1 शमूएल 2:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा ने हन्ना की सुधि ली, और वह गर्भवती हुई और उसके तीन बेटे और दो बेटियाँ उत्‍पन्‍न हुईं। और बालक शमूएल यहोवा के संग रहता हुआ बढ़ता गया।

पिछला पद
« 1 शमूएल 2:20
अगला पद
1 शमूएल 2:22 »

1 शमूएल 2:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

यहोवा की स्मृति और शमूएल की परमपवित्र आरम्भ (1 शमूएल 2:21)

मुख्य टिप्पणी बिंदु: यहोवा ने हन्ना की सुधि ली और शमूएल का जन्म और पालन-पोषण उसके साथ जुड़ गया, जिससे ईश्वर के उद्धारकार्य की ओर एक पवित्र आरम्भ सुनिश्चित हुआ। यह वचन दो बातें सामने लाता है: एक तो कि प्रभु समय-समय पर आशाओं को पूरा करते हैं, दूसरे कि योग्यता, प्रतिबद्धता और परिस्थितियों से बढ़कर परमेश्वर की योजना चलती है।

संदर्भात्मक पृष्ठभूमि

इस अध्याय में हन्ना, जो पुत्ररहित होकर दुःखित थी, अपने दिल की ठंडी आर्तियों को प्रभु के समक्ष रखती है। प्रभु उसे पुत्री नहीं, अपितु पुत्र देता है—शमूएल—जो यहूदा के नये समय की एक प्रमुख नेतृत्व-आकांक्षा बनता है। 2:21 में कृपा के इस पूर्ण चक्र को दर्शाया गया है: हन्ना गर्भवती होती है, और शमूएल समय के साथ ईश्वर के साथ बढ़ता है, जो पवित्र योजना का हिस्सा है। इस पाठ का संदर्भ 1 सम 1-2 में हन्ना के प्रार्थना-गीत और उसकी आस्था से पुष्ट होता है, जिसमें परिवार और देव-अनुमोदन दोनों entwined हैं।

सूक्ष्म साहित्यिक तत्व

यह भाग कथा-संरचना में एक सुखद दिशा-निर्देश है: गर्भकाल से लेकर बालक के ईश्वर के साथ रहने तक का संपूर्ण विकास यह दर्शाता है कि भागवत् बनावट में, परिधान और पारिवारिक संतुलन भी परमेश्वर के काम के अंग बनते हैं। शब्द चयन में “सुधि ली”—यानी प्रभु ने उसकी दुआ की गूँज सुनी—यह उद्धार-आश्रय की आश्वस्ति देता है कि आर्तित प्रेम और पवित्र इच्छा के बीच ईश्वर जल्दी जवाब देता है।

धार्मिक-आर्शिवादी संकेत

शमूएल का जन्म and पालन-पोषण यह दिखाते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए विशिष्ट जिम्मेदारियों को जन्मदाता बनाकर नियुक्त करता है। यह उद्धार-योजना में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि शमूएल आगे चलकर धर्म-नेतृत्व और न्यायिक प्रगति के लिए उभरता है। यह प्रेरक है कि ईश्वर अपने निवासियों के प्रति दयालु रहते हैं, भले ही परिस्थितियाँ विकट क्यों न हों।

अन्य पवित्र शास्त्रों से कनेक्शन

  • 1 समूएल 1-2 के प्रार्थना-गीत: हन्ना की गवाही और उसकी भक्ति, जिसमें दया और उद्धार की आशा साफ़ उभरती है। (छोटे संदर्भ) — यह पाठ आत्म-समर्पण की पुष्टि करता है कि परमेश्वर उन दुआओं को भी सुनते हैं जो सच्चे दिल से की जाती हैं।
  • यहोवा का संगत जीवन: शमूएल का “यहोवा के संग बढ़ता गया” वाक्यांश, यह दिखाता है कि आंतरिक समर्पण बाह्य नेतृत्व-यात्रा बनकर निकलती है (उद्धार और प्रेरणा के लिए)।

reflection questions (चिंतन के प्रश्न)

  • आप किस परिस्थिति में भी प्रभु की स्मृति और कृपा पर निर्भर रहते हैं?
  • क्या आपका विश्वास भी शमूएल की तरह ईश्वर के साथ व्यक्तिगत सम्बंध को बनाये रखने का है?
  • परिवार और पादर-नेतृत्व की भूमिका में आप कैसे ईश्वर की योजना के अनुरूप सहभागिता करते हैं?

निष्कर्ष

1 शमूएल 2:21 यह दिखाता है कि प्रभु कभी-कभी असंभावन को संभव बनाते हैं, और एक बच्चे के जन्म के साथ नई दिशा शुरू होती है—जहाँ शमूएल ईश्वर के साथ गहरे सम्बंध में बढ़ता है, ताकि आगे धर्म-नेतृत्व और भक्ति-प्रयासों के लिए नया मार्ग निकल सके। यह पाठ हमें आश्वस्त करता है कि प्रेमपूर्ण प्रभु दया से कर्म-योजना को संरचित करते हैं और विश्वासियों की प्रार्थनाओं पर प्रतिक्रिया देते हैं।

अक्सर उद्धरण (public-domain commentators)

यदि आप इन विचारों के साथ अलग-अलग अनुभूतियों को देखना चाहें तो नीचे उल्लेखित पंक्तियाँ छोटे-सार बनकर मार्गदर्शक हो सकती हैं:

Matthew Henry: “The Lord was mindful of Hannah, and she conceived.”

Albert Barnes: “God answers the prayer of faith, though the setting be sorrowful; the birth of Samuel marks God’s gracious intervention.”

Adam Clarke: “And the child Samuel grew before the Lord, a continual example of pious nurture.”

ये उद्धरण केवल संदर्भ-वर्ग के लिए हैं और पूर्ण पाठ नहीं हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 2:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 21:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 21:1 (HINIRV) »
यहोवा ने जैसा कहा था वैसा ही सारा की सुधि लेकर उसके साथ अपने वचन के अनुसार किया*।

लूका 2:40 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 2:40 (HINIRV) »
और बालक बढ़ता, और बलवन्त होता, और बुद्धि से परिपूर्ण होता गया; और परमेश्‍वर का अनुग्रह उस पर था।

न्यायियों 13:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
न्यायियों 13:24 (HINIRV) »
और उस स्त्री के एक बेटा उत्‍पन्‍न हुआ, और उसका नाम शिमशोन रखा; और वह बालक बढ़ता गया, और यहोवा उसको आशीष देता रहा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें