1 शमूएल 2:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सुन, वे दिन आते हैं, कि मैं तेरा भुजबल और तेरे मूलपुरुष के घराने का भुजबल ऐसा तोड़ डालूँगा, कि तेरे घराने में कोई बूढ़ा होने न पाएगा।

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1 शमूएल 2:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 2:31 — क्यों यह शब्द अब भी ज़ोरदार है

यह वचन बोलता है कि परमेश्वर के आघात कितने कठोर होते हैं जब वह असफल throne या उनकी दया से प्रेरित हो। यह शमूएल के समय की प्रवृत्ति को उजागर करता है कि परमेश्वर किस प्रकार असफल राजाओं के घराने को समाप्त कर देता है ताकि नया आदेश और स्थायित्व बने वारिसों के माध्यम से आता रहे। इस वचन में भविष्य के लिए एक चेतावनी दी गई है: जो लोग ऊपर उठते हैं, उन्हें परमेश्वर से जवाब मांगना चाहिए और जो नीचे गिरते हैं, उन्हें आशा और पुनःस्थापना का अवसर भी मिलता है।

प्रारम्भिक संदर्भ और मूल संदेश

इस वाक्य को 1 शमूएल के समय के विशिष्ट परिदृश्य में पढ़ना चाहिए। तेरे घराने के भुजबल और मूलपुरुषों के घराने के भुजबल का टूटना, पवित्र आराधना की जगह भ्रष्टाचार और व्यवहार-भंग के कारण परमेश्वर कीि दया की हद तक निराशा का संदेश देता है। अकाल-आविर्भाव, भोज-भंडार और पवित्र कर्मों के बजाय सत्ता-लालच और भ्रष्टाचार से Choose किया गया राज-घराना बंदी बना देता है। यह शास्त्र एक स्पष्ट सशक्तिकरण है कि ईश्वर मनुष्य के बिना नहीं रहता, और उसे अपनी योजना के अनुसार काम करना पड़ता है।

मुख्य संदेश

  • ईश्वर सत्ता के स्थान पर अन्य देवी-देवताओं या साधनों को नहीं मानते; वह राजंसी परिवार की आंतरिक भ्रष्टाचार को हटाकर न्याय स्थापित करते हैं।
  • परिवर्तन के समय, पुराने ढांचे के भीतर से भी व्यक्ति और समुदाय को आशीर्वाद मिल सकता है जब वे निरन्तर परमेश्वर के वचन के अनुरूप लौटते हैं।

थीम्स और बहुवचन दृष्टिकोण

यद्यपि यह वचन एक कठोर दंड का संकेत देता है, परंतु साथ ही यह उद्धार की योजना के अंग के रूप में एक नई पंक्ति (शासन के नए नियम) की प्रस्तावना है। परमेश्वर अपने निकटस्थ लोगों के लिए नैतिक उत्तरदायित्व स्थापित करते हैं—जो नेता बनते हैं उन्हें věधकर्ता, न्याय और धर्मपरायणता के साथ चलना चाहिए।

क्रॉस-रेफरेंसेस (छोटे उद्धरण नहीं, पूर्ण-वाक्य उद्धरण से बचते हुए)

- बाइबल के अन्य भागों में भ्रष्टाचार और ईश्वर की शुद्धता के विरुद्ध सचेत करने वाले संदेश साथ चलते हैं; जैसे एक न्यायपूर्ण शासन की प्रेरणा, और विष्णु जैसे प्रेषितों का चयन, जो दया और धारणा के साथ आगे बढ़ते हैं।

- पुराने नियम में न्याय और दया के संतुलन पर जोर देता है; उदाहरण के लिए राजा-प्रेम और पाप की निष्कासन के संदेश।

- नयी व्यवस्था में भी प्रभु यीशु के प्रेरितों के मार्गदर्शन से यह नीति दोहराई जाती है: सत्ता और आधिकार का सही प्रयोग केवल परमेश्वर की महिमा के लिए।

अनुपालित संदर्भ-प्रकाश

1) शमूएल के शुरुआती अध्यायों में दिखता है कि कैसे आराधना और कर्तव्य-निष्ठा का प्रश्न राजाओं की सफलता-पर निर्भर हो जाता है।

2) परमेश्वर के कीर्ति-आधिष्ठान की सुरक्षा के लिए नैतिकता और न्याय का संयोजन एक प्रमुख आवश्यकता है।

3) सत्ता के विरुद्ध दया और धर्म के मार्ग का संतुलन संदेश देता है: प्रभु के सामने निष्ठा सर्वोपरि है।

चर्चित पवित्र विचार और उद्धरण (संशोधित सन्दर्भ)

ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के निष्कर्षों में यह स्पष्ट है कि आदेश-सभा और राजपरिवारों के भीतर ईश्वर की नैतिक कानूनों का उल्लंघन सत्ता के पतन का कारण बनता है।

यद्यपि मैं सीधे पूर्ण उद्धरण नहीं दे रहा, परंतु मानवीय नेतृत्व के लिए यह संदेश स्पष्ट है: प्रभु का दंड तब तक कठोर रहता है जब तक पाप की जड़ कड़ी रहती है; परन्तु निराशा के समय भी पहला कदम फिर से लौटना और ईश्वर की ओर तौड़ना संभव है।

व्यावहारिक आध्यात्मिक प्रतिबिंब

मनन करें कि हमारा जीवन कब्र-सी तलाश में नहीं जाता, बल्कि ईश्वर की जागरूकता और सत्य के साथ आगे बढ़ना है। अगर हम किसी भी क्षेत्र में सत्ता, धन या प्रतिष्ठा के कारण बेईमानी करते हैं, तो यह वचन सचेत करता है कि परमेश्वर उस स्थिति को बदलना चाहते हैं। प्रत्यक्ष नतीजा यह है कि समर्पण और पवित्रता से ही स्थिरता और आशीर्वाद मिलते हैं।

संक्षेप devotions

  • ईश्वर के सामने सत्यापन: अपने कर्मों की पवित्रता की जाँच करें।
  • नव-उत्थान की आशा: हार-जीत से ऊपर, उसकी मार्दर्शक राह में भरोसा रखें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 2:31 समानांतर पद और संबंधित वचन

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फिर राजा ने उन पहरुओं से जो उसके आस-पास खड़े थे आज्ञा दी, “मुड़ो और यहोवा के याजकों को मार डालो; क्योंकि उन्होंने भी दाऊद की सहायता की है, और उसका भागना जानने पर भी मुझ पर प्रगट नहीं किया।” परन्तु राजा के सेवक यहोवा के याजकों को मारने के लिये हाथ बढ़ाना न चाहते थे।

1 शमूएल 4:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 4:11 (HINIRV) »
और परमेश्‍वर का सन्दूक छीन लिया गया; और एली के दोनों पुत्र, होप्नी और पीनहास, भी मारे गए।

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1 शमूएल 14:3 (HINIRV) »
और एली जो शीलो में यहोवा का याजक था, उसके पुत्र पीनहास का पोता, और ईकाबोद के भाई, अहीतूब का पुत्र अहिय्याह भी एपोद पहने हुए संग था। परन्तु उन लोगों को मालूम न था कि योनातान चला गया है।

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