Old Testament
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होशे 2:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे दिन जिनमें वह बाल देवताओं के लिये धूप जलाती, और नत्थ और हार पहने अपने यारों के पीछे जाती और मुझको भूले रहती थी, उन दिनों का दण्ड मैं उसे दूँगा, यहोवा की यही वाणी है।
होशे 2:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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होशे 2:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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होशे 13:1 (HINIRV) »
जब एप्रैम बोलता था, तब लोग काँपते थे; और वह इस्राएल में बड़ा था; परन्तु जब वह बाल के कारण दोषी हो गया, तब वह मर गया।

होशे 11:2 (HINIRV) »
परन्तु जितना वे उनको बुलाते थे, उतना ही वे भागे जाते थे; वे बाल देवताओं के लिये बलिदान करते, और खुदी हुई मूरतों के लिये धूप जलाते गए।

न्यायियों 3:7 (HINIRV) »
इस प्रकार इस्राएलियों ने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया, और अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर बाल नामक देवताओं और अशेरा नामक देवियों की उपासना करने लग गए।
होशे 2:13 का संदर्भ और संदर्भ-आख्यान
इस पद में यहोवा नबियों के माध्यम से उन दैवीय चेतावनियों को दोहराते हैं जो इस्राएल की पापी-प्रवृत्ति के कारण निर्भरताओं के रास्ते से भटक गई थीं। होशे की पुस्तक में पत्नीसुरभि की तरह इस्राएल के साथ यह संकेत है कि वे बाल-देवताओं के लिये धूप-जलाते, नित नए रंगीन वस्त्र-यात्राओं और अपनी "यारों" के पीछे भागती रहें; किन्तु यह सब स्वार्थ, वफादारी की कमी, और ईश्वर के प्रति अविश्वास की निशानियाँ हैं। अंततः यह यहोवा का चेतावनपूर्ण संकेत है कि जो संबंध वह उनके साथ जोड़ा था, वही टूट रहा था, और दण्ड उसका भाग बनेगा।
मुख्य अर्थ
यह वचन इस्राएल की घटनाओं और विश्वासघात को दर्शाता है: भोग-विलास, धूर्तता और परमेश्वर से विमुख होकर दूसरे दैवों के प्रति प्रेम। भगवान कह रहे हैं कि उनके प्रेम और विश्वासघात के कारण दण्डित किया जाएगा, ताकि वे अपने पूर्व रास्ते लौटें और उद्धारकर्ता-प्रभु की ओर फिर से रुख करें।
कुंजी विषय
संबद्ध बाइबिल-उद्धरण
इस भाग के लिए समझ में आने वाले कुछ संबंधी संदर्भ नीचे दिए गए हैं। प्रत्येक पर एक छोटा स्पष्टीकरण:
व्यावहारिक चिंतन
आज के पाठक के लिए यह पाठ संदेश देता है कि सफलता या भोग-उपाधि के पीछे भागना अंततः आंतरिक संबंध को कमजोर करता है। यदि हम अपनी प्राथमिकताओं में ईश्वर को सर्वोच्च स्थान नहीं देते, तो जीवन के अनेक क्षेत्र—समाज, परिवार, आस्थागत जीवन—में असंतुलन आ सकता है। लक्ष्य केवल बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि ईश्वर के सामने निष्ठा की निरंतरता है। यदि हम अपनी गलती मानकर लौटते हैं, तो वादा है कि परमेश्वर हमें फिर से अपनी कृपा की चादर में ले लेेंगे।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप में)
1) योएल 2:13 — आस्था के लिए आत्म-समर्पण और परमेश्वर की दया की मांग।
2) दान31:13 — पाप के पश्चात् पश्चात्ताप और उद्धार का मार्ग खुला रहता है।
3) यहोशू 24:15 — जीवन के निर्णयों में यहोवा के पीछे चलना का दृढ़ संकल्प।
संक्षिप्त निष्कर्ष
होशे 2:13 एक चेतावनी है कि भक्त अपने दिल की गहराई से परमेश्वर के साथ अपने संबंध को प्रमाणीकृत करें, अन्य देवताओं की ओर झुकाव छोड़ दें, और दण्ड से सीख लेकर लौटें। यही संदेश आज भी प्रासंगिक है: भक्ति की सच्ची राह वही है जिसमें ईश्वर के प्रति पूरा समर्पण बना रहे और जीवन के हर क्षेत्र में उसके वचन की पुनः कल्पना और पालन हो।
सूक्ष्म उद्धरण (पुनरावलोकन)
यदि आवश्यक हो, नीचे के लेखक-उद्धरणों में से केवल वही शामिल किए जा सकते हैं जो उपयुक्त हों:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संक्षेप-सम्बन्धित बिंदु-जोड़।