयालु है।

संबंधित शास्त्रीय संदर्भ

  • यिर्मयाह 33:6 — परमेश्‍वर की दया और उद्धार की वादा-रचना; दया और उपचार का वचन भजन की आशा से मेल खाता है।
  • लूका 18:13–14 — "हे प्रभु, दया कर" की विनती और उसकी स्वीकृति के सिद्धान्त; नम्र प्रार्थना पर परमेश्‍वर की अनुग्रहशीलता का उदाहरण।
  • भजन 103:8 — "परमेश्‍वर दयालु और क्षमाशील"—यह वचन सीधे 86:5 की पुष्टि करता है और दया को परमेश्‍वर के स्थायी गुण के रूप में दर्शाता है।

विशेष टिप्पणी: पारंपरिक व्याख्याएँ

मैथ्यू हेनरी के विचारों में अक्सर यह नज़र आता है कि विश्वास की प्रार्थना परमेश्‍वर की दया पर टिकी हुई है; वह दया को कर्मों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण मानते हैं। अल्बर्ट बार्न्स ने भी इस श्लोक को विषयगत रूप से देखा कि परमेश्‍वर का उत्तर देने का कारण उसकी स्वाभाविक करुणा है। एडम क्लार्क की टिप्पणियाँ भी दया और क्षमा के व्यापक अर्थों पर रुकती हैं, जैसे कि व्यक्तिगत उद्धार और सामूहिक दया—परन्तु यहाँ कोई शब्दशः उद्धरण शामिल नहीं किया गया है।

व्यवहारिक अनुप्रयोग

यह पद हमें निम्न उपदेश देता है:

  • कठिन समय में भी प्रार्थना करने का साहस रखें—आपकी उपेक्षा या अक्षमता परमेश्‍वर की दया को कम नहीं करती।
  • दूसरों के प्रति भी करुणा और क्षमा का व्यवहार अपनाएँ, क्योंकि परमेश्‍वर ने यही गुण स्वयं में प्रदर्शित किया है।
  • प्रार्थना का आधार आत्म-आलोचना नहीं, बल्कि परमेश्‍वर के दयालु स्वभाव पर भरोसा होना चाहिए।

निष्कर्ष

भजन 86:5 बताता है कि परमेश्‍वर दयालु और क्षमाशील है और जो उसे पुकारते हैं, वह उन्हें करुणा दृष्टि से देखता है। यह वचन न केवल सांत्वना देता है बल्कि प्रार्थना के आत्मविश्वास का आधार भी देता है: हमारा अधिकार परमेश्‍वर के चरित्र में निहित है, न कि हमारी परिपूर्णता में। अंततः यह हमें प्रणय और करुणा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है—परमेश्‍वर की दी हुई आशा के साथ।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 86:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

योएल 2:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
योएल 2:13 (HINIRV) »
अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़कर” अपने परमेश्‍वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला, करुणानिधान और दुःख देकर पछतानेवाला है।

निर्गमन 34:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 34:6 (HINIRV) »
और यहोवा उसके सामने होकर यों प्रचार करता हुआ चला, “यहोवा, यहोवा, परमेश्‍वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करुणामय और सत्य,

नहेम्याह 9:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नहेम्याह 9:17 (HINIRV) »
और आज्ञा मानने से इन्कार किया, और जो आश्चर्यकर्म तूने उनके बीच किए थे, उनका स्मरण न किया, वरन् हठ करके यहाँ तक बलवा करनेवाले बने, कि एक प्रधान ठहराया, कि अपने दासत्व की दशा में लौटे। परन्तु तू क्षमा करनेवाला अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से कोप करनेवाला, और अति करुणामय परमेश्‍वर है, तूने उनको न त्यागा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें