Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40



मुख्य नियुक्त बिंदु
निर्गमन 3:6 में परमेश्वर ने मूसा से स्पष्ट किया कि वह पितृ-संस्था के परमेश्वर हैं—अंदर-बाहर इतिहास के ड्रामे में परमेश्वर उसी परिजनों के साथ संबद्ध है। यह घोषणा मूसा के लिए एक ठहराव और प्रेरणा दोनों है: परमेश्वर तब भी वही रहते हैं जब उनका स्मरण और सेवकाई की चुनौती सामने हो।
पठन-संदर्भ (साहित्यिक संदर्भ के साथ)
परमेश्वर अपनी पहचान बताता है—“मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और अब्राहम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूँ।” यह एक संकल्प-आह्वान है: वह इतिहास के साथ है, संस्कृति के भीतर है, और अपने चुने लोगों के परिवार में बसा है। मूसा ने जब यह सुना, तो परमेश्वर के समकक्ष अपनी दृष्टि से डरकर अपना मुँह ढाँप लिया, जो सम्मान, भय और प्रभुत्व के सम्मिश्रण का संकेत है।
संरचना और संरचना-संदर्भ
यह पाठ साहित्यिक रूप से एक दायरा है: पुराने अभिज्ञान के भीतर वर्तमान समय में परमेश्वर का अटल निवास अपने लोगों के साथ। परमेश्वर माता--पिता, पूर्वजों के जगत की स्मृति के साथ स्वयं को प्रस्तुत करते हैं; यह ईश्वर-आस्था की सुरक्षा और स्थिरता है जो निरंतर भविष्य के कार्यों के लिए आधार बनाती है।
केन्द्रीय theological संकेत
Cross-references – संदर्भित बाइबल आयतें
मत्ती 22:32, मरकुस 12:26, लूका 20:37 में उद्धृत संदर्भों से यह दिखता है कि ईश्वर के प्राचीन-परिवार के बारे में भगवान की पहचान और नीति सदा स्थिर रहती है। इन संदर्भों में उद्धारकर्ता के प्रश्न-उत्तर से प्रकट होता है कि ईश्वर जीवित है और पूर्वजों के साथ उसका संबंध 'जीवित' है, न कि केवल ऐतिहासिक स्मृति।
संक्षेप: यह दिखाने के लिए कि ईश्वर का नाम और उसकी पहचान समय-समय पर नये अनुभवों के साथ जुड़ी रहती है ताकि उनके लोग विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ सकें।
पाठ के भीतर प्रश्न (परिचर्चा के लिए)
संक्षिप्त निष्कर्ष
निर्गमन 3:6 हमें याद दिलाता है कि ईश्वर अपने चयनित लोगों के लिए Vergangenheit और भविष्य को एक साथ जोड़ते हैं—पिता का परमेश्वर बनकर वह संरचना देते हैं, जहां इतिहास के अनुभव भविष्य के आह्वान को समर्थ बनाते हैं। यह पाठ मूसा के लिए एक ठहराव का क्षण है जो हमें भी ईश्वर की पहचान और उनकी योजनाओं में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
आवश्यक उद्धरण (public-domain commentators)
अगर आवश्यक हो, तो नीचे के बिंदु में 19वीं सदी के टिप्पणीकारों के संकलनों से सार ग्रहण किया गया है:
Matthew Henry: “God is the God of thy fathers; and so God is the God of all that trust in him.”
Albert Barnes: “The declaration that God is the God of Abraham, of Isaac, and of Jacob, signifies that God is not a casual observer of their race, but their covenant-ally.”
Adam Clarke: “The God of thy father—this is to assure Moses of the divine continuity and stability in the ancestral line.”
इन में से सिर्फ वही संक्षिप्त उद्धरण नीचे उद्धृत हैं जिन्हें मौलिक रूप से उद्धृत किया गया है: “God is the God of thy fathers.”