Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40

reader-friendly overview
निर्गमन के प्राकृत आरम्भ में पूर्वजों के नाम से परिवार-परिचय मिलते हैं। इस पद में विवरण शुरू होता है कि याकूब के पुत्रों के भीतर कौन कौन मिस्र देश में रहने लगे। यह एक क्षणिक सूची है जो आगे की कथा के पृष्ठभूमि बनाती है—यह दिखाती है कि इस परिवार ने मिश्र देश में कैसे फैलाव पाया और कैसे ईश्वर के साधन से भविष्य की घटनाओं के लिए एक ठोस आधार बना।
Verse-by-verse discussion in context
निर्गमन 1:2 में सिर्फ चार नाम नहीं, बल्कि एक समाज-परिवार का आभावित प्रतिनिधित्व है: रूबेन, शिमोन, लेवी, यहूदा। यह पात्र—याकूब और उसकी संतान—की पहचान का प्रारम्भिक संकेत देते हैं। यह सूची बताती है कि कैसे प्रत्येक पुत्र और उसकी संतति मिस्र के ऐतिहासिक चरणों में एक इकाई के रूप में उभरे और कालक्रम में आगे की घटनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
पहचान की यह छोटी-सी सूची सुरक्षा, वफादारी और ईश्वर के वायदे के प्रति विश्वास की प्रतीक है। यह बताती है कि ईश्वर ने अपने चयनित लोगों को एक-एक करके आगे बढ़ाया, भले ही समय–समय पर उनके रास्ते सीमित क्यों न रहे हों। हर नाम एक भूमिका का संकेत है—पितृत्व-परिचय, परिवार-विस्तार और धारणीय जातीय-योजनाओं की रूपरेखा।
अन्य प्रचीन टिप्पणीकारों के संकल्पित निष्कर्ष (संक्षेप)
मैथ्यू हेन्री और एडम क्लार्क ने परंपरागत पाठ के भीतर मूल भावों को ढूंढते हुए कहा है कि यह सूची एक धार्मिक-युग की शुरुआत है, जहाँ परिवार के सदस्य एक साथ मिस्र की लम्बी कथा के लिए रणनीति बनाते हैं। अल्बर्ट बार्न्स ने भी संकेत किया है कि यहाँ का क्रम परिवार की स्थिरता और आने वाले चरणों के लिए सुरक्षा का प्रतीक है।
cross-references (संप्रेषण के लिए छोटे संकेत)
व्यावहारिक आवेदन
— परिवार के इतिहास में ईश्वर की योजना को देखना: छोटी-छोटी पहचानें एक बड़ी कहानी बनाती हैं।
— विश्वास और स्थिरता: परिचित नामों के साथ भविष्य की आशा बनती है।
— सामुदायिक एकता: वंशजों के मिलन से सामाजिक संरचना समर्थित होती है, जो कठिन समय में भी स्थिर रहती है।
Summary
निर्गमन 1:2 एक आरम्भिक सूची है जो यह दिखाती है कि कैसे याकूब के पुत्रों के परिवार मिस्र के दशाओं के बीच स्थिरता और भविष्य की संरचना बनाते हैं। यह पाठ यह संकेत करता है कि ईश्वर की योजना में प्रत्येक सदस्य का स्थान है, और इतिहास की दिशा एक साझा परिश्रम से बनती है।