Old Testament
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जकर्याह 1:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब मैंने पूछा, “ये क्या करने को आए हैं?” उसने कहा, “ये वे ही सींग हैं, जिन्होंने यहूदा को ऐसा तितर-बितर किया कि कोई सिर न उठा सका; परन्तु ये लोग उन्हें भगाने के लिये और उन जातियों के सींगों को काट डालने के लिये आए हैं जिन्होंने यहूदा के देश को तितर-बितर करने के लिये उनके विरुद्ध अपने-अपने सींग उठाए थे।”
जकर्याह 1:21 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 1:21 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 1:19 (HINIRV) »
तब जो दूत मुझसे बातें करता था, उससे मैंने पूछा, “ये क्या हैं?” उसने मुझसे कहा, “ये वे ही सींग हैं, जिन्होंने यहूदा और इस्राएल और यरूशलेम को तितर-बितर किया है।”

विलापगीत 2:17 (HINIRV) »
यहोवा ने जो कुछ ठाना था वही किया भी है, जो वचन वह प्राचीनकाल से कहता आया है वही उसने पूरा भी किया है*; उसने निष्ठुरता से तुझे ढा दिया है, उसने शत्रुओं को तुझ पर आनन्दित किया, और तेरे द्रोहियों के सींग को ऊँचा किया है।

भजन संहिता 75:4 (HINIRV) »
मैंने घमण्डियों से कहा, “घमण्ड मत करो,” और दुष्टों से, “सींग ऊँचा मत करो;
जकर्याह 1:21 का तात्पर्य और केंद्रीय बोध
यह योद्धाओं-सींगों का दृश्य एक विज़न का हिस्सा है जिसमें परमेश्वर का न्याय और क्षमा-योजनाओं की दिशा स्पष्ट होती है। श्रृंखला के भीतर यह पंक्ति बताती है कि उसने यहूदाओं को निरन्तर अस्थिरता से बताया क्यों कि कब्रों-सींग ने उन्हें अनुचित रूप से तितर-बितर किया था; बाद में वे सींग टूट डालेंगे ताकि यहूदाओं का देश फिर से स्थापित हो सके।
लिटरेरी संदर्भ और संरचना
यह भाग जकर्याह के प्रथम विज़न-खंड का भाग है जिसमें एक पहाड़ी-उद्धारक भावनात्मक दृश्य प्रस्तुत है: तीन सींगों के साथ एक दूत का आना और सींगों की पहचान—यहूदाओं पर अन्य जातियों के दबाव और उनके विरुद्ध उठे सींगों का संकेत है। यहूदा के देश की पवित्रता और स्वामित्व के लिए परमेश्वर की सुरक्षा-योजना प्रकट करती है।
धार्मिक significance
सींगों की भाषा पौराणिक प्रतीक नहीं, बल्कि शक्ति-चिह्न है: सींग अधिक ऊंचे प्रताप और नियंत्रण के सूचक हैं। यहाँ परमेश्वर यह स्पष्ट करते हैं कि जब तक प्रभु का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक दुष्ट जातियाँ वह सींग उठाए रखेंगी; किन्तु परमेश्वर के लिए अपने लोगों की सुरक्षा और देश-समृद्धि पर नियंत्रण है। यह उद्धार-योजना के संकेत को भी पुष्ट करता है: उनके विरुद्ध उठे सभी साम्राज्यों के सींग काट दिए जाएंगे और यहूदाओं को उनकी भूमियाँ फिर से मिलेंगी।
पूर्ववर्ती और पश्चात के संदर्भ
इस दृश्य से पूर्व जकर्याह 1:18-21 में तीन सींगों का दिखना यह दर्शाता है कि ईश्वर ने यहूदाओं के विरोधियों को दखल देने से रोकने के लिए एक निर्णय लिया है। आगे के अध्यायों में यह तृतीय-चिह्न यहोवा के अनुग्रह और पुनर्स्थापना की प्रगति को दिखाते हैं।
क्रॉस-रेफरंसेज (संक्षिप्त उल्लेख) और उनका सार
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि विरोधियों के दृश्य-सींग परमेश्वर के न्याय के वाहक हैं, जो अंततः उनके देश को सुरक्षित और स्थापित करेंगे।
विचार-विमर्श के लिए प्रश्न
निष्कर्ष
जकर्याह 1:21 में यहूदाओं पर चोट पहुँचाने वाले बाहरी दबावों के बीच भी परमेश्वर की दृष्टि उनके पीछे है—सींगों के टूटने और देश की प्रगति के संकेत हैं। यह संदेश यह है कि विश्वासयोग्य समुदाय के लिए प्रभु की सुरक्षा और पुनर्स्थापना अत्यंत मुकम्मल हैं, और जातियों के सींग भी उसी समय टूटेंगे जब उसकी योजना पूर्ण होगी।
नोट्स
भूमिका: यह पाठ सीधे हेयावास-सींगों के प्रतिफल के रूप में यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों को कमजोर नहीं रहने देता; वह हर बाधा के बावजूद देश-निर्माण के लिए उपाय करता है। साहित्यिक दृष्टि से यह एक निश्चित, कर्तव्य-प्रधान और आशावादी भाग है जो उद्धार-योजनाओं के साथ जुड़ा है।
उद्धृत विचार (public-domain commentators)
डॉक्यूमेंटेड टिप्पणियाँ: यह भाग सार्वजनिक-डोमेन विद्वानों के साक्ष्यों के अनुरूप है; यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से प्रत्यक्ष उद्धरण चाहते हैं, वे सामान्य भाषाओं में और संक्षेप में उद्धृत होते हैं।