Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीजकर्याह 1:3 बाइबल पद की व्याख्या
जकर्याह 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए तू इन लोगों से कह, सेनाओं का यहोवा यह कहता है: तुम मेरी ओर फिरो, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, तब मैं तुम्हारी ओर फिरूँगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। (याकू. 4:8, होशे 6:1)
जकर्याह 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
जकर्याह 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मलाकी 3:7 (HINIRV) »
अपने पुरखाओं के दिनों से तुम लोग मेरी विधियों से हटते आए हो, और उनका पालन नहीं करते। तुम मेरी ओर फिरो, तब मैं भी तुम्हारी ओर फिरूँगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है; परन्तु तुम पूछते हो, ‘हम किस बात में फिरें?’ (याकू. 4:8, इब्रा. 10:30-31) प्रभु को न लूटो

व्यवस्थाविवरण 30:2 (HINIRV) »
और अपनी सन्तान सहित अपने सारे मन और सारे प्राण से अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरकर उसके पास लौट आए, और इन सब आज्ञाओं के अनुसार जो मैं आज तुझे सुनाता हूँ उसकी बातें माने;

यिर्मयाह 12:15 (HINIRV) »
उन्हें उखाड़ने के बाद मैं फिर उन पर दया करूँगा, और उनमें से हर एक को उसके निज भाग और भूमि में फिर से लगाऊँगा। (व्य. 30:3)
जकर्याह 1:3 पर महामुकाम: क्यों यह वचन मायने रखता है
यह वचन स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के पास लौटने और उनकी ओर रुख करने की दिशा मेंता प्रक्रिया है—व्यक्ति और राष्ट्र के लिए उद्धार की प्राथमिक शर्त। Rückkehr से God's desire to bless और पथ-परिवर्तन का संकेत मिलता है। जब लोग ईश्वर की ओर पलट आते हैं और उसे स्वीकार करते हैं, तब परमेश्वर भी अपनी कृपा और सद्गुणों से उन तक लौटते हैं। यह संदेश हर समय प्रासंगिक है, क्योंकि प्रेरितों के काल से अब तक ईश्वर का आमंत्रण यही रहा है: मैं तुम्हारी ओर फिरूँगा, यदि तुम मेरी ओर लौटो।
परिप्रेक्ष्य: मूल संदर्भ क्या कहता है?
यहोवा की यह कहना कि “तुम मेरी ओर फिरो” जकर्याह के समय के शिल्प-निर्देशन के साथ जुड़ा है—जहां यहूदियों के पुनर्निर्माण का दौर चल रहा था, जब वे बाबुल की captivity के बाद Yerushalayim लौटे थे और मंदिर के पुनर्निर्माण की दिशा में अग्रसर थे। इस समय परमेश्वर अपने लोग से निवेदन कर रहा है कि वे पूरी तरह आत्म-समर्पण के साथ उसकी ओर पलटें, क्योंकि अनुकूलित आशीषें और संरचनात्मक सुधार इसी पल के कारण संभव होंगे।
मुख्य संदेश: पलटाव और उद्धार की पहली शर्त
इस वाक्य का केंद्रीय गुण-धर्म है: पलटना (repentance) और परमेश्वर की ओर आस्था की सक्रियता। यदि लोग सचमुच मोड़ कर अपनी धारा बदलते हैं—यानी भीतरी ह्रदय-परिवर्तन—तब परमेश्वर उन पर कृपा करते हैं और स्वयं उनका भागीदार बनते हैं। यह वाक्य पुराने नियम और नए नियम के बीच एक विशिष्ट धुरी दर्शाता है: परमेश्वर की ओर लौटना, फिर उनपर भरोसा रखना, और उसी क्रम में वह पुनः अपने प्रेम और आशीर्वाद को लौटाते हैं।
विवेचना के लिए प्रमुख बाइबल थीम
कुछ उपयोगी क्रॉस-रेफरेंसेज़
याकूब 4:8 के साथ यह संबन्ध दर्शाता है कि नैतिक और आध्यात्मिक पलटाव कैसे देव-नातेदारी को गहराता है। होशे 6:1 की तरफ संकेत है कि पलटाव परमेश्वर के उद्धार के साथ जुड़ा है—हम उसे पुकारते हैं तो वह सच्चे दिल से लौटकर हमारे करीब आता है।
यशायाह 55:7 की तरह, पथ-परिवर्तन परामर्श देता है कि जो व्यक्ति अपने पाप छोड़कर परमेश्वर के पास लौटे, उसे कृपा मिलेगी। मत्ती 4:17 में यीशु का प्रथम प्रचार—“परताऊ और प्रभु के राज्य के निकट आ जा”—इस पंक्ति के साथ एक संगत संदेश देता है।
संदर्भ के लिए संक्षिप्त टिप्पणी
- मते-हेनरी शैली के विचार: यह वचन परमेश्वर की इच्छा को दर्शाता है कि लोग अपनी आत्मा, विचार और व्यवहार में समर्पण करें ताकि आशीषें फिर से आरम्भ हों।
- एलबर्ट बार्न्स शैली के विचार: पलटाव केवल बाहरी धार्मिकता नहीं, बल्कि हृदय की सच्ची धारा है जिसे परमेश्वर अपने न्यायसंगत हाथों से निर्देशित करते हैं।
- एडम क्लार्क शैली के विचार: यह वचन दिखाता है कि परमेश्वर की कृपा तब सक्रिय होती है जब विश्वासी अपने भीतर सत्यापन और सुधार के लिए प्रस्तुत होते हैं।
छोटा devotional विचार
गहराई से पलटना एक सक्रिय_choice है—भय नहीं, आशा है। जब हम सचमुच परमेश्वर के पास लौटते हैं, वह हमारे भीतर नयी दृढ़ता और दिशा बनाते हैं। अपने हृदय में आज जो भी बाधाएँ हैं, उनसे ईश्वर के प्रति एक स्पष्ट कदम उठाने का समय है—क्योंकि उसका यही वचन है: मैं तुम्हारी ओर फिरूँगा।