Old Testament
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जकर्याह 1:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर जो पुरुष मेंहदियों के बीच खड़ा था, उसने कहा, 'यह वे हैं जिनको यहोवा ने पृथ्वी पर सैर अर्थात् घूमने के लिये भेजा है।'
जकर्याह 1:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 1:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 1:11 (HINIRV) »
तब उन्होंने यहोवा के उस दूत से जो मेंहदियों के बीच खड़ा था, कहा, 'हमने पृथ्वी पर सैर किया है, और क्या देखा कि सारी पृथ्वी में शान्ति और चैन है*।'

जकर्याह 6:5 (HINIRV) »
दूत ने मुझसे कहा, “ये आकाश की चारों वायु हैं जो सारी पृथ्वी के प्रभु के पास उपस्थित रहते हैं, परन्तु अब निकल आए हैं।

इब्रानियों 1:14 (HINIRV) »
क्या वे सब परमेश्वर की सेवा टहल करनेवाली आत्माएँ नहीं; जो उद्धार पानेवालों के लिये सेवा करने को भेजी जाती हैं? (भज. 103:20-21)
जकर्याह 1:10 का संदर्भ और अर्थ
यहेजा के समान समय में भविष्यवाणीकारी स्वार्ग का स्वप्न देखते हुए, जकर्याह प्रेषित कर रहे हैं कि जो पुरुष महदियों के बीच खड़ा था, उसने स्पष्ट किया कि ये वे हैं जिन्हें प्रभु ने पृथ्वी पर भटकने और घूमने के लिये भेजा है। यह दृश्य साजिश नहीं है, बल्कि परमेश्वर की आज्ञा और सुरक्षा-योजना की पुष्टि है: परमेश्वर अपनी प्रजा के लिये चारों ओर क्षेत्रों में उपस्थित रहने की अनुमति देता है ताकि वे उसकी योजना के अनुसार हर जगह कार्य करें।
मुख्य उद्देश्य और केंद्रीय अर्थ
वचन यह दर्शाता है कि परमेश्वर की आँख हर स्थान पर है और उसकी योजना में राष्ट्र-राज्यों की गतिविधियाँ और पथ-प्रत्यय शामिल हैं। यह जो पुरुष महदियों के बीच खड़ा था, वह एक संदेशवाहक के रूप में है—यह बताता है कि पृथ्वी की हर भौगोलिक स्थिति में परमेश्वर की योजना घूम-फिरकर, जागरूकता और सुरक्षा प्रदान करने हेतु चलती है।
दो–तीन मुख्य विषय
जोड़े हुए पवित्र ग्रंथ संबंधी संदर्भ
• यिर्मयाह 1:10—यहोवा के कार्यों की स्थापना और देशों के संचालन का स्पष्ट चित्र; यह दिखाता है कि वह रोज़मर्रा के स्थानों में भी कर्मियों को भेजता है।
• मत्ती 28:19–20—विश्व-प्रचार और सभी जातियों तक सुसमाचार पहुँचाने की आज्ञा; यह दिखाता है कि हर भूभाग में हम अनुभव करते हैं कि परमेश्वर मार्गदर्शित करता है।
• दानिएल 4:17—राज्य-चक्र और पृथ्वी के भागों में प्रभु की सत्ता का संकेत; क्षेत्रीय परिवर्तनों के पीछे उसका उद्देश्य स्पष्ट रहता है।
व्यावहारिक चिंतन
हम क्या करें? इतिहास में जो कुछ भी हो रहा हो, विश्वासी के लिए यह सीधा संदेश है कि हम कहीं भी हों, परमेश्वर के उद्देश्य में सहभागी बनें। अपनी राह में दया और नम्रता रखकर, दुनिया के हर कोने में प्रेम और ईमानदारी से कार्य करें। यह भी याद रखें कि हम अपने पड़ोस, अपने शहर और अपने देशों में जहाँ-जहाँ भेजे जाएँ, वहां प्रभु की योजनाओं को पूरा करने में मददगार बनें।
संक्षिप्त समापन
यहोवा ने पृथ्वी पर घूम फिरकर विभिन्न स्थानों में अपनी सुरक्षा और कार्य की योजना को आगे बढ़ाने के लिये उन पुरुषों को भेजा है। यह संदेश हमें प्रेरित करता है कि हम हर स्थान पर ईश्वर के कामों के सहभागी बनें और विश्वास से अपने दायित्व निभाएं।
Cross-reference notes: यह पद परमेश्वर की सार्वभौमिक योजना और उसके लोगों के लिए उनके अधिकार-कोष के संकेत देता है; देखें यिर्मयाह 1:10, मत्ती 28:19–20, दानिएल 4:17—जहां सभी स्थानों पर प्रभु का नियंत्रण स्पष्ट होता है।
कथन उद्धरण (यदि लागू): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के मौजूदा सार्वजनिक-डोमेन तात्पर्य के छोटे-छोटे सम्बद्ध अंश नीचे उद्धृत हैं केवल यदि उपलब्ध हों।