Old Testament
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जकर्याह 14:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और यदि मिस्र का कुल वहाँ न आए, तो क्या उन पर वह मरी न पड़ेगी जिससे यहोवा उन जातियों को मारेगा जो झोपड़ियों का पर्व मानने के लिये न जाएँगे?
जकर्याह 14:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
जकर्याह 14:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 11:10 (HINIRV) »
देखो, जिस देश के अधिकारी होने को तुम जा रहे हो वह मिस्र देश के समान नहीं है, जहाँ से निकलकर आए हो, जहाँ तुम बीज बोते थे और हरे साग के खेत की रीति के अनुसार अपने पाँव से नालियाँ बनाकर सींचते थे;

जकर्याह 14:15 (HINIRV) »
और घोड़े, खच्चर, ऊँट और गदहे वरन् जितने पशु उनकी छावनियों में होंगे वे भी ऐसी ही महामारी से मारे जाएँगे।

जकर्याह 14:12 (HINIRV) »
और जितनी जातियों ने यरूशलेम से युद्ध किया है उन सभी को यहोवा ऐसी मार से मारेगा, कि खड़े-खड़े उनका माँस सड़ जाएगा, और उनकी आँखें अपने गोलकों में सड़ जाएँगी, और उनकी जीभ उनके मुँह में सड़ जाएगी।
जकर्याह 14:18 पर दृष्टिकोण: मिस्र का भागीदारी और परमेश्वर की योजना
यह अंश जकर्याह के दिन के अंत की भविष्यवाणी से जुड़ा है, जहाँ प्रत्येक राष्ट्र की भागीदारी या बहिष्कार सूचित किया गया है। यहाँ मिस्र की भागीदारी का सवाल उठता है: यदि मिस्र के कुल लोग पर्व-उत्सव में भाग नहीं लेते, तो क्या उन पर वह नहीं पड़ेगी जिस तरह अन्य जातियों पर पाप के कारण जो झोपड़ियों के पर्व को नहीं मानते उनके ऊपर प्रभु का प्रकोप है? इस प्रश्न से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के क्रम में हर जाति की भागीदारी का महत्व है और हर निर्बल-प्रतिज्ञता की असफलता का परिणाम होता है।
Verse के पीछे का संदर्भ एवं मुख्य विचार
यह शास्त्रीय भविष्यवाणी व्यवहार के फलस्वरूप प्रस्तुत होती है: परमेश्वर हर जाति-जनम के लोगों को उसी धारण के अनुसार आशीर्वाद या मारक दंड देता है जो उसकी व्यवस्था के अनुरूप जीते हैं। मिस्र का उल्लेख एक बार फिर दिखाता है कि चूँकि यहोवा सब के ईश्वर हैं, इसलिए किसी भी देश की कश्ती में भागीदारी का अभाव उसकी धार्मिक-आचार-व्यवस्था से विमुख होने के परिणाम को भी प्रभावित कर सकता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
जो पाठ इस वाक्य से उठते हैं, वे निम्नलिखित हैं:
अनुमोदित तुलनात्मक पठन
कुछ समान विचार अन्य ग्रंथों में भी मिलते हैं जो बतलाते हैं कि अखिल विश्व के लोक एक आदर्श परमेश्वर के सामान्य-यज्ञ में भाग लेते हैं और आदेश-पालन के कारण आशीष या निर्णय के साथ जीवन पाते हैं:
• अन्य प्रेषितियों में एक ही सिद्धांत—बहिर्जन का आना और बाह्य-देशीय लोग भी आशीष पाते हैं यदि वे सच को मानते हैं।
• सत्कर्म और विश्वास के द्वारा संघटकता: विदेशी राष्ट्रों की भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर सर्व-जातियों का प्रेमी है और स्वीकार्यता उनके लिए भी खुली है, जब वे संकल्पपूर्वक उसकी व्यवस्था में रम जाते हैं।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में यह पाठ हमें स्मरण कराता है कि धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी केवल एक बाह्य क्रिया नहीं है; यह दिल की लगन और obedience का विषय है। यदि कोई समुदाय या गिरोह त्योहारों या पूजाओं में सहभागिता नहीं करता, तो उसे अपने धार्मिक संबद्धता के निहितार्थ पर विचार करना चाहिए—क्या उसकी आस्था सचमुच में जीवन-निर्वাহী है या नहीं। हमें प्रत्येक राष्ट्र और समुदाय में समरूपता, समानता और परमेश्वर के निर्देशों के प्रति निष्ठा बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त, पूर्ण पाठ न दें)
- यूहन्ना के प्रेरित-वचन में एक ही समरूपता का संकेत मिलता है कि सभी देशों के लोग ईश्वर-उपस्थिति में सहभागी हों।
- पोत्रस के समयगत प्रवचन बतलाते हैं कि जातीय सीमाओं के पार आस्था और पूजा की प्रामाणिकता प्रमुख होती है।
— इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि बाहरी-देशों की भागीदारी और आस्था का सच्चा मूल्य परमेश्वर के सामर्थ्य और व्यवस्था के अनुरूप जीवन के भीतर पटा होता है।
संक्षेप
जकर्याह 14:18 यह बताता है कि परमेश्वर की योजना में सभी राष्ट्रों की सहभागिता का मूल्य है और यदि कोई देश सहभागिता नहीं करता, तो उसका परिणाम उसके विरुद्ध होता है। यह शिक्षा आज भी यह दर्शाती है कि सच्ची आस्था और भक्ति केवल बाहरी धार्मिकता नहीं, बल्कि पालन-पोषण, न्याय और समरूपता के साथ जीवन के हर क्षेत्र में प्रतिबिंबित होनी चाहिए।
उद्धरण (एजेक्यूशन से): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के क्रेडिटेड उद्धरण: अगर उपलब्ध हो, तभी नीचे दिए गए स्पष्ट शब्द-उद्धरणों को संकेत किया जाएगा।