Old Testament
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निर्गमन 1:7 का यह verse इस बात का संकेत देता है कि मिस्र की दासता के भीतर इस्राएल की सन्तान कैसे धीरे-धीरे बढ़ती और स्थिर होती चली गई। यह वृद्धि न सिर्फ आबादी की संख्या है, बल्कि उसे एक नई पहचान और प्रश्न भी है: परमेश्वर के सिद्धांत और वाणी के अनुरूप जीवन की संभावना। यह अध्याय शुरू होने से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार दास-लोक की वृद्धि एक नियत और धैर्यपूर्ण क्रम है, जिसे वह अपने भक्तों के लिए उद्धार की योजना में उपयोग करेगा।
यहVerse और अध्याय का संदर्भ
निर्गमन के अध्याय 1 में मिस्र के दास लोग लगातार बढ़ते हैं, परन्तु फिर रानी-फरोह के आदेश से बच्चों को मार डालने की नीति से दबाव बढ़ता है। इस प्रकाश में verse 7 कहता है कि इस्राएल की सन्तान फूलने-फलने लगी, वे अत्यन्त सामर्थी बनते चले गए, और इतना अधिक बढ़ गए कि सारा देश उनसे भर गया। यह वृद्धि न केवल जन्म दर की बात है, बल्कि यह विश्वास के भीतर उनकी स्थिरता, संगठित जीवन और ईश्वर की वाणी के प्रति उत्साह की भी ओर संकेत है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
- परमेश्वर के संकल्प के अनुसार लोगों की वृद्धि और सुरक्षा: दास-जातियाँ भी उनके कारण उन्नति पाती हैं, जब वे ईश्वर की योजना में जुड़े रहते हैं।
- धैर्य और विश्वास में वृद्धि: प्रत्यक्ष दबाव के बीच भी, उनका अस्तित्व और पहचान मजबूत होता गया, जो उद्धार की राह की तस्वीर देता है।
अन्य बहुवचन प्रेरक पाठ (समान विषय के उद्धरण)
- उत्पत्ति 12:2 में आशीर्वादित जन्म और राष्ट्र के रूप में उभारना; वे लोग जो परमेश्वर के उद्देश्य में जुड़े होते हैं वे सम्मान पाते हैं।
- जोन 15:8 में प्रभु की सीख के अनुसार फलना-फलना यहाई जीवन का लक्षय है।
मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट Barnes और Adam Clarke से संक्षेप उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)
- Matthew Henry: “God’s people increase under his care even in oppression; their numbers are a sign of his blessing and protection.”
- Albert Barnes: “The growth of a people under oppression is not caused by human power, but by God who protects and blesses them.”
- Adam Clarke: “Increase of a people can be a testimony to the world of God’s providence, mercy, and faithfulness.”
उद्धृत मिसालों के साथ क्रॉस-रेफरेंसेज़
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरंसेज़ में से किसी भी सामान्य पाठ का पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है; संदर्भित विचार की संक्षिप्त स्पष्टता दी गई है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप
निर्गमन 1:7 धारण करता है कि प्रभु वह प्रेरक है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लोगों को बढ़ाते हैं। यह वृद्धि केवल देह-रूप में नहीं बल्कि आस्था, पहचान और सामंजस्य की गहरी वृद्धि है, जो उद्धार की योजना के लिए नींव तैयार करती है।