1 शमूएल 2:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फूलकर अहंकार की ओर बातें मत करो, और अंधेर की बातें तुम्हारे मुँह से न निकलें; क्योंकि यहोवा ज्ञानी परमेश्‍वर है, और कामों को तौलनेवाला है।

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1 शमूएल 2:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 2:3 — संदर्भ और कुल मिलाकर अर्थ

यह पदन्या शमूएल के समय के एक प्रेरक सचेतन संदेश के साथ आता है। इस समय इस्राइल में प्रभुवाचक बोलने वाले नेताओं की अहम भूमिका थी। बंदीगृह से बाहर निकलते समय, नीतियों और आचरण के बारे में लोगों के साथ ईश्वर के अटूट सत्य का विवेक मांगना आवश्यक था। इस पद में परमेश्वर की पूर्णत:, ज्ञान और न्याय का उल्लेख है, जो बताता है कि वरदान और दोष दोनों के लिए वह परीक्षा-तौलना करता है।

मुख्य अर्थ

इस वाक्य के अनुसार अहंकार, फरेब और अंधविश्वास से बचना परमेश्वर के सामने आवश्यक है; क्योंकि उसकी दृष्टि से हर मूल्य और हर क्रिया तुलनात्मक रूप से तौलित है। यानी जो कुछ भी बोलते या करते हैं, उसके लिए ईश्वर की दृष्टि है और वही निर्णय लेते हैं कि क्या सत्य है और क्या असत्य।

तीन प्रमुख विषय

  • समझदार बोलचाल: फूलकर अहंकार की बातें न रखना।
  • सीधे और सत्य की अपेक्षा: अंधेर की बातें तुम्हारे मुँह से न निकलें।
  • ईश्वर की न्यायशीलता: यहोवा ज्ञानी परमेश्वर है और कर्मों को तौलना वही करता है।

संबद्ध पद और उनसे जुड़ी शिक्षाएं

— संबंधित पुराने testament के पहले द्योतकों में यह संदेश बारम्बार आता है कि वास्तविक बुद्धिमत्ता विनम्रता, सत्यनिष्ठा और शब्दों के जिम्मेदार उपयोग में है।

पठन-उद्धरणीय विचार (Cross-references)

क. नीतिवचन 16:2 — हर मनुष्य के विचार अपनी राहों में सही लगते हैं, पर प्रभु ही दिल की उर्‍जन को तौलता है। परिचयात्मक रूप से यह verse इस विचार को पुष्ट करता है कि ईश्वर सभी कोशिशों का सही मूल्यांकन करते हैं।

ख. यिर्मयाह 17:10 — मैं यहोवा दिमागी परीक्षण करता हूँ, हृदय के विचारों और कर्मों के प्रमाण से यह दिखता है कि कौन तौला गया है।

ग. मत्ती 12:36-37 — हर बिना सोच के शब्दों के लिए उत्तरदायित्व उठाना पड़ेगा; शब्दों से ही जीवन की भविष्यवाणी के साथ परिणाम निकलते हैं।

व्यावहारिक चिंतन

आज के नाटकीय संवाद और सोशल मीडिया में भी यह संदेश प्रासंगिक है: बोलते समय संयम रखें, दूसरों को ठेस पहुँचाने या उकसाने से बचें, और सत्यनिष्ठ विचारों को ही व्यक्त करें। ईश्वर के न्याय और ज्ञान के सामने हमारे शब्दों को संलग्न करने से हम समाज में सत्य-निष्ठता बनाए रख सकते हैं।

संक्षेप

1 शमूएल 2:3 हमें याद दिलाता है कि आत्म-सराहना और अंधेरे की बातें रोककर, हम ईश्वर के ज्ञान के अनुसार बोलें और काम करें। यहोवा सभी कर्मों को तौलने वाला है, इसलिए सच सच बोलना, विनम्रता और सत्य पर आधारित भाषण ही जीवन के लिए सही मापदंड है।

कूटनीति से परे एक सरल प्रेरणा: हमारे शब्दों का चयन परमेश्वर के दृष्टिकोण के अनुरूप हो, ताकि हमारे बोल सीधे और सत्य की रोशनी में हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 2:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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