Old Testament
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जकर्याह 14:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब तुम मेरे बनाए हुए उस तराई से होकर भाग जाओगे, क्योंकि वह खड्ड आसेल तक पहुँचेगा, वरन् तुम ऐसे भागोगे जैसे उस भूकम्प के डर से भागे थे जो यहूदा के राजा उज्जियाह के दिनों में हुआ था। तब मेरा परमेश्वर यहोवा आएगा, और सब पवित्र लोग उसके साथ होंगे। (मत्ती 24:30-31, 1 थिस्स. 3:13, यहू. 1:14)
जकर्याह 14:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 14:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 1:1 (HINIRV) »
तकोआवासी आमोस जो भेड़-बकरियों के चरानेवालों में से था, उसके ये वचन हैं जो उसने यहूदा के राजा उज्जियाह के, और योआश के पुत्र इस्राएल के राजा यारोबाम के दिनों में, भूकम्प से दो वर्ष पहले, इस्राएल के विषय में दर्शन देखकर कहे:

यहूदा 1:14 (HINIRV) »
और हनोक ने भी जो आदम से सातवीं पीढ़ी में था, इनके विषय में यह भविष्यद्वाणी की, “देखो, प्रभु अपने लाखों पवित्रों के साथ आया। (व्य. 33:2, 2 थिस्स. 1:7-8)

मत्ती 25:31 (HINIRV) »
“जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, और सब स्वर्गदूत उसके साथ आएँगे तो वह अपनी महिमा के सिंहासन पर विराजमान होगा।
जकर्याह 14:5 का पाठ-भूमिका और आध्यात्मिक सन्देश
यह आयत उस समय की भविष्यवाणी की कसौटी प्रस्तुत करती है जब परमेश्वर का आदर्श राज्य स्पष्ट रूप से प्रकट होगा और उनके पवित्र लोग उनके साथ होंगे। यहाँ प्रवचन का केन्द्र बिंदु यह है कि परिश्रमशील भक्तों को विपत्ति के भीतर भी सुरक्षित मार्ग मिलेगा और पृथ्वी पर ईश्वर की महिमा खुलकर प्रकट होगी।
पद का पठन-परिप्रेक्ष्य
जकर्याह 14 अध्याय की बात उस दिन की है जब यहोवा राजा के रूप में प्रकट होते हैं और यहूदियों के साथ नया ईश्वर-राज्य स्थापित करते हैं। 14:5 बताता है कि विपदा के समय भी ईश्वर अपने लोगों को विचलित नहीं होने देता; वे एक निश्चित मार्ग से नहीं भागेंगे, बल्कि खड्ड आसेल तक पहुँचते-परिसंपथ नहीं लेते। यह वह समय है जब पृथ्वी पर न्याय और उद्धार एक साथ कार्य करते हैं—क्योंकि “तब मेरा परमेश्वर यहोवा आएगा, और सब पवित्र लोग उसके साथ होंगे।” साथ के संदर्भ मसीह-मंडल और चमत्कारिक उपस्थिति का संकेत देते हैं कि उद्धार का दिन निकट है।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
अनुमानित स्पष्ट उद्धरण-समर्थन (पुस्तक-विश्लेषण से प्रेरित)
इन विचारों को मजबूत करने के लिए इस पाठ के लिए प्रसिद्ध पवित्र-ग्रंथ-पुनरुत्पादनकारों के शब्द एक साथ सोचे जाते हैं। नीचे कुछ प्रमुख विचार-धाराएं एकत्रित हैं, जिनमें स्पष्ट उद्धरण-पंक्तियाँ सीधे नहीं हैं, बल्कि उनके सार को समाहित किया गया है:
- मैथ्यू हेन्री के अनुसार, यह दिन ईश्वर की क्रोध और दया की एकता को दर्शाते हैं, जहाँ विश्वासी अपने उद्धारकर्ता के साथ सुरक्षित रहते हैं।
- अल्बर्ट बार्न्स के अनुसार, “आसमान से आने वाला उद्धार” पृथ्वी पर न्याय-राज की स्थापना का संकेत है, और यह पवित्रता के साथ जुड़ा है।
- एडम क्लार्क के अनुसार, यह संदेश विश्वासियों के लिए एक आशा है कि विपत्ति में भी ईश्वर उपस्थित रहते हैं, और उनका आशीर्वाद अंततः पूर्णता पाएगा।
अन्य पवित्र-ग्रंथों के संगति-संदर्भ
मत्ती 24:30-31: मसीह की महिमा और विश्वव्यापी उद्धार के संकेतों के साथ यह छोटे पैग़ाम एक बड़े आयाम की ओर संकेत करते हैं, जहाँ पृथ्वी-राज्य का आना है।
1 थिस्सलonian 3:13 और यहूदा 1:14: इन किताओं में विश्वासियों के पवित्र-जीवन के लिए प्रेरणा और अंत-युग के दृढ़ न्याय की भविष्यवाणी शामिल है।
संयुक्त विचार यह है कि आख़िर-युग के संकटों के बीच विश्वासी कैसे स्थिर रहते हैं, यह ईश्वर की उपस्थिति और पवित्र संगति पर निर्भर है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- विपत्ति के समय धैर्य रखें और ईश्वर की मार्गदर्शन में कदम बढ़ाएं; भय के बजाय विश्वास चुनें।
- समुदाय के साथ एकता बनाकर चलें; तब आप सुरक्षित मार्ग पर एक पूर्वनिर्धारित दिशा में चलेंगे।
- पवित्रता की खोज बनाए रखें और नये-नये तरीकों से ईश्वर की उपस्थिति को अपने दैनिक जीवन में अनुभव करें।
संक्षेप
जकर्याह 14:5 यह संदेश देता है कि परमेश्वर के दिन आने पर उनके पवित्र लोग सुरक्षित रहेंगे और उनका साथ होगी। विपत्ति में भी उनकी आशा ईश्वर की उपस्थिति पर है, जो विश्व-राष्ट्रीय उद्धार के दिन को उद्घोषित करता है। यह याद दिलाता है कि ईश्वर का राज्य सत्य, पवित्रता और सामंजस्य से प्रकाशित होगा।