Old Testament
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जकर्याह 1:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
दारा के दूसरे वर्ष के शबात नामक ग्यारहवें महीने के चौबीसवें दिन को जकर्याह नबी के पास जो बेरेक्याह का पुत्र और इद्दो का पोता था, यहोवा का वचन इस प्रकार पहुँचा
जकर्याह 1:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 1:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 1:1 (HINIRV) »
दारा के राज्य के दूसरे वर्ष के आठवें महीने में जकर्याह भविष्यद्वक्ता के पास जो बेरेक्याह का पुत्र और इद्दो का पोता था, यहोवा का यह वचन पहुँचा (एज्रा. 4:24, 5:1)
जकर्याह 1:7 का संकल्पना और संदर्भ
यह वचन दारा के दूसरे वर्ष के शबात नामक ग्यारहवें महीने के चौबीसवें दिन आया। जकर्याह के साथ बेरेक्याह पुत्र और इद्दो के पोते के रूप में यह संदेश यहोवा की ओर से आता है, जो यह देखने के लिए प्रेरित करता है कि यहोवा ने अपने लोग कैसे फिर से अधिकार और सुरक्षा पाई। यह पाठ यहोवा के आलोचकों से नहीं, बल्कि उसकी कृपा और निर्देश से जुड़कर यह समझाता है कि परमेश्वर अपने चुने हुए समुदाय के बीच सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
मुख्य विचार
इस verses का केंद्रबिंदु यह है कि परमेश्वर का वचन निरंतर जीवन्त है और समय के अनुसार स्थान-स्थान पर नयी प्रेरणा देता है। जकर्याह एक प्रोफेटिक संदर्भ में यह बताता है कि आशीर्वाद, सुधार और सुरक्षा केवल मनुष्य की मेहनत से नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना और प्रवाह से मिलती है।
तीन प्रमुख विषय
संबंधित बाइबिल पाठ
1) ज़कर्याह 1:14-15 — यहोवा अपने उद्गारों में यहूदियों के लिए रात-दिन की चिंता नहीं छोड़ेगा; उसकी दयाभावना अभी भी है।
2) हेजक 2:5 — परमेश्वर अपने वादों को स्थिर रखने के लिए अपने केन्द्रित उद्देश्यों को दोहराते हैं।
3) यूहन्ना 1:14 — परमेश्वर का वचन मानव रूप धारण कर हमारे बीच रहा है, जिससे वह सीधे तौर पर हमारी जिंदगी में प्रवेश करता है।
व्यावहारिक चिंतन
हम भी अपने समय-समय पर यहोवा की आवाज सुनने के लिए तैयार रहें। निर्भरता में रहने से हम कठिन परिस्थितियों में भी आशा के साथ आगे बढ़ते हैं, क्योंकि परमेश्वर अपने लोगों के बीच सक्रिय है। प्रतिदिन छोटी-छोटी क्रियाओं में ईमानदारी और अपनत्व दिखाएं, ताकि समुदाय में सुधार और शांति बनी रहे।
कथा-सार
परमेश्वर का वचन समय के साथ नया संदेश लेकर आता है; यह कहना नहीं कि स्वाभाविक उपायों से विपत्ति समाप्त हो जाएगी, बल्कि यह कि उसकी योजना में सुरक्षा और उद्धार के कदम शामिल हैं। जकर्याह और बेरेक्याह के माधुर्य से प्रेरित होकर हम भी आत्म-निरीक्षण, आस्था और सेवा के मार्ग पर कदम बढ़ाएं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह verse यह दिखाता है कि परमेश्वर अपनी योजनाओं के अनुसार सक्रिय है और उसकी जगह लेने के लिए मनुष्य की सच्ची तैयारी की आवश्यकता है। विश्वास के साथ उसकी वाचालता को मानना और समुदाय के सुधार के लिए समर्पण अपेक्षित है।
नोट्स
यहां उपलब्ध विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रसिद्ध टिप्पणी-उद्धरणों से प्रेरित हैं। आवश्यक रूप से इनमें से कोई सटीक उद्धरण पूरी verses में नहीं हैं, पर उनके पूरक दृष्टिकोण ने संदेश को गहरा किया है।