Old Testament
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जकर्याह 14:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उस समय घोड़ों की घंटियों पर भी यह लिखा रहेगा, “यहोवा के लिये पवित्र।” और यहोवा के भवन कि हंडियां उन कटोरों के तुल्य पवित्र ठहरेंगी, जो वेदी के सामने रहते हैं।
जकर्याह 14:20 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 14:20 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 3:16 (HINIRV) »
क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है?

निर्गमन 39:30 (HINIRV) »
फिर उन्होंने पवित्र मुकुट की पटरी शुद्ध सोने की बनाई; और जैसे छापे में वैसे ही उसमें ये अक्षर खोदे गए, अर्थात् 'यहोवा के लिये पवित्र।'

यशायाह 23:18 (HINIRV) »
उसके व्यापार की प्राप्ति, और उसके छिनाले की कमाई, यहोवा के लिये पवित्र की जाएगी; वह न भण्डार में रखी जाएगी न संचय की जाएगी, क्योंकि उसके व्यापार की प्राप्ति उन्हीं के काम में आएगी जो यहोवा के सामने रहा करेंगे, कि उनको भरपूर भोजन और चमकीला वस्त्र मिले।
जकर्याह 14:20 – अर्थ का संक्षिप्त निष्कर्ष
इस पदकथन में कहा गया है कि उस समय घोड़ों की घंटियों पर भी “यहोवा के लिये पवित्र” लिखा रहेगा, और यहोवा के भवन की हंडियां पवित्र ठहरेंगी, वेदी के सामने रखे कटोरों के समान। इसका मतलब यह है कि परमपवित्रता के प्रतीक सभी सामाजिक और धार्मिक वस्तुएँ—घोड़ों की घंटियाँ भी—यहोवा के लिये समर्पित होंगी और उसकी पवित्रता की स्वीकार्यता को प्रतीक बनाएंगी।
प्रसंगीय पार्श्वभूमी
जकर्याह की पुस्तक याजकीय-याजकीय संदेशों से भरी है, जो लौटे हुए यहूदियों के लिए पुनर्निर्माण और पवित्रता को प्रमुखता से बताती है। 14 chapter परमेश्वर के न्याय और उदार प्रेम के साथ साथ एक पूर्ण परिवर्तन की आशा दिखाती है: न सिर्फ मंदिर, बल्कि हर वस्तु और दैनिक जीवन के प्रतीक—घोड़ों की घंटियाँ तक—यहोवा के लिये पवित्र माने जाएँ।
व्याख्या-बिंदु
cross-references (प्रासंगिक अन्य पदों के संकेत)
1) एह 56:6-7 (परमेश्वर के घर में पवित्रता के बन्धन): सामुदायिक पवित्रता और प्रवेश का महत्व बताया गया है। छोटे-छोटे वस्तुओं के पवित्र होना भी इन पवित्र स्थानों से जुड़ा है।
2) पवित्र चर्चा में योशू 6–7: मंदिर के आंतरिक ध्वनि और पवित्रता के नियम बताती है कि कौन-सी वस्तुएँ और किस प्रकार समर्पण में शामिल होंगी।
3) वहेज़ 44:23-24: पुर्ननिर्माण के समय पुकारती हैं कि सभी लोग और वस्तुएँ पवित्रता के अनुरूप हों; मंदिर के सेवा-व्यवहार का उद्धार यह दिखाता है कि पवित्रता जीवन के हर क्षेत्र में अनिवार्य है।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
हमारे दैनिक जीवन में भी पवित्रता का दायरा विस्तृत है। चाहें दैनिक उपकरण हों, दुकान के सामान हों, या व्यक्तिगत आदतें—हर क्षेत्र में परमेश्वर की पवित्रता को मानना और उसे सम्मान देना है। यह भरोसा देता है कि परमेश्वर की उपस्थिति हमारे जीवन के हर पहलू में काम करती है।
एकीकृत टिप्पणी
इस पदकथन में पुराने-नए समझ के मिलन की घोषणा है: पवित्रता का नियम किसी विशिष्ट मंदिर तक सीमित नहीं रहना चाहिए; यह जीवन-प्रणाली बन जाए। प्रसिद्ध पूर्व-वाक्यों के अनुसार, यह ऐसे समय का चित्रण है जब धर्म-जीवन के प्रतीक भी परमेश्वर के लिए समर्पित हो जाते हैं और यहोवा के घर की पवित्रता हर दिशा में प्रतिबिंबित होती है।
नोट
यथोचित उद्धरण यदि उपलब्ध हों, वे नीचे दिए गए हैं: “यहोवा के लिये पवित्र” जैसे शब्द-समूहों का मतलब यही है कि परमेश्वर की प्रतिष्ठा और सम्मान हर चीज पर प्रभाव डालती है।