Old Testament
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जकर्याह 1:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब जो दूत मुझसे बातें करता था, उसने मुझसे कहा, 'तू पुकारकर कह कि सेनाओं का यहोवा यह कहता है, मुझे यरूशलेम और सिय्योन के लिये बड़ी जलन हुई है।
जकर्याह 1:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 1:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 40:6 (HINIRV) »
बोलनेवाले का वचन सुनाई दिया, “प्रचार कर!” मैंने कहा, “मैं क्या प्रचार करूँ?” सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है।

यशायाह 40:1 (HINIRV) »
तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति! (भज. 85:8, 2 कुरि. 1:4)

जकर्याह 1:14 पर टिप्पणी — बड़ी जलन और çekav
पाठ का संक्षिप्त परिचय: इस वसीयत में दूत के साथ दर्शन के बीच यहोवा का प्रेम और चिंता स्पष्ट होती है for यरूशलेम और सिय्योन के लिए। परमेश्वर को वहां रहने वालों के लिए सजग और गहन लगन है, ताकि उनके उद्धार और पवित्रता बनी रहे। यह परमेश्वर की निष्ठा और न्याय दोनों की कसौटी दिखाता है: जहां उसकी सच्ची वाणी फैलती है, वहीं उसकी जलन भी सक्रिय रहती है ताकि पथभ्रष्टता से बचा जा सके।
पर्वत-चरण के साथ verse का विश्लेषण
यहुवा के दूत का यह कथन यह बताता है कि सेनाओं के यहोवा की जलन यरूशलेम और सिय्योन पर विशेष है। यह जलन आध्यात्मिक संवेदना से निकलती है—क्योंकि वे परमेश्वर के प्रिय लक्ष्य हैं, जहाँ उसकी महिमा और वादा पूरी होगी। इसमें यह संदेश है कि ईश्वर भले ही दयालु है, पर पवित्रता के उल्लंघन पर आक्रामक प्रतिक्रिया देता है ताकि विश्वास और धर्मसत्ता की रक्षा हो।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
यहाँ तीन प्रमुख बिंदु उभरते हैं:
अनुशीलित तुलनात्मक पाठ
कई पुराने टिप्पणीकारों के विचार इस प्रकार मिलते हैं:
Matthew Henry ने संकेत किया कि यह जलन उस प्रेम का प्रमाण है जो परमेश्वर के शहतीर-शासन के लिए है—यानी वह अपनी व्यवस्था के उल्लंघन पर भी देरी नहीं करता। Albert Barnes ने इसे यरूशलेम की दशा के साथ एक चेतावनी के रूप में देखा है कि पवित्र नगर की प्रतिष्ठा और उसकी स्वीकृति से परमेश्वर का रिश्ता जुड़ा है। Adam Clarke ने माना कि जलन का भाव परमेश्वर की पवित्रता की सक्रियता है, जो असत्य और पाप के विरुद्ध खड़ी होती है। इन तीनों के दृष्टिकोण एक साथ देखने से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का प्रेम और पवित्रता दोनों ही सशक्त रूप से एक साथ चलते हैं; रिश्ते की रक्षा के लिए उसकी जलन आवश्यक है।
संक्षेपमें, यह वाक्य एक उच्च स्तर की गवाही देता है कि यरूशलेम और सिय्योन—यसी पर वह दया-निष्ठा की परंपरा—पर परमेश्वर की जलन, उसकी वाचा के सम्मान और उसकी योजना के अन्तर्गत क्रिया-प्रेरणा के साथ प्रवृत है।
सुसंगत क्रॉस-रेफरेंस
– किरदार-सम्बन्धी संदर्भ: भरपूर ध्यान दें कि परमेश्वर की जलन पाप के विरुद्ध है, न कि उसके बच्चों के विरुद्ध।
– अन्य संदर्भ: यिर्मयाह 31:20; गिनती 25:11-12; नबी-आकर्षण की कथा में प्रभु के प्रेम के साथ उसकी कठोरता का संयोजन देखा जा सकता है।
इन क्रॉस-रेफरेंसेज़ के साथ, यह स्पष्ट हो जाता है कि परमेश्वर का जलन, उसकी वाचा और उसकी पवित्रता की रक्षा के लिए चलता है, ताकि विश्वासी जीवन में पथभ्रष्टि न हो सके और उद्धार का मार्ग स्थिर रहे।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- अपनी व्यक्तिगत पवित्रता के लिए सतर्क रहें: परमेश्वर जो देखता है, वह अपने लोगों की जीवन-चालित नैतिकता को सुचेत रखता है।
- समाज-योजनाओं में आस्था-योग्यता बनाए रखें: यरूशलेम-सीयोन जैसी समुदायिक स्थिति में दयालुता और न्याय का संतुलन आवश्यक है।
- प्रार्थना में जागरूकता: जब भी समाज में असत्य या भ्रष्टाचार दिखे, तब विश्वासियों की प्रार्थना और चेतना मजबूत हो।
संक्षेप सार
यहुवा का संदेश है कि परमेश्वर यरूशलेम और सिय्योन को अपने उद्देश्य के अनुसार बनाए रखने के लिए अटूट प्रेम के साथ जलन दिखाते हैं। यह जलन उनके पवित्रता-कार्य की पुष्टि है और हमें यह याद दिलाती है कि मार्ग-लिप्तता से बचना और सत्य के साथ खड़ा होना परमेश्वर के दिल की अपेक्षा है।