Old Testament
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जकर्याह 14:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब जितने लोग यरूशलेम पर चढ़नेवाली सब जातियों में से बचे रहेंगे, वे प्रति वर्ष राजा को अर्थात् सेनाओं के यहोवा को दण्डवत् करने, और झोपड़ियों का पर्व मानने के लिये यरूशलेम को जाया करेंगे।
जकर्याह 14:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 14:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 60:6 (HINIRV) »
तेरे देश में ऊँटों के झुण्ड और मिद्यान और एपा देशों की साँड़नियाँ इकट्ठी होंगी; शेबा के सब लोग आकर सोना और लोबान भेंट लाएँगे और यहोवा का गुणानुवाद आनन्द से सुनाएँगे। (भज. 72:10, मत्ती 2:11)

यशायाह 66:23 (HINIRV) »
फिर ऐसा होगा कि एक नये चाँद से दूसरे नये चाँद के दिन तक और एक विश्राम दिन से दूसरे विश्राम दिन तक समस्त प्राणी मेरे सामने दण्डवत् करने को आया करेंगे; यहोवा का यही वचन है।

यशायाह 66:18 (HINIRV) »
“क्योंकि मैं उनके काम और उनकी कल्पनाएँ, दोनों अच्छी रीति से जानता हूँ; और वह समय आता है जब मैं सारी जातियों और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवालों को इकट्ठा करूँगा; और वे आकर मेरी महिमा देखेंगे।
जकर्याह 14:16 पर एक दृष्टि
यह पद यहूदी-प्रेषित भविष्यवाणी का भाग है जो एतिहासिक घटना से कहीं आगे एक आध्यात्मिक संतुलन दिखाती है। यरूशलेम पर सतत संकट के बाद भी राष्ट्रों के अंतःकरण में परिवर्तन का सुझाव देता है। verse में कहा गया है कि जो लोग "येरूशलेम पर चढ़नेवाली सब जातियों में से बचे रहेंगे" वे हर वर्ष राजा को, अर्थात सेनाओं के यहोवा को दण्डवत करेंगे और झोपड़ियों का पर्व मानेंगे। यह एक प्रकार से परमेश्वर के समक्ष दुनिया के लोगों के हित-हितैषी भागीदारी का चित्रण है, जहाँ हर जाति और हर पीढ़ी सम्मानपूर्वक यह मान लेती है कि परमेश्वर का राज्य स्थिर है और उसकी आराधना आवश्यक है।
पाठ का समीक्छण: अध्याय के भीतर स्थिति और भाव
यह अध्याय आगमन के पहले के समय के विमानन की बात करता है—येरूशलेम की सुरक्षा, ईश्वर की पूर्ण विराधना, और सम्पूर्ण राष्ट्रों का एक साझा तीर्थस्थली के रूप में जाना। यह विचार देता है कि परमेश्वर के नियंत्रण के अन्तर्गत जब बातें होंगी, तब प्रत्यक्ष भय नहीं रहेगा, बल्कि मानवीय आस्थाएं जगेंगे—यही सार है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
1) परमेश्वर की महिमा: सभी जातियाँ उसका राज्य मानेंगी और उसकी प्रभुता स्वीकार करेंगी।
2) आराधना की एकता: तीनों धर्मकाय्यों के भीतर भी एकता की चेष्टा—येरूशलेम को पूज्य स्थल के रूप में मानना।
3) विधि-कानून का पालन: पारिवारिक और धार्मिक पर्व- उत्सवों के प्रति श्रद्धा का पुनःस्थापन।
अनुरूप cross-References (सार-संकेत)
व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) धार्मिक आस्था में स्थिरता रखें: भय या राजनीतिक अस्थिरता के बीच भी परमेश्वर की सर्वोच्चता को मानना सीखें।
2) एकता और सम्मान: विविध पृष्ठभूमियों के बीच संवाद और साथ मिलकर उपासना की महत्ता समझें।
3) पर्व-उत्सव का पुनरुद्धार: अपने समुदाय के पर्वों को मानवीय संबंधों में उदाहरण बनाएं—सच्ची श्रद्धा के साथ।
कंठस्थ संदेश
जो अंतिमालोक में परमेश्वर की प्रभुता को मानते हैं, वे न केवल आत्मिक शांति पाते हैं बल्कि वह विश्वस्तरीय आस्था के प्रतीक बनते हैं। येरूशलेम और उनके पर्व, इतिहास और भविष्य की दृष्टि में एकता का संकेत देते हैं कि परमेश्वर की योजना सभी जातियों के लिए उद्धार की दिशा में है।
सूत्रधार: पूर्वविज्ञात टिप्पणीकारों के संयोग
इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-domain विचारों से प्रेरणा ली गई है, जहाँ उनका संक्षिप्त सार इस प्रकार है:
Henry: “God’s kingdom will be universal, and every knee shall bow to the LORD of hosts.”
Barnes: “The nations shall bring their homage, acknowledging the true sovereign.”
Clarke: “Concerning the festivals and worship, there shall be a revived fidelity to Jehovah.”
इन स्पष्ट उद्धरणों के पूर्ण पाठ यहां उद्धृत नहीं हैं; केवल अर्थ-सार दिया गया है ताकि पाठक मूलभाव समझ सकें।